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‘हासिल’ से पहले हासिल किए इलाहाबादी तौर-तरीके
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 05 Aug 2017 02:11 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सिनेमा इंडस्ट्री और फैशन का बहुत गहरा रिश्ता है। यह सही है कि सिनेमा डायरेक्टर मीडियम है लेकिन एक कलाकार को अपने लुक पर ध्यान देते समय कपड़ों पर भी गौर करना चाहिए। यह मानना है फिल्म अभिनेत्री ऋषिता भट्ट का, जो शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ फैशन डिजाइनिंग एंट टेक्नोलॉजी की छात्राओं के बीच थीं। इस दौरान उन्होंने फैशन की दुनिया से जुड़े कई अनुभव छात्राओं से साझा किए।
अशोका, हासिल, शोरगुल, शागिर्द, दिल विल प्यार व्यार सहित ढेर सारी फिल्मों की अभिनेत्री ऋषिता भट्ट का कहना है कि किसी भी किरदार का मनोविज्ञान समझे बिना उसे निभाया नहीं जा सकता। उन्होंने अपनी फिल्म ‘हासिल’ का उदाहरण देते हुए कहा कि फिल्म में किरदार ‘निहारिका’ की भूमिका निभाने से पहले उन्होंने इलाहाबाद की लड़कियों के पहनावे और रहन-सहन को बखूबी समझा, तभी इस किरदार को निभाने में सफल हो पाईं। उन्होंने छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि हमारा समय लड़कियों को अपनी प्रतिभा को प्रस्तुत करने की संभावनाओं वाला समय है, इसके लिए मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की पहल करनी होगी। छात्राओं से कहा कि एक बात हमेशा याद रखें, ‘क्रिएट योर स्टाइल एंड लव योर वर्क’।
इस दौरान छात्राओं ने ऋषिता भट्ट से उनकी फिल्मों, उनकी लाइफ स्टाइल और फैशन से जुड़े कई सवाल पूछे।
ऋषिता ने छात्राओं से कहा कि हमारे देश की संस्कृति एवं क्राफ्टमतैनशिप पूरी दुनिया के लिए कौतूहल का विषय है। यही वजह है कि हमारी क्रिएटिविटी हमेशा से लोगों और उनके जीवन को बेहतर बनाने का काम करती रही है। यही भाव लेकर प्रत्येक नई फैशन डिजाइनर को इंडस्ट्री में कदम रखना होता है। यह भी कहा कि हमें ग्लैमर और वास्तविक सुंदरता के सही मायने समझकर ही अपनी कृति तैयार करनी होती है। फैशन डिजाइनर के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वह अपनी डिजाइन के माध्यम से लोगों को अधिक सुंदर और आत्मविश्वास से भरपूर व्यक्तित्व वाला बना सके। कार्यक्रम की शुरुआत में इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की निदेशक प्रो. नीलम यादव ने ऋषिता भट्ट का स्वागत किया। सेंटर ऑफ फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी की इंचार्ज मिताली ने सेंटर का परिचय प्रस्तुत किया।
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अशोका, हासिल, शोरगुल, शागिर्द, दिल विल प्यार व्यार सहित ढेर सारी फिल्मों की अभिनेत्री ऋषिता भट्ट का कहना है कि किसी भी किरदार का मनोविज्ञान समझे बिना उसे निभाया नहीं जा सकता। उन्होंने अपनी फिल्म ‘हासिल’ का उदाहरण देते हुए कहा कि फिल्म में किरदार ‘निहारिका’ की भूमिका निभाने से पहले उन्होंने इलाहाबाद की लड़कियों के पहनावे और रहन-सहन को बखूबी समझा, तभी इस किरदार को निभाने में सफल हो पाईं। उन्होंने छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि हमारा समय लड़कियों को अपनी प्रतिभा को प्रस्तुत करने की संभावनाओं वाला समय है, इसके लिए मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की पहल करनी होगी। छात्राओं से कहा कि एक बात हमेशा याद रखें, ‘क्रिएट योर स्टाइल एंड लव योर वर्क’।
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इस दौरान छात्राओं ने ऋषिता भट्ट से उनकी फिल्मों, उनकी लाइफ स्टाइल और फैशन से जुड़े कई सवाल पूछे।
ऋषिता ने छात्राओं से कहा कि हमारे देश की संस्कृति एवं क्राफ्टमतैनशिप पूरी दुनिया के लिए कौतूहल का विषय है। यही वजह है कि हमारी क्रिएटिविटी हमेशा से लोगों और उनके जीवन को बेहतर बनाने का काम करती रही है। यही भाव लेकर प्रत्येक नई फैशन डिजाइनर को इंडस्ट्री में कदम रखना होता है। यह भी कहा कि हमें ग्लैमर और वास्तविक सुंदरता के सही मायने समझकर ही अपनी कृति तैयार करनी होती है। फैशन डिजाइनर के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वह अपनी डिजाइन के माध्यम से लोगों को अधिक सुंदर और आत्मविश्वास से भरपूर व्यक्तित्व वाला बना सके। कार्यक्रम की शुरुआत में इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की निदेशक प्रो. नीलम यादव ने ऋषिता भट्ट का स्वागत किया। सेंटर ऑफ फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी की इंचार्ज मिताली ने सेंटर का परिचय प्रस्तुत किया।
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