प्रयागराज : महाधिवक्ता कार्यालय तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले ही कर्मचारी ने तोड़ा दम
पंकज महाधिवक्ता कार्यालय में संविदा पर तैनात था। वह खुल्दाबाद में यूनानी गली का रहने वाला था और कोर्ट नंबर 21 में फाइल पहुंचाता था। शुक्रवार को भी सुनवाई होने के बाद वह कुछ फाइलों को लेकर महाधिवक्ता कार्यालय पहुंचा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट से सटे प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता कार्यालय तक एंबुलेंस के न पहुंच सकने के चलते महाधिवक्ता कार्यालय के कर्मचारी पंकज श्रीवास्तव की मौत हो गई। अचानक तबियत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया जाना था लेकिन बेतरतीब खड़े वाहनों के चलते एंबुलेंस कार्यालय तक नहीं पहुंच सकी। नतीजा यह हुआ कि उसे समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और उसकी मौत हो गई।
पंकज महाधिवक्ता कार्यालय में संविदा पर तैनात था। वह खुल्दाबाद में यूनानी गली का रहने वाला था और कोर्ट नंबर 21 में फाइल पहुंचाता था। शुक्रवार को भी सुनवाई होने के बाद वह कुछ फाइलों को लेकर महाधिवक्ता कार्यालय पहुंचा। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। अन्य कर्मचारियों के फोन से सूचना देने पर एंबुलेंस तो आ गई लेकिन वाहनों को बेतरतीब तरीके से पार्क किए जाने के चलते महाधिवक्ता कार्यालय तक नहीं पहुंच सकी।
उधर उसकी हालत बिगड़ती ही जा रही थी। जिसके बाद साथी कर्मचारी उसे खाट पर लेटाकर हनुमान मंदिर चौराहे तक लाए। इसके बाद उसे सिविल लाइंस स्थित निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। घटना को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी भी रही। उनका कहना था कि वाहन बेतरतीब ढंग से न खड़े किए गए होते तो शायद पंकज की जान न जाती। उसे समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है।
शासकीय अधिवक्ता आफिस में लगी आग, नहीं पहुंच सका दमकल
इलाहाबाद हाईकोर्ट केसामने स्थित नौ मंजिला महाधिवक्ता भवन के भूतल पर स्थित शासकीय अधिवक्ता के कार्यालय में शुक्रवार को आग लग गई। आग शार्ट सर्किट होने की वजह से लगना बताया जा रहा है।
कार्यालय के अधिकारियों ने दमकल बुलाया लेकिन गाडिय़ों की सड़क पर ही बेतरतीब पार्किंग के चलते दमकल नहीं पहुंच पाया। वहां मौजूद वकीलों व शासकीय कर्मचारियों ने किसी तरह समय रहते आग पर काबू पा लिया। वहां के कर्मचारियों के बीच इस बात की चर्चा रही कि अगर आग पर काबू नहीं पाया गया होता तो न केवल जानमाल का नुकसान होता बल्कि तमाम सरकारी रिकार्ड नष्ट हो सकते थे।
उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता का कार्यालय इलाहाबाद हाईकोर्ट से सटा सड़क पार दक्षिण साइड में स्थित है। यह भवन नौ मंजिला है। इसमें महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ताओं के अलावा सैकड़ों की संख्या में सरकारी वकीलों व अन्य कर्मचारियों के चैम्बर है। सरकारी फाइलों का रिकार्ड भी इसी भवन में रखा है। आज घटी इन घटनाओं से सरकार ने सबक नहीं लिया तो वाहनों की पहुंच न होने से कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।