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बिना अधिकार वैक्सीन लगाने के आरोपी मेडिकल छात्र की जमानत मंजूर

Wed, 23 Jun 2021 08:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Jun 2021 08:29 PM IST
सार

  • वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के दौरान वैक्सीन लगाने का छात्र पर आरोप

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Approved bail of medical student accused of applying vaccine without rights
bail

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना अनुमति और अधिकार के कोविड 19 की वैक्सीन लगाने के आरोपी मेडिकल छात्र की जमानत मंजूर करते हुए उसके रिहा करने का आदेश दिया है। छात्र पर कोविड वैक्सीन नैदानिक परीक्षण नियमों का उल्लंघन करने और आवश्यक दस्तावेजों व अनुमति के बिना वैक्सीन लगाने में शामिल होने का आरोप  है।
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हिमगिरी जी विश्वविद्यालय, देहरादून, उत्तराखंड के संस्थान में नैदानिक अनुसंधान का अध्ययन कर रहे छात्र सुधाकर यादव की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने सुनवाई की। छात्र पर गौतमबुद्ध नगर के दादरी थाने में  भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम की धारा 15 (2), 15 (3) और आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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आरोप है कि फरवरी 2021 में चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी, दादरी को पता चला कि गोपाल पैथोलॉजी लैब में आम जनता को कोरोना वायरस का नि:शुल्क टीका लगाया जा रहा है और इसके बाद मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। जिसके बाद इस मामले की जांच डॉ. संजीव कुमार और ड्रग इंस्पेक्टर बागपत ने की। जांच के दौरान पाया गया कि एक एनजीओ के सहयोग से नि:शुल्क कोरोना टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया था और जब जांच अधिकारी लैब में पहुंचे तो एक व्यक्ति वैक्सीन का इंजेक्शन लगा रहा था।

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पूछने पर जांच टीम को बताया कि वह लोग फ्लोर्स अस्पताल के कर्मचारी हैं और जिन्हें अस्पताल द्वारा टीकाकरण के लिए अधिकृत किया गया है, लेकिन जब निरीक्षण दल ने इस संबंध में कागज की मांग की, तो उनके पास इस संबंध में कोई कागजात नहीं मिले। याची के वकील कहना था कि वह निर्दोष है और उसे वर्तमान मामले में झूठा फंसाया गया है और वह इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च इंडिया (आईसीआरआई) की देखरेख में देहरादून स्थित एक विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे एमएससी, क्लिनिकल रिसर्च का कोर्स कर रहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले के तथ्यों पर साक्ष्यों पर विचार करने के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

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