Allahabad University : रैगिंग मामले में अभिभावकों ने दिया हलफनामा, कुलपति करेंगी फैसला
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसीबी छात्रावास में हुई रैगिंग के आरोपी सभी 18 छात्रों और इनके अभिभावकों ने हलफनामा दे दिया है। संयुक्त हलफनामा के माध्यम से उन्होंने कहा है कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसीबी छात्रावास में हुई रैगिंग के आरोपी सभी 18 छात्रों और इनके अभिभावकों ने हलफनामा दे दिया है। संयुक्त हलफनामा के माध्यम से उन्होंने कहा है कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी। हालांकि इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय अब जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति लेंगी।
पीसीबी में रैगिंग की रिपोर्ट पोर्टल पर की गई थी। इसके बाद प्रॉक्टोरियल टीम के छापे में यह शिकायत सही पाई गई। इसमें 18 छात्र आरोपी पाए गए। इसी क्रम में 16 अक्तूबर को अभिभावकों की मौजूदगी में छात्रों ने जांच समिति के सामने अपना पक्ष रखा। अभिभावकों व छात्रों से संयुक्त हलफनामा मांगा गया था। अब सभी छात्रों और उनके अभिभावकों ने हलफनामा दे दिया है। छात्रों का लिखित बयान और हलफनामा जांच समिति को सौंप दिया गया है। बताया जा रहा है कि जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इसके बाद कुलपति छात्रों पर कार्रवाई को लेकर निर्णय लेंगी।
एसएसएल में रैगिंग के आरोपी छात्र 30 को रखेंगे अपना पक्ष
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एसएसएल छात्रावास में भी रैगिंग हुई थी। पीड़ित छात्रों ने पोर्टल पर शिकायत की थी। विश्वविद्यालय की प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई। इसमें 16 छात्र आरोपी हैं। इनके अलावा छात्रावास में अवैध तरीके से रहने वाले भी कई छात्र दोषी पाए गए हैं। रैगिंग के दोषी पाए सभी 16 छात्रों को अपना पक्ष रखने के लिए 30 अक्तूबर को अभिभावकों के साथ बुलाया गया है। छात्रों व उनके अभिभावकों को कुलानुशासक कार्यालय में उपस्थित होना है। उस दौरान जांच समिति के सदस्य भी मौजूद रहेंगे।
केपीयूसी छात्रावास में वैध छात्रों से ली जाएगी फीस
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के केपीयूसी छात्रावास में वैध छात्रों से फीस ली जाएगी। इसके लिए कमेटी बना दी गई है। इसी महीने छात्रावास से अवैध अंत:वासियों को बाहर करने की तैयारी है। केपीयूसी छात्रावास में पिछले दिनों दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। छात्रों के एक गुट ने दूसरे अंत:वासियों पर अवैध तरीके से रहने का आरोप लगाया था जबकि तकनीकी दृष्टि से वहां एक भी छात्र वैध नहीं है।
यह छात्रावास कायस्थ पाठशाला का है लेकिन इसके संचालन को लेकर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच गतिरोध बन गया है। छात्रावास में वार्डन व अधीक्षक की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है। इसकी वजह से छात्रों की फीस भी जमा नहीं हुई है। इसका नतीजा है कि मारपीट की घटना के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास संचालन के लिए पहल की है। छात्रावास में गतिरोध दूर करने व वैध छात्रों के निर्धारण और उनसे फीस लेने के लिए कमेटी गठित की गई है। सोमवार से इसकी प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी वार्ता हुई है। जल्द ही वार्डन और अधीक्षक की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने की भी उम्मीद है।