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allahabad university : एमपीएड के फिजिकल फिटनेस टेस्ट पर उठे सवाल

Mon, 09 Nov 2020 08:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 09 Nov 2020 08:57 PM IST
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allahabad university: questions raised on physical fitness test of MPED
Allahabad University
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में मास्टर ऑफ फिजिकल एजूकेशन (एमपीएड) में प्रवेश के लिए सोमवार से फिजिकल टेस्ट की शुरुआत हुई और पहले ही दिन से इस पर सवाल भी उठने लगे। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से इस बार कुछ बदलाव किए गए हैं, लेकिन शारीरिक शिक्षा विभाग के ही एक प्रोफेसर इसे गलत बता रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने भी इस बदलाव को गलत बताते हुए कुलपति को पत्र भेजकर अपनी श्किायत दर्ज कराई है।
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दरअसल, इविवि में एमपीएड की 44 सीटों पर प्रवेश लिखित परीक्षा और फिजिकल फिटनेस टेस्ट में मिले कुल अंकों के आधार पर होता है। पहले लिखित परीक्षा कराई जाती है और इसके बाद फिजिकल फिटनेस टेस्ट होता है। इस बार लिखित परीक्षा में शामिल हुए सभी अभ्यर्थियों को फिजिकल फिटनेस टेस्ट में बुलाया गया है और यही विवाद की वजह बन गया है।
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अभ्यर्थी प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कुलपति को लिखकर आरोप लगाया कि लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी किए बगैर सभी अभ्यर्थियों का फिजिकल फिटनेस टेस्ट कराना गलत है। इसमें मिलीभगत की आशंका है। लिखित परीक्षा में कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी को अगर फिजिकल फिटनेस टेस्ट में अधिक अंक दे दिए गए तो लिखित परीक्षा की मेरिट के शीर्ष पर स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान होगा और वे चयन से वंचित रह जाएंगे।
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वहीं, शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रो. डीसी लाल का कहना है कि पिछले साल तक प्रवेश की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। नियम है कि न्यूनतम 40 फीसदी अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को ही लिखित परीक्षा में क्वालीफाई कराया जाता है। इसके बाद क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट बनाई जाती है और उसमें शामिल अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट कराया जाता है।

चयन का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लिखित और फिजिकल टेस्ट दोनों में अच्छा प्रदर्शन करने वालों का सेलेक्शन होगा। अगर सभी का फिजिकल टेस्ट कराना है तो लिखित परीक्षा की जरूरत ही क्या है। उधर, प्रवेश की कोऑर्डिनेटर एवं शारीरिक शिक्षा की विभागाध्यक्ष प्रो. अर्चना चहल का कहना है कि अगर फिजिकल टेस्ट से पहले ही अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा के अंक सार्वजनिक कर दिए जाएंगे तो इससे धांधली की आशंका बनी रहेगी। रिजल्ट तो लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में मिले अंकों के आधार पर संयुक्त रूप से बनता है। यह व्यवस्था शुरू से ही लागू है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है।

‘लिखित परीक्षा का रिजल्ट सार्वजनिक किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। कुछ लोग सिर्फ अपने फायदे के लिए ऐसा चाहते हैं, ताकि अपने प्रवेश प्रक्रिया में धांधली कर सकें। लेकिन, ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। शुरू से ही लिखित परीक्षा और फिजिकल फिटनेस टेस्ट की ज्वाइंट मेरिट बनती रही है।’

बाहर से बुलाए गए चार एक्सपर्ट

एमपीएड में प्रवेश के लिए फिजिकल फिटनेस टेस्ट विज्ञान संकाय स्थित एमसीसी मैदान पर आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए बाहर से चार एक्सपर्ट बुलाए गए है। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए फिजिकल फिटनेस टेस्ट के अभिलेखों पर अभ्यर्थियों के हस्ताक्षरभी कराए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर अगर किसी अभ्यर्थी ने 10 फीट की लंबी कूद लगाई तो इसे अभिलेख में दर्ज किया जा रहा है और इस पर अभ्यर्थी के हस्ताक्षर भी कराए जा रहे हैं, ताकि बाद में कोई विवाद न हो।
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