फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Arms license of former MLA Saeed Ahmed and son accused of rape will be canceled

प्रयागराज : पूर्व विधायक सईद अहमद  और दुष्कर्म के आरोपी बेटे के शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त

Sun, 31 Oct 2021 08:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 31 Oct 2021 08:14 PM IST
विज्ञापन
Arms license of former MLA Saeed Ahmed and son accused of rape will be canceled
Prayagraj News : सईद अहमद, पूर्व विधायक। - फोटो : प्रयागराज

सपा के पूर्व विधायक सईद अहमद और दुष्कर्म के आरोपी उसके बेटे के तीन शस्त्र लाइसेंस जल्द ही निरस्त हो सकते हैं। पुलिस की ओर से इस संबंध में रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। इसके लिए पूर्व विधायक व उनके बेटे पर दर्ज मुकदमों को आधार बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि लाइसेंस निरस्तीकरण के आदेश जारी होते ही शस्त्र जमा कराए जाएंगे।

विज्ञापन


पूर्व विधायक के बेटे कवि के खिलाफ हाल ही में सिविल लाइंस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। सिविल लाइंस में ही रहने वाली जिम संचालक युवती ने आरोप लगाया है कि बिजनेस के नाम पर लखनऊ ले जाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर मारपीट, गालीगलौज व धमकी भी दी। इस मामले में अब तक आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है।
विज्ञापन


उधर, पूर्व विधायक सईद अहमद के विरुद्ध भी धोखाधड़ी के मामले में वारंट जारी हुआ है। स्पेशल कोर्ट में लंबित मुकदमों में जमानत न कराने पर यह कार्यवाही की गई है। सूत्रों ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण दोनों आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण का ठोस आधार है। कवि के पास पिस्टल व पूर्व विधायक के नाम दो शस्त्र लाइसेंस हैं। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों लाइसेंसों के निरस्तीकरण की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जमीन के नाम पर धोखाधड़ी
25 नवंबर 2017 को सिविल लाइंस थाने में करेली निवासी नवी बख्श ने पूर्व विधायक सईद अहमद और उनके बेटे कवि अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि सईद अहमद ने सिविल लाइंस में जमीन दिखाई और उसे जमीन दिलाने के नाम पर सहकारी आवास समिति के सचिव से मिलवाया था।

जमीन का 80 लाख में सौदा तय हो गया। पूरा पैसा लेने के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री नहीं की गई। बाद में पता चला कि सईद ने उसी जमीन का कई लोगों से पैसा लेकर एग्रीमेंट किया है। विवेचना के दौरान विवेचक ने सईद अहमद के बेटे का नाम मुकदमे से निकाल दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed