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प्रयागराज : संगम की रेती पर माघ मेला के लिए भूमि आवंटन की तिथियों का एलान
Mon, 13 Dec 2021 10:08 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 13 Dec 2021 10:08 PM IST
सार
गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम तट पर 16 दिसंबर को माघ मेला निर्विघ्न बसाने की कामना से गंगा पूजन होगा। गंगा पूजन मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय करेंगे। यह जानकारी उप जिलाधिकारी मेला संत कुमार ने दी है।
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Prayagraj News : माघ मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
- फोटो : प्रयागराज
विस्तार
गंगा में कटान से पिछड़ी तैयारियों के बीच सोमवार को माघ मेला बसाने के लिए भूमि आवंटन की तिथियां घोषित कर दी गईं। भूमि आवंटन 22 दिसंबर से शुरू होगा। पांच जनवरी तक साधु-संतों, तीर्थ पुरोहितों और आध्यात्मिक संस्थाओं को भूमि आवंटित की जाएगी। तिथियां आवंटित होने के साथ ही कई संस्थाओं के बीच भूमि सुविधा बढ़ाने के लिए खींचतान तेज हो गई है।
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माघ मेला बसाने के लिए सबसे पहले दंडीबाड़ा को भूमि आवंटित की जाएगी। इस आध्यात्मिक संस्था के 127 से अधिक शिविरों के लिए दो दिन तक 22-23 को भूमि आवंटन किया जाएगा। इसी तरह 24 और 25 दिसंबर को खाक चौक के संतों को भूमि आवंटित की जाएगी। खाक चौक की भूमि का 50 बीघा से अधिक हिस्सा इस बार कटान में बह गया है। खाक चौक के संत कटान से प्रभावित भूमि को संगम लोवर मार्ग पर आवंटित करने के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
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इसके बाद 26 और 27 दिसंबर को स्वामी रामानुज नगर (आचार्य बाड़ा) के लिए भूमि आवंटित की जाएगी। आचार्य बाड़ा में भी भूमि सुविधा बढ़ाने के लिए संतों में खींचतान तेज हो गई है। मेला प्रशासन की ओर से जारी तिथियों के अनुसार 31 दिसंबर को संगम लोवर मार्ग, संगम अपर मार्ग, सरस्वती मार्ग, महावीर जी मार्ग पर भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी तरह एक जनवरी 2022 को अन्नपूर्णा मार्ग पर बसने वाली आध्यात्मिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के नाम भूमि आवंटन किया जाएगा।
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दो जनवरी को तुलसी मार्ग एवं जीटी रोड, तीन जनवरी को त्रिवेणी मार्ग, चार जनवरी को काली मार्ग और पांच जनवरी को सेक्टर एक एवं दो, परेड, शास्त्री गाटा, कबीर नगर, समुद्र कूप मार्ग एवं इंटरलॉकिंग मार्ग सेक्टर-तीन में बसने वाली संस्थाओं को भूमि आवंटन किया जाएगा। इसी दिन रामानुज मार्ग पर भूमि का आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा पांच जनवरी को ही अरैल एवं अन्य स्थानों की संस्थाओं को भूमि आवंटन किया जाएगा।
Prayagraj News : माघ मेले की तैयारी जोरों पर चल रही है।
- फोटो : प्रयागराज
माघ मेला निर्विघ्न बसाने के लिए संगम पर 16 को गंगा पूजन
गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम तट पर 16 दिसंबर को माघ मेला निर्विघ्न बसाने की कामना से गंगा पूजन होगा। गंगा पूजन मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय करेंगे। यह जानकारी उप जिलाधिकारी मेला संत कुमार ने दी है।
भूमि आवंटन के दो दिन बाद मिलेगी सुविधा पर्ची, दिखाना होगा आधार कार्ड
भूमि आवंटन के दो दिन बाद सुविधा पर्ची जारी की जाएगी। सुविधा पर्चियों के लिए पहचान युक्त फोटो और आधार कार्ड लाना होगा। प्रत्येक संस्थाओं को मेले की संपूर्ण अवधि माघी पूर्णिमा तक शिविर बनाए रखना होगा। कोविड-19 के तहत जारी प्रोटोकॉल का मेले में आने वाले संतों, भक्तों और संस्थाओं को हर हाल में करना होगा।
ब्लैक लिस्ट संस्थाओं को नहीं मिलेंगी भूमि सुविधाएं
पिछले महाकुंभ, कुंभ, अर्द्ध कुंभ और माघ मेला में टिन, टेंटेज, फर्नीचर की सुविधाएं वापस न करने की वजह से ब्लैक लिस्ट संस्थाओं को इस बार भूमि आवंटित नहीं की जाएगी। जिन धार्मिक संस्थाओं, प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों ने पिछले वर्षों में सामान वापस नहीं किया है, उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा। टेंटेज और फर्नीचर वापस न करने वालों को चेताया गया है। मेला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पिछले मेलों में सुविधाएं लेकर वापस न करने वालों को मौजूदा वर्ष किसी भी प्रकार की भूमि एवं सुविधा नहीं दी जाएगी।
गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम तट पर 16 दिसंबर को माघ मेला निर्विघ्न बसाने की कामना से गंगा पूजन होगा। गंगा पूजन मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय करेंगे। यह जानकारी उप जिलाधिकारी मेला संत कुमार ने दी है।
भूमि आवंटन के दो दिन बाद मिलेगी सुविधा पर्ची, दिखाना होगा आधार कार्ड
भूमि आवंटन के दो दिन बाद सुविधा पर्ची जारी की जाएगी। सुविधा पर्चियों के लिए पहचान युक्त फोटो और आधार कार्ड लाना होगा। प्रत्येक संस्थाओं को मेले की संपूर्ण अवधि माघी पूर्णिमा तक शिविर बनाए रखना होगा। कोविड-19 के तहत जारी प्रोटोकॉल का मेले में आने वाले संतों, भक्तों और संस्थाओं को हर हाल में करना होगा।
ब्लैक लिस्ट संस्थाओं को नहीं मिलेंगी भूमि सुविधाएं
पिछले महाकुंभ, कुंभ, अर्द्ध कुंभ और माघ मेला में टिन, टेंटेज, फर्नीचर की सुविधाएं वापस न करने की वजह से ब्लैक लिस्ट संस्थाओं को इस बार भूमि आवंटित नहीं की जाएगी। जिन धार्मिक संस्थाओं, प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों ने पिछले वर्षों में सामान वापस नहीं किया है, उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा। टेंटेज और फर्नीचर वापस न करने वालों को चेताया गया है। मेला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पिछले मेलों में सुविधाएं लेकर वापस न करने वालों को मौजूदा वर्ष किसी भी प्रकार की भूमि एवं सुविधा नहीं दी जाएगी।