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एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 21 लाख की एक और ठगी

Wed, 18 Aug 2021 03:28 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Wed, 18 Aug 2021 03:28 PM IST
सार

शहर में एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 21 लाख रुपये की ठगी का एक और मामला सामने आया है। पूर्व में हुए एक अन्य मामले की तरह ही इसमें भी छात्रा व उसके पिता को मेडिकल कॉलेज में बुलाकर ठगी की गई।

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Another fraud of 21 lakhs in the name of MBBS admission
Another fraud of 21 lakhs in the name of MBBS admission

विस्तार

शहर में एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 21 लाख रुपये की ठगी का एक और मामला सामने आया है। पूर्व में हुए एक अन्य मामले की तरह ही इसमें भी छात्रा व उसके पिता को मेडिकल कॉलेज में बुलाकर ठगी की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि लिखित शिकायत के बावजूद कोतवाली पुलिस ने मामले की रिपोर्ट नहीं दर्ज की। उधर, पूर्व में दर्ज हुए 17 लाख की ठगी के मामले में भी कोतवाली पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है।

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पीड़ित छात्रा उतरांव थाना क्षेत्र के मुईनुद्दीनपुर नई बाजार की रहने वाली है। पिता का आरोप है कि मई में बेटी का एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर उससे 17 लाख रुपये की ठगी की गई। मेडिकल कॉलेज कैंपस में बुलाकर रुपये ले लिए गए और इस दौरान झांसे में लेने के लिए फर्जी काउंसलिंग भी कराई गई।
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आरोपियों में शामिल सचिन, आदर्श सिंह व पंकज खटिक ने मेडिकल कॉलेज का अफसर बनकर इस ठगी को अंजाम दिया। भुक्तभोगी ने मामले की शिकायत कोतवाली थाने में की लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई। इसके बाद वह शिकायती पत्र लेकर उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा और कार्रवाई की गुहार लगाई। रिपोर्ट तब भी नहीं दर्ज हुई। यह हाल तब है जब एक ऐसा ही मामला पूर्व में भी सामने आ चुका है, जिसमें प्रतापगढ़ निवासी सुरेंद्र यादव से एमबीबीएस में बेटी के दाखिले के नाम पर 17 लाख रुपये ठग लिए गए थे।

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Another fraud of 21 lakhs in the name of MBBS admission
MBBS - फोटो : सोशल मीडिया
चौकी इंचार्ज भेज रहे नोटिस, कोतवाल को जानकारी नहीं
इस प्रकरण में पुलिस की हीलाहवाली इसी से पता चलती है कि चौकी पुलिस की ओर से जहां खानापूर्ति करते हुए भुक्तभोगी को महज बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जा रहा है, वहीं कोतवाली प्रभारी शिकायत मिलने की बात से ही इंकार कर रहे हैं। गौरतलब है कि शिकायत पर उच्चाधिकारियों की ओर से कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। लेकिन एफआईआर दर्ज करने की जगह कोतवाली पुलिस सिर्फ लीपापोती में जुटी है। मंगलवार को इस मामले में बात की गई तो कोतवाली प्रभारी नरेंद्र प्रसाद ने ऐसी कोई भी शिकायत मिलने से ही इंकार कर दिया। जबकि पुख्ता सूत्रों का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद पूर्व में दर्ज मामले की विवेचना में जुटे दरोगा ने भुक्तभोगी को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने को कहा है।

भटका रहा पिता, तीन महीने बाद भी कार्रवाई नहीं
उधर एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर 17 लाख की ठगी के मामले में तीन महीने बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। भुक्तभोगी सुरेंद्र यादव का कहना है कि पूछने पर हर बार विवेचक की ओर से यही कहा जाता है कि वह अभी कुछ बता नहीं पाएंगे। उधर कोतवाली प्रभारी नरेंद्र प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विवेचना का मामला है। इतनी जल्दी कार्रवाई नहीं होती। गौरतलब है कि सुरेंद्र की ओर से कोतवाली थाने में मई में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में पता चला था कि ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य नोएडा से तीन महीने पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
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