इलाहाबाद विवि : गले में फंदा लगाए युवक की फोटो वायरल, विवि के चीफ प्राक्टर को दी धमकी
वायरल तस्वीर में एक युवक गर्दन में फंदा फंसाए दिख रहा है। इसके साथ ही एक पत्र भी वायरल हुआ है। इसमें सबसे नीचे इलाहाबाद विश्वविद्यालय लिखा है। साथ ही यह लिखा है कि छात्रों के प्रदर्शन के बावजूद विवि का रवैया बेहद परेशान करने वाला है।
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एलएलबी-बीएएलएलबी सेमेस्टर परीक्षाओं के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में नया मोड़ आ गया है। शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें एक युवक अपने गले में फांसी का फंदा लगाए नजर आया। तस्वीर के साथ ही एक पत्र भी वायरल हुआ जिसमें यह लिखा था कि प्रमोट न किए जाने पर छात्र आत्मघाती कदम उठाते हैं तो इसके लिए जिम्मेदार प्रॉक्टर होंगे। उधर प्रॉक्टर ने इसे खुद के खिलाफ दुष्प्रचार बताते हुए कर्नलगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।
वायरल तस्वीर में एक युवक गर्दन में फंदा फंसाए दिख रहा है। इसके साथ ही एक पत्र भी वायरल हुआ है। इसमें सबसे नीचे इलाहाबाद विश्वविद्यालय लिखा है। साथ ही यह लिखा है कि छात्रों के प्रदर्शन के बावजूद विवि का रवैया बेहद परेशान करने वाला है। इसमें प्रॉक्टर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। साथ ही लिखा है कि इस दबाव में कोई कदम उठाने पर जिम्मेदार प्रॉक्टर होंगे।
पत्र व तस्वीर के वायरल होने की जानकारी विवि प्रशासन व पुलिस अफसरों को मिली तो हड़कंप मचा। उधर प्रॉक्टर हर्ष कुमार की ओर से खुद के लिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इसके बाद कर्नलगंज पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज कर लिया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि धारा 144 के उल्लंघन, धमकी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
मानहानि की भी लगी धारा
अज्ञात के खिलाफ दर्ज केस में मानहानि की भी धारा लगाई गई है। दरअसल प्रॉक्टर की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि उक्त पोस्ट को वायरल करने का उद्देश्य उन्हें मानसिक प्रताड़ना देना, सामाजिक अपमान व मानहानि करना है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर धाराएं लगाई गई हैं।
क्या लिखा है पत्र में
‘मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय का बीएएलएलबी का छात्र हूं। इविवि का बीते दिनों का रवैया देखकर मन बहुत परेशान हो रहा है। एक तो गलती विवि की है, ऊपर से भीख की तरह हम छात्र प्रमोशन मांग रहे हैं। पूरे दिन धूप में बैठे-बैठे अब मन भी भारी सा होने लगा है। हम गरीब घर के लड़के एक सपना लेकर आए थे। पर प्रत्येक सत्र में हड़बड़ी में सिलेबस जैसे-तैसे पूर्ण करने के दबाव में अब परेशान हो चुका हूं। विवि प्रशासन को चाहिए कि छात्रों को प्रमोट कर सत्र पटरी पर लाया जाए। लेकिन प्रॉक्टर हर्ष कुमार हम छात्रों को परेशान कर रहे हैं। कोई विकल्प भी नहीं दे रहे हैं। अगर इस परेशानी केदबाव में आकर मैं कोई भी कदम उठाऊंगा तो इसके जिम्मेदार प्रॉक्टर होंगे। ’
यह पोस्ट मुझे बदनाम करने व मेरे खिलाफ दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से की गई है। विवि में परीक्षा संबंधी निर्णय परीक्षा समिति लेती है और इसमें प्रॉक्टर सदस्य नहीं होता। इस पोस्ट के माध्यम से छात्रों को भड़काकर दंगा कराने की साजिश की जा रही है। - हर्ष कुमार, प्रॉक्टर