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देह व्यापार की रोकथाम के लिए विशेष अदालतें बनाने पर जवाब तलब
Tue, 08 Dec 2020 07:18 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 08 Dec 2020 07:18 PM IST
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मुकदमा
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अनैतिक देह व्यापार निरोधक कानून को और सख्ती से लागू करने के लिए विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह मामला देह व्यापार की रोकथाम और इससे जुड़े लोगों के पुनर्वास की दिशा में काम कर रही संस्था गुड़िया ने जनहित याचिका के माध्यम से उठाया है। याचिका की सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर अधिवक्ता राज कुमार केशरी ने बहस की। याची का कहना है कि कोविड 19 प्रतिबंधों के बावजूद देह व्यापार बढ़ता जा रहा है। अदालतों की कमी के कारण आरोपियों को सजा नहीं हो पा रही है। याचिका में संस्था के रिसर्च सहित सरकारी दस्तावेजों का सहारा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है और कहा गया है कि कोर्ट की कमी के चलते उचित कदम उठाने मे देरी हो रही है। मामले में कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।
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याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर अधिवक्ता राज कुमार केशरी ने बहस की। याची का कहना है कि कोविड 19 प्रतिबंधों के बावजूद देह व्यापार बढ़ता जा रहा है। अदालतों की कमी के कारण आरोपियों को सजा नहीं हो पा रही है। याचिका में संस्था के रिसर्च सहित सरकारी दस्तावेजों का सहारा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है और कहा गया है कि कोर्ट की कमी के चलते उचित कदम उठाने मे देरी हो रही है। मामले में कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।
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