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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Amar Ujala Exclusive: What was Akhara Parishad President Narendra Giri doing before his death 

अमर उजाला एक्सक्लूसिव: संदिग्ध हालात में मौत से पहले आखिर क्या कर रहे थे अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि?

Mon, 20 Sep 2021 08:53 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Mon, 20 Sep 2021 08:53 PM IST
सार

भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि नहीं रहे। सोमवार को उनका शव अल्लापुर में बाघंबरी गद्दी मठ के कमरे से मिला। पुलिस ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरि की मौत संदिग्ध हालात में हुई है, इसलिए मामले की जांच की जाएगी। इस बीच, उनके मठ में मौजूद एक व्यक्ति ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर अमर उजाला डॉट कॉम को बताया कि मौत से कुछ घंटों पहले तक नरेंद्र गिरि कहां थे और क्या कर रहे थे...
 

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Amar Ujala Exclusive: What was Akhara Parishad President Narendra Giri doing before his death 
महंत नरेंद्र गिरि की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : prayagraj

विस्तार

मठ के अंदर मौजूद सूत्र के मुताबिक, आज सुबह साढ़े ग्यारह से दोपहर बारह बजे के बीच महंत नरेंद्र गिरि ने खाना खाया। वे सामान्य लग रहे थे। हालांकि, किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहे थे। फिर अपने कमरे में आराम करने चले गए। दोपहर दो बजे वे नीचे आए। आमतौर पर वे दोपहर को तीन से चार बजे के बीच में नीचे आते हैं, लेकिन आज जल्दी आ गए। नीचे आने के बाद सीधे गेस्ट हाउस वाले रूम में चले गए।

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मठ के अंदर बाकी लोगों का जाना माना
मठ के अंदर ही गेस्ट हाउस भी है, वहां आमतौर पर बाकी लोगों का जाना माना होता है, लेकिन शाम 4 बजे के करीब मठ का एक शिष्य उन्हें चाय देने गया। पहले जब वह उनके कमरे में ऊपर गया तो मालूम हुआ कि वो नीचे हैं। नीचे मौजूद गेस्ट हाउस का कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा काफी देर खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं आया तो दरवाजे को तोड़ दिया गया। अंदर गमछे से फांसी पर उनका शव लटका मिला। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और परिसर में मौजूद सभी शिष्यों को अपने कमरों में जाने के लिए कह दिया गया।
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वसीयतनुमा जैसा सुसाइड नोट
पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने सुसाइड नोट वसीयत की तरह लिखा है। किसका ध्यान रखा जाना है और किसे क्या सौंपा जाना है, इसका इस नोट में जिक्र है। इस नोट में उन्होंने खुद कबूला है कि उन्होंने आत्महत्या की है। उनका शव गेस्ट हाउस में पंखे से लटका मिला था। उन्होंने नोट में लिखा है कि मैं सम्मान के साथ रहा हूं। अब सम्मान के बिना नहीं रह सकता।
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मठ के सेवादारों से पूछताछ 
पुलिस अधिकारियों ने मठ के सेवादारों से पूछताछ की है। सोमवार को सुबह से ही मठ आने और जाने वालों की सूची भी मांगी गई है। महंत नरेंद्र गिरी के मोबाइल नंबर की भी जांच की जा रही है। 


पोस्टमार्टम रिपोर्ट से आएगा सच सामने
घटना के बाद से जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। उनका शव फांसी पर लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगा कि उनकी मौत कैसे हुई? आईजी केपी सिंह का कहना है कि नरेंद्र गिरी का शव फांसी पर लटका मिला। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है।

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