Allahabad University : सेमेस्टर परीक्षा के विरोध में विधि के छात्रों ने दाखिल की याचिका
एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र प्रवीण कुमार सोनी, प्रिंस यादव, विनिता पांडेय, शिवांशी त्रिपाठी, शुभम मौर्या, रमा रमन शुक्ला एवं अन्य छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ओपन बुक परीक्षा या एसाइनमेंट आधारित मूल्यांकन कराए जाने की प्रार्थना की है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में सात जुलाई से प्रस्तावित एलएलबी प्रथम एवं चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 17 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। छात्र मांग कर रहें हैं कि ओपन बुक परीक्षा या एसाइनमेंट आधारित मूल्यांकन कराया जाए।
एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र प्रवीण कुमार सोनी, प्रिंस यादव, विनिता पांडेय, शिवांशी त्रिपाठी, शुभम मौर्या, रमा रमन शुक्ला एवं अन्य छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ओपन बुक परीक्षा या एसाइनमेंट आधारित मूल्यांकन कराए जाने की प्रार्थना की है। इसके पीछे छात्रों ने तर्क दिया है कि कोविड-19 के कारण सत्र काफी पिछड़ गया है। बार कौंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार एक सेमेस्टर की कक्षाएं कम से कम 15 सप्ताह की होनी चाहिए, लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय में केवल 48 दिन यानी सात हफ्ते तक ही कक्षाएं चलीं।
छात्र यह भी कह रहे हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने भले ही सिलेबस में 20 फीसदी की कटौती कर दी हो, लेकिन इसके अनुपात में जितने दिनों की कक्षाएं होनी चाहिए थीं, उतने दिन भी नहीं चलीं। कम से कम 60 दिन की कक्षाएं तो होनी ही चाहिए थीं। छात्रों ने इसी को आधार बनाते हुए एलएलबी में एसाइनमेंट आधारित मूल्यांकन या ओपन बुक परीक्षा कराने की मांग की है। छात्रों का यह भी कहना है कि विश्वविद्यालय लगातार विधि के पाठ्यक्रम में कटौती कर रहा है जो उचित नहीं है।
किताबें लेकर धरने पर बैठे छात्र
एलएलबी पहले एवं चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के विरोध में इविवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में रविवार को भी विधि के छात्रों का धरना जारी रहा। हालांकि, धरना स्थल पर छात्रों से अधिक संख्या में पुलिस फोर्स के लोग थे। धरने में शामिल कुछ छात्रों के हाथों में पाठ्यक्रम की किताबें भी नजर आईं। छात्रों का कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगें नहीं मानता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।