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इलाहाबाद विवि : किताबें नहीं लौटाईं तो रोक दी पूर्व कुलपति की पेंशन

Sat, 17 Jul 2021 10:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 17 Jul 2021 10:33 PM IST
सार

  • नो ड्यूज न मिलने के कारण विभाग में ही फंसी प्रो. आरआर तिवारी की पेंशन बुक
  • विभागाध्यक्ष से मुलाकात न होने पर स्पीड पोस्ट से भेजनी पड़ी विभाग की चाभी

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Allahabad University: If the books are not returned, then the pension of the former Vice Chancellor stopped
प्रो. आरआर तिवारी, पूर्व कुलपति, इलाहाबाद विवि। - फोटो : Prayagraj

विस्तार

किताबें न लौटाने पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी की पेंशन रोक दी गई है। प्रो. तिवारी 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन विभाग से उन्हें अदेयता प्रमाणपत्र यानी नो ड्यूज नहीं मिल सका। हालांकि प्रो. तिवारी इस बात के लिए राजी हैं कि इविवि प्रशासन लगता है कि उन्होंने किताबें नहीं लौटाईं है तो वह इसका मूल्य देने को तैयार हैं। 
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जेके इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड फिजिक्स एवं टेक्नोलॉजी विभाग में रहे प्रो. आरआर तिवारी ने पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के जाने के बाद लंबे समय तक कार्यवाहक कुलपति के पद पर काम किया। वह पिछले 30 जून को वह रिटायर हो गए। इविवि प्रशासन की ओर से उन्हें पत्र जारी कर बताया गया कि उन्होंने तकरीबन 30 किताबें और कुछ अन्य सामान वापस नहीं किया है, जिसकी वजह से उन्हें नो ड्यूज प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में प्रो. तिवारी की पेंशन रोक दी गई। प्रो. तिवारी ने अब इस मामले में कुलपति से गुहार लगाई है।
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उनका कहना है कि सप्लीमेंट्री लिस्ट में शामिल सभी सामान उन्होंने विभाग को लौटा दिए हैं। इसके अलावा 81 वस्तुएं सप्लीमंट्री लिस्ट में शामिल नहीं थी, लेकिन उन्होंने इन वस्तुओं को भी लौटा दिया। प्रो. तिवारी ने बताया कि वह विश्वविद्यालय से 45 वर्षों तक जुड़े रहे। पांच साल यहीं पढ़ाई की और 40 साल तक छात्रों को पढ़ाया। रिटायरमेंट वाले दिन वह विभागाध्यक्ष से मिलकर उन्हें चाभी सौंपा चाहते थे, लेकिन विभागाध्यक्ष ने उन्हें मिलने के लिए समय नहीं दिया। ऐसे में स्पीड पोस्ट के माध्यम से उन्हें चाभी भेजनी पड़ी।
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प्रो. तिवारी का दावा है कि उन पर किसी तरह का बकाया नहीं है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन को लगता है कि उन्होंने कुछ किताबें नहीं लौटाईं हैं तो वह इसका मूल्य देने के लिए तैयार हैं। उन्हें बेवजह परेशान न किया जाए। नो ड्यूज न मिलने कारण उनकी पेंशन बुक अब तक विभाग में ही फंसी हुई है। उधर, इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि प्रो. आरआर तिवारी द्वारा विभाग की कुछ किताबें और अन्य सामान अभी तक वापस न किए जाने के कारण विभाग की ओर से नो ड्यूज नहीं मिला है।
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