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इलाहाबाद विश्वविद्यालय वीसी दफ्तर पर हंगामा, दो छात्रों के खिलाफ कार्रवाई
Fri, 26 Apr 2019 01:05 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Apr 2019 01:05 AM IST
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हॉस्टल के मुद्दे को लेकर बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। रोकने पर प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से बदसलूकी की गई। हंगामा बढ़ने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने छात्रों को वहां से हटाया। मामले में दो छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एक छात्र का इविवि के सीनेट परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और दूसरे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कर्नलगंज थाने में तहरीर दी गई है।
बृहस्पतिवार दोपहर छात्र डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे। वहां हंगामा करने के बाद छात्र कुलपति से मिलने के लिए उनके कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए। कुलपति बाहर गए हुए हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने छात्रों को रोकने की कोशिश की, जिस पर सदस्यों के साथ बदसलूकी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने एलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र अर्पित सिंह का सीनेट परिसर में प्रवेश तीन माह के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। अर्पित पर ताराचंद छात्रावास के दो कमरों पर अवैध कब्जा करने का आरोप भी है।
चीफ प्रॉक्टर ने नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि विश्वविद्यालय में अपराध और अराजकता के लिए क्यों न अर्पित को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाए। साथ ही अर्पित को 10 मई तक पंजीकृत डाक के माध्यम से कारण बताने के लिए भी कहा गया है। वहीं, हंगामे में शामिल रहे एमकॉ प्रथम वर्ष के छात्र सौरभ सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही 30 अप्रैल को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर कारण बताने के लिए कहा गया है।
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बृहस्पतिवार दोपहर छात्र डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे। वहां हंगामा करने के बाद छात्र कुलपति से मिलने के लिए उनके कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए। कुलपति बाहर गए हुए हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने छात्रों को रोकने की कोशिश की, जिस पर सदस्यों के साथ बदसलूकी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने एलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र अर्पित सिंह का सीनेट परिसर में प्रवेश तीन माह के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। अर्पित पर ताराचंद छात्रावास के दो कमरों पर अवैध कब्जा करने का आरोप भी है।
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चीफ प्रॉक्टर ने नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि विश्वविद्यालय में अपराध और अराजकता के लिए क्यों न अर्पित को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाए। साथ ही अर्पित को 10 मई तक पंजीकृत डाक के माध्यम से कारण बताने के लिए भी कहा गया है। वहीं, हंगामे में शामिल रहे एमकॉ प्रथम वर्ष के छात्र सौरभ सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही 30 अप्रैल को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर कारण बताने के लिए कहा गया है।
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