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क्षैतिज आरक्षण कोटे के रिक्त पदों पर शीघ्र होगी नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 05 Jan 2018 01:09 AM IST
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- फोटो : getty images
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सूबे के प्राथमिक विद्यालयों में 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती के तहत ऐसे रिक्त पद जो क्षैतिज आरक्षण के तहत नहीं भरे जा सके, उन पर जल्दी ही सामान्य अभ्यर्थियों की भर्ती होगी। हाईकोर्ट में दाखिल एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने इस आशय का हलफनामा दिया है कि सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने जिलों में क्षैतिज आरक्षण से भरे जाने वाले रिक्त पदों पर 15 दिन में नियुक्तियां कर लें।
जौनपुर की वंदना सिंह और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 16448 पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ति के 16 जून 2016 को शासनादेश जारी हुआ था। तमाम जिलों में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्षैतिज आरक्षण (एक्स सर्विस मेन, सेनानी आश्रित आदि) कोटे की सीटें योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण रिक्त रह गईं हैं। प्रदेश सरकार ने सात अप्रैल 2016 को नियम संशोधित करते हुए रिक्त पदों को कैरी फारवर्ड करने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसलिए इन बचे पदों पर याचीगण को नियुक्ति दी जाए।
कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव और बीएसए जौनपुर को निर्देश दिया था कि रिक्त पदों पर याचीगण को नियुक्ति देने पर निर्णय लिया जाए। इस आदेश के बाद परिषद की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई। याचिका की सुनवाई के दौरान परिषद के सचिव की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस आशय का निर्देश जारी किया गया है कि 15 दिन के भीतर क्षैतिज आरक्षण के रिक्त रह गए पदों पर सामान्य अभ्यर्थियों की भर्तियां कर ली जाएं।
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जौनपुर की वंदना सिंह और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 16448 पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ति के 16 जून 2016 को शासनादेश जारी हुआ था। तमाम जिलों में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्षैतिज आरक्षण (एक्स सर्विस मेन, सेनानी आश्रित आदि) कोटे की सीटें योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण रिक्त रह गईं हैं। प्रदेश सरकार ने सात अप्रैल 2016 को नियम संशोधित करते हुए रिक्त पदों को कैरी फारवर्ड करने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसलिए इन बचे पदों पर याचीगण को नियुक्ति दी जाए।
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कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव और बीएसए जौनपुर को निर्देश दिया था कि रिक्त पदों पर याचीगण को नियुक्ति देने पर निर्णय लिया जाए। इस आदेश के बाद परिषद की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई। याचिका की सुनवाई के दौरान परिषद के सचिव की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस आशय का निर्देश जारी किया गया है कि 15 दिन के भीतर क्षैतिज आरक्षण के रिक्त रह गए पदों पर सामान्य अभ्यर्थियों की भर्तियां कर ली जाएं।
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