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UPPSC : एक दशक बाद भी पूरी नहीं हुई एपीएस भर्ती, अभ्यर्थियों का आरोप, कोर्ट में प्रभावी पैरवी नहीं कर रहा आयोग

Sun, 23 Jul 2023 02:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 Jul 2023 02:08 PM IST
सार

एपीएस-2013 के तहत लिखित, टाइप और शॉर्टहैंड की परीक्षा हो चुकी है। इसका परिणाम भी जारी किया जा चुका है। तीसरे चरण की कंप्यूटर ज्ञान परीक्षा होनी थी, लेकिन इससे पहले ही आयोग ने परीक्षा निरस्त कर दी। आयोग ने माना था कि विज्ञापन गलत जारी हो गया था, जिसकी वजह से परीक्षा निरस्त करनी पड़ी।

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APS recruitment not completed even after a decade, candidates allege, UPPSC is not doing effective lobby
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) एक दशक पुरानी अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती अब तक पूरी नहीं कर सका। इस भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2013 में जारी किया गया था। आयोग के पास एपीएस के नए 300 पदों का अधियाचन भी आ चुका है। इसके बावजूद नई भर्ती के इंतजार में अभ्यर्थी ओवरएज हो रहे हैं।

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एपीएस-2013 के तहत लिखित, टाइप और शॉर्टहैंड की परीक्षा हो चुकी है। इसका परिणाम भी जारी किया जा चुका है। तीसरे चरण की कंप्यूटर ज्ञान परीक्षा होनी थी, लेकिन इससे पहले ही आयोग ने परीक्षा निरस्त कर दी। आयोग ने माना था कि विज्ञापन गलत जारी हो गया था, जिसकी वजह से परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। साथ ही पुनर्परीक्षा कराने के लिए आयोग ने बाद में पुराने अभ्यर्थियों से दोबारा आवेदन भी लिए।
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इसके बावजूद यह भर्ती अब तक अधूरी पड़ी है। आयोग ने पुनर्परीक्षा भी नहीं कराई। मामला अब कोर्ट में है। जो अभ्यर्थी लिखित और टाइप एवं शॉटहैंड परीक्षा उत्तीर्ण कर कंप्यटर ज्ञान परीक्षा तक पहुंचे, वे चाहते हैं कि पुनर्परीक्षा न हो, बल्कि पुरानी परीक्षा को ही पूरा कराया जाए। इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे उमेश चंद्र पांडेय और अन्य अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग कोर्ट में प्रभावी पैरवी नहीं कर रहा है।
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आयोग मामले को टाले रखना चाहता है, जिसकी वजह से अभ्यर्थी एक दशक से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। आयोग को एपीएस के 300 से अधिक पदों का अधिचायन भी मिल चुका है, लेकिन नई भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया जा रहा। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और आयोग के अध्यक्ष से मांग भी की है कि पुरानी और नई भर्ती में जितना अंतराल होगा, अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में उतने ही वर्षों की छूट मिले।

पांच साल से एलटी ग्रेड भर्ती का इंतजार, सौंपा ज्ञापन

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पांच वर्षों से नहीं हुई है। पिछला विज्ञापन मार्च-2018 में जारी किया गया था। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को छह हजार से अधिक पदों का अधियाचन मिल चुका है, लेकिन आयोग नई भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं कर रहा। इस मुद्दे पर प्रतियोगी छात्रों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।

अभ्यर्थियों ने एलटी ग्रेड शिक्षक के साथ प्रवक्ता जीआईसी के पदों पर भी भर्ती शीघ्र शुरू करने की मांग की है। प्रतियोगियों का दावा है कि आयोग को प्रवक्ता के पांच हजार से अधिक रिक्त पदों का अधियाचन मिल चुका है। प्रतियोगी छात्रों ने आयोग के सचिव को प्रेषित ज्ञापन में यह मांग भी की है कि कोविड काल में भर्ती परीक्षाएं ठप होने के कारण जो अभ्यर्थी ओवरएज हो गए हैं, उन्हें आगामी भर्तियों में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्षों की छूट दी जाए। ज्ञापन देने वालों में शीतला प्रसाद ओझा, संदीप यादव, प्रिया यादव, सुनील कुमार वर्मा, सुभाष चंद्र, आशुतोष मिश्रा, अरविंद, हनुमान प्रसाद आदि शामिल रहे। 

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