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प्रतिमाओं-पंडालों का घटेगा आकार, दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू
Sat, 03 Oct 2020 02:27 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 02:27 AM IST
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दुर्गा पूजा
- फोटो : अमर उजाला
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नई गाइड लाइन जारी होने के बाद दुर्गापूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समय कम होने की वजह से इस बार ऊंचे महलों वाले पंडालों की झलक नहीं मिल सकेगी। अलबत्ता पंडालों और प्रतिमाओं का आकार घटाया जाएगा। दुर्गा पूजा का मार्ग प्रशस्त होने के साथ ही शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमाओं के आर्डर दिए जाने लगे।
पहली बार पंडालों में दो फीट तक की मां दुर्गा और महिषासुर के दर्शन होंगे। अनलॉक-5 की गाइड लाइन से शारदीय नवरात्र महोत्सव से जुड़ी पूजा समितियों और जगदंबा के भक्तों ने राहत की सांस ली है। धार्मिक स्थलों और आयोजनों में दो सौ लोगों की मौजूदगी की छूट से दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पहले दुर्गा पूजा की तैयारियां छह महीने पहले से ही शुरू हो जाती थीं।
धार्मिक-सांस्कृतिक थीम पर मंदिरों, महलों और ऐतिहासिक स्थलों की अनुकृति वाले भव्य पंडाल दुर्गा पूजा महोत्सव की शोभा बनते थे, लेकिन इस बार कोविड-19 के संक्रमण की वजह से तैयारियां नहीं हो सकी हैं। प्रयागराज में पंडालों व प्रतिमाओं का निर्माण करने वाले कारीगर इस बार ट्रेनों का संचालन न होने से कोलकाता से नहीं आ सके हैं।
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ऐसे में दुर्गा पूजा के लिए अब भव्यता वाले थीम पर आधारित पंडालों का निर्माण संभव नहीं रह गया है। अब जब नई गाइड लाइन में दुर्गा पूजा के पंडाल लगाने को छूट मिली है, तब कम समय में महिषासुर मर्दिनी की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। कर्नलगंज में प्रतिमाएं बनाने वाले मूर्तिकार तापस पाल बताते हैं कि इस बार पंडालों और प्रतिमाओं का आकार घटाया जाएगा, ताकि कम समय में पूजा महोत्सव को मूर्त रूप दिया जा सके।
तापस के मुताबिक दो फीट ऊंची प्रतिमाएं उन्होंने बनानी शुरू कर दी है। ताकि उनको एक या दो भक्त भी आसानी से उठाकर पंडालों में प्रतिष्ठापित करा सकें। इनसेट दुर्गा प्रतिमाओं के लिए आने लगे आर्डर प्रयागराज। शारदीय नवरात्रि में जगत जननी की सामूहिक पूजा के लिए पंडाल लगाने की छूट के बाद प्रतिमाओं के लिए आर्डर दिए जाने लगे हैं।
शुक्रवार को कर्नलगज स्थित दुर्गा प्रतिमा के कारखाने में पांच पूजा समितियों के आर्डर बुक किए गए। मूर्तिकार तापस पाल ने बताया कि वह पहले से सौ से अधिक प्रतिमाएं बना चुकेहैं। ऐसे में शहर में अधिकतम पंडालों के लिए प्रतिमाओं की आपूर्ति की जा सकती हैं।
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पहली बार पंडालों में दो फीट तक की मां दुर्गा और महिषासुर के दर्शन होंगे। अनलॉक-5 की गाइड लाइन से शारदीय नवरात्र महोत्सव से जुड़ी पूजा समितियों और जगदंबा के भक्तों ने राहत की सांस ली है। धार्मिक स्थलों और आयोजनों में दो सौ लोगों की मौजूदगी की छूट से दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पहले दुर्गा पूजा की तैयारियां छह महीने पहले से ही शुरू हो जाती थीं।
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धार्मिक-सांस्कृतिक थीम पर मंदिरों, महलों और ऐतिहासिक स्थलों की अनुकृति वाले भव्य पंडाल दुर्गा पूजा महोत्सव की शोभा बनते थे, लेकिन इस बार कोविड-19 के संक्रमण की वजह से तैयारियां नहीं हो सकी हैं। प्रयागराज में पंडालों व प्रतिमाओं का निर्माण करने वाले कारीगर इस बार ट्रेनों का संचालन न होने से कोलकाता से नहीं आ सके हैं।
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ऐसे में दुर्गा पूजा के लिए अब भव्यता वाले थीम पर आधारित पंडालों का निर्माण संभव नहीं रह गया है। अब जब नई गाइड लाइन में दुर्गा पूजा के पंडाल लगाने को छूट मिली है, तब कम समय में महिषासुर मर्दिनी की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। कर्नलगंज में प्रतिमाएं बनाने वाले मूर्तिकार तापस पाल बताते हैं कि इस बार पंडालों और प्रतिमाओं का आकार घटाया जाएगा, ताकि कम समय में पूजा महोत्सव को मूर्त रूप दिया जा सके।
तापस के मुताबिक दो फीट ऊंची प्रतिमाएं उन्होंने बनानी शुरू कर दी है। ताकि उनको एक या दो भक्त भी आसानी से उठाकर पंडालों में प्रतिष्ठापित करा सकें। इनसेट दुर्गा प्रतिमाओं के लिए आने लगे आर्डर प्रयागराज। शारदीय नवरात्रि में जगत जननी की सामूहिक पूजा के लिए पंडाल लगाने की छूट के बाद प्रतिमाओं के लिए आर्डर दिए जाने लगे हैं।
शुक्रवार को कर्नलगज स्थित दुर्गा प्रतिमा के कारखाने में पांच पूजा समितियों के आर्डर बुक किए गए। मूर्तिकार तापस पाल ने बताया कि वह पहले से सौ से अधिक प्रतिमाएं बना चुकेहैं। ऐसे में शहर में अधिकतम पंडालों के लिए प्रतिमाओं की आपूर्ति की जा सकती हैं।