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सवालों के नए ट्रेंड से चकराए अभ्यर्थी
Mon, 03 Jun 2019 12:01 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 03 Jun 2019 12:01 AM IST
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प्रयागराज
- फोटो : Prayagraj
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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को प्रयागराज के 96 केंद्रों में आयोजित की गई। परीक्षा में कुछ नयापन लाने के लिए इस बार यूपीएससी ने परंपरागत सवालों से हटकर नए टेंड पर जानकारी आधारित सवाल पूछे। नए ट्रेंड के सवाल देखकर अभ्यर्थी चकरा गए और पेपर हल करने में उन्हें पसीना छूट गया।
इस बार प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन के पेपर में युग्म सुमेलित करने वाले सवालों की अधिकता रही। अभ्यर्थियों को पिछले चार-पांच साल के मुकाबले इस बार का पेपर काफी कठिन लगा। अभ्यर्थी शमीम अहमद, सुमंत दुबे, शुचिता श्रीवास्तव और प्रतीक्षा ने बताया कि इस बार पेपर काफी कठिन था और इसमें समसामयिक मुद्दों एवं योजनाओं से जुड़े सवालों की संख्या काफी कम थी। द कॅरियर वर्ल्ड के निदेशक दीपक सिंह के अनुसार इस बार पेपर में काफी परिवर्तन किया गया और यह जानने की कोशिश की गई कि अभ्यर्थियों को विषयों की तथ्यपरक विस्तृत जानकारी है या नहीं।
इस बार सामान्य विज्ञान से जुड़े तकरीबन आधा दर्जन सवाल पूछे गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। इसी तरह पूर्व की परीक्षाओं में टेक्नोलॉजी से संबंधित दो या तीन सवाल आते थे लेकिन इस बार साल प्रश्न पूछे गए। इतिहास के सवाल भी अधिक आए। प्राचीन इतिहास एवं मध्यकालीन इतिहास से आठ सवाल आए जबकि आधुनिक इतिहास से भी खासी संख्या में सवाल पूछे गए। ऐसे में इतिहास विषय के अभ्यर्थियों को पेपर ने थोड़ी राहत दी। इसके अलावा कृषि से छह सवाल, राजव्यवस्था से 14 और अर्थशास्त्र से तकरीबन 12 सवाल आए। समसामयिक मुद्दों और योजनाओं से जुड़े सवालों की संख्या कम होने के कारण परंपरागत रूप से तैयारी कर परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों को झटका लगा।
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सीसैट के पेपर ने भी चौंकाया
आईएएस प्रारंभिक परीक्षा की पहली पाली में सामान्य अध्ययन का पेपर था, जिसके आधार पर मेरिट बनेगी। वहीं, दूसरी पाली में सीसैट का पेपर था जो क्वालीफाइंग होता है। सीसैट के पेपर में अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है। हालांकि इसके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते हैं लेकिन, क्वालीफाई करने के बाद ही सामान्य अध्ययन के पेपर के आधार पर बनने वाली मेरिट में शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार सीसैट का पेपर भी काफी कठिन लगा।
केवल 12 फीसदी को आसान लगा पेपर
परीक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के एक समूह पर किए गए सर्वे की रिपोर्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। रिपोर्ट के अनुसार केवल 12 फीसदी अभ्यर्थियों को ही पेपर आसान लगा। 36 फीसदी अभ्यर्थियों ने पेपर को औसत बताया जबकि 39 फीसदी ने पेपर को कठिन माना है। वहीं, 13 अभ्यर्थियों को पेपर बहुत कठिन लगा।
आधे अभ्यर्थियों ने छोड़ दी परीक्षा
आईएएस प्रारंभिक परीक्षा आधे अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। प्रयागराज के 96 केंद्रों में परीक्षा देने के लिए 43 हजार 387 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सुबह 9.30 से 11.30 बजे की पाली में हुई सामान्य अध्ययन की परीक्षा में 21 हजार 197 (51.16 फीसदी) फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। वहीं, दोपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे की दूसरी पाली में हुई सीसैट की परीक्षा में 21834 (50.30 फीसदी) अभ्यर्थी शामिल हुए। माना जा रहा है कि पहली पाली में सामान्य अध्ययन का पेपर कठिन आने के कारण कई अभ्यर्थी की परीक्षा खराब हो गई और इसी वजह से उनमें से 363 अभ्यर्थी दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।
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इस बार प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन के पेपर में युग्म सुमेलित करने वाले सवालों की अधिकता रही। अभ्यर्थियों को पिछले चार-पांच साल के मुकाबले इस बार का पेपर काफी कठिन लगा। अभ्यर्थी शमीम अहमद, सुमंत दुबे, शुचिता श्रीवास्तव और प्रतीक्षा ने बताया कि इस बार पेपर काफी कठिन था और इसमें समसामयिक मुद्दों एवं योजनाओं से जुड़े सवालों की संख्या काफी कम थी। द कॅरियर वर्ल्ड के निदेशक दीपक सिंह के अनुसार इस बार पेपर में काफी परिवर्तन किया गया और यह जानने की कोशिश की गई कि अभ्यर्थियों को विषयों की तथ्यपरक विस्तृत जानकारी है या नहीं।
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इस बार सामान्य विज्ञान से जुड़े तकरीबन आधा दर्जन सवाल पूछे गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। इसी तरह पूर्व की परीक्षाओं में टेक्नोलॉजी से संबंधित दो या तीन सवाल आते थे लेकिन इस बार साल प्रश्न पूछे गए। इतिहास के सवाल भी अधिक आए। प्राचीन इतिहास एवं मध्यकालीन इतिहास से आठ सवाल आए जबकि आधुनिक इतिहास से भी खासी संख्या में सवाल पूछे गए। ऐसे में इतिहास विषय के अभ्यर्थियों को पेपर ने थोड़ी राहत दी। इसके अलावा कृषि से छह सवाल, राजव्यवस्था से 14 और अर्थशास्त्र से तकरीबन 12 सवाल आए। समसामयिक मुद्दों और योजनाओं से जुड़े सवालों की संख्या कम होने के कारण परंपरागत रूप से तैयारी कर परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों को झटका लगा।
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सीसैट के पेपर ने भी चौंकाया
आईएएस प्रारंभिक परीक्षा की पहली पाली में सामान्य अध्ययन का पेपर था, जिसके आधार पर मेरिट बनेगी। वहीं, दूसरी पाली में सीसैट का पेपर था जो क्वालीफाइंग होता है। सीसैट के पेपर में अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है। हालांकि इसके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते हैं लेकिन, क्वालीफाई करने के बाद ही सामान्य अध्ययन के पेपर के आधार पर बनने वाली मेरिट में शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार सीसैट का पेपर भी काफी कठिन लगा।
केवल 12 फीसदी को आसान लगा पेपर
परीक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के एक समूह पर किए गए सर्वे की रिपोर्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। रिपोर्ट के अनुसार केवल 12 फीसदी अभ्यर्थियों को ही पेपर आसान लगा। 36 फीसदी अभ्यर्थियों ने पेपर को औसत बताया जबकि 39 फीसदी ने पेपर को कठिन माना है। वहीं, 13 अभ्यर्थियों को पेपर बहुत कठिन लगा।
आधे अभ्यर्थियों ने छोड़ दी परीक्षा
आईएएस प्रारंभिक परीक्षा आधे अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। प्रयागराज के 96 केंद्रों में परीक्षा देने के लिए 43 हजार 387 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सुबह 9.30 से 11.30 बजे की पाली में हुई सामान्य अध्ययन की परीक्षा में 21 हजार 197 (51.16 फीसदी) फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। वहीं, दोपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे की दूसरी पाली में हुई सीसैट की परीक्षा में 21834 (50.30 फीसदी) अभ्यर्थी शामिल हुए। माना जा रहा है कि पहली पाली में सामान्य अध्ययन का पेपर कठिन आने के कारण कई अभ्यर्थी की परीक्षा खराब हो गई और इसी वजह से उनमें से 363 अभ्यर्थी दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।