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68500 अध्यापक भर्ती में पुनर्मूल्यांकन पर जवाब तलब
Wed, 29 Jul 2020 10:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 29 Jul 2020 10:11 PM IST
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- फोटो : social media
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की उत्तर पंजिका के पुनर्मूल्यांकन के समय कुछ प्रश्नों को छोड़ देने को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार के अधिवक्ता से जानकारी मांगी है। याचिका की अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने अभिषेक कुमार बाजपेयी की याचिका पर दिया है। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा का कहना है कि उनकी उत्तर पंजिका का पुनर्मूल्यांकन किया गया। 5 अंक बढे़ भी हैं, लेकिन कुछ ऐसे प्रश्नों की जांच नहीं की गई है, जिनकी पंजिका में कटिंग रही है।
अनिरुद्ध नारायण शुक्ल केस के निर्देश का पालन नहीं किया गया है। यदि प्रश्नों के उत्तर नहीं जांचे गए तो उसका कारण बताया जाना चाहिए। राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने जानकारी लेने के लिए समय मांगा कि याची के सही उत्तर की जांच की गई, अथवा नहीं और यदि नहीं तो किस कारण से नहीं की गई है।
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कोर्ट ने सात अगस्त की सुनवाई की तिथि तय करते हुए सरकार से हलफनामा मांगा है। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि उक्त अध्यापक भर्ती में दो बार पुनर्मूल्यांकन कराया गया है। ऐसे में बार-बार इसी प्रक्रिया को अपनाने से भर्ती में अनावश्यक विलंब होगा।
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यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने अभिषेक कुमार बाजपेयी की याचिका पर दिया है। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा का कहना है कि उनकी उत्तर पंजिका का पुनर्मूल्यांकन किया गया। 5 अंक बढे़ भी हैं, लेकिन कुछ ऐसे प्रश्नों की जांच नहीं की गई है, जिनकी पंजिका में कटिंग रही है।
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अनिरुद्ध नारायण शुक्ल केस के निर्देश का पालन नहीं किया गया है। यदि प्रश्नों के उत्तर नहीं जांचे गए तो उसका कारण बताया जाना चाहिए। राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने जानकारी लेने के लिए समय मांगा कि याची के सही उत्तर की जांच की गई, अथवा नहीं और यदि नहीं तो किस कारण से नहीं की गई है।
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कोर्ट ने सात अगस्त की सुनवाई की तिथि तय करते हुए सरकार से हलफनामा मांगा है। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि उक्त अध्यापक भर्ती में दो बार पुनर्मूल्यांकन कराया गया है। ऐसे में बार-बार इसी प्रक्रिया को अपनाने से भर्ती में अनावश्यक विलंब होगा।