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इलाहाबाद विवि : सभी कवियों और साहित्यकारों को पढ़ेंगे छात्र, पर नहीं होगा पाठ्यक्रम का विस्तार
Sun, 13 Feb 2022 03:23 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 03:23 PM IST
सार
जल्द ही एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुलाकर इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 9 फरवरी से परास्नातक (पीजी) की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम कटौती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हिंदी विभाग ने अपने पाठ्यक्रम में 30 फीसदी की कटौती करते हुए उसमें सभी कवियों और साहित्यकारों को तो शामिल किया है, लेकिन उनकी कविताओं और कहानियों में कटौती कर दी है। अन्य विभागों में भी पाठ्यक्रम कटौती की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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जल्द ही एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुलाकर इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 9 फरवरी से परास्नातक (पीजी) की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
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स्नातक की ऑफलाइन कक्षाएं 14 फरवरी से शुरू होने जा रहीं हैं। स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन परीक्षाएं 22 अप्रैल से प्रस्तावित है जबकि पीजी सम सेमेस्टर की परीक्षाएं मई में होंगी। पाठ्यक्रम समय से पूरा कराया जा सके इसके लिए स्नातक एवं परास्नातक के पाठ्यक्रमों में कटौती किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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इसी को ध्यान में रखते हुए हर विभाग ने अपने यहां यह प्रक्रिया शुरू कर दी है। हिंदी विभाग में पीजी के पाठ्यक्रम में पांच यूनिटें पढ़ाई जाती हैं। तय हुआ है कि सभी यूनिटें पढ़ाई जाएंगी और प्रत्येक यूनिट में कटौती भी की जाएगी। यानी छात्र सभी कवियों और साहित्यकारों को तो पढ़ेंगे लेकिन उनकी कई कविताएं और कहानियां पाठ्यक्रम से हटा दी जाएंगी।