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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad University : Hostel gangsters have given up rooms on rent, conduct criminal activities from here

Allahabad University : हॉस्टल के दबंगों ने किराये पर उठा दिए कमरे, यहीं से संचालित करते हैं आपराधिक गतिविधियां

Sun, 26 Jun 2022 10:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 26 Jun 2022 10:24 PM IST
सार

हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्र ही बताते हैं कि एक कमरे में तीन-तीन लोगों को रखा गया है और तीनों से किराया वसूला जा रहा है, जबकि हॉस्टल का कमरा किसी दूसरे छात्र के नाम आवंटित है।

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विस्तार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) से जुड़े कुछ हॉस्टलों में दबंगों ने किराये पर कमरे उठा दिए हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर हॉस्टल ट्रस्ट के हैं, लेकिन इन हॉस्टलों में रहने वाले छात्र विश्वविद्यालय के हैं। किराये के कमरों में छात्रों के साथ कुछ ऐसे लोगों को भी रखा गया है, जो आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं और विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हैं। 

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हॉस्टलों से ऐसे दबंगों को बाहर करने के लिए एसएसपी ने इविवि प्रशासन को पत्र भी लिखा है और अब इस मसले पर सबकी नजरें विश्वविद्यालय प्रशासन पर टिकी हुईं हैं। हालांकि शनिवार को हुई एकेडमिक कौंसिल की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि हॉस्टलों से अवैध कब्जे हटाए जाने की जरूरत है, ताकि वहां की स्थिति में सुधार किया जा सके। 
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हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्र ही बताते हैं कि एक कमरे में तीन-तीन लोगों को रखा गया है और तीनों से किराया वसूला जा रहा है, जबकि हॉस्टल का कमरा किसी दूसरे छात्र के नाम आवंटित है। कमरों पर अवैध कब्जे के कारण नए आवंटियों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। जिन लोगों को किराये पर कमरे दिए गए हैं, उनमें से कई पर मुकदमे भी दर्ज हैं। मारपीट का मामला हो या छेड़खानी अथवा बमबाजी का, ऐसी घटनाओं में अक्सर हॉस्टल से जुड़े लोगों के नाम ही सामने आ रहे हैं। 

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पीएचक्यू के पास हुई बमबाजी करने वालों का कनेक्शन निकला हॉस्टल से

कुछ दिनों पहले पीएचक्यू के सामने हुई बमबाजी इसका जीता-जागता उदाहरण है, जिसमें पकड़े लोगों पर पहले से मुकदमे दर्ज थे और उनका कनेक्शन हॉलैंड हाल हॉस्टल से निकला। हालांकि, पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई कि इनमें से कोई भी विश्वविद्यालय का छात्र नहीं है और न ही हॉस्टल का वैध अंत:वासी है। इन सभी का हॉस्टल के कमरों पर अवैध कब्जा है। ऐसे ही दबंगों की अगुवाई में कोचिंग और दुकानों से वसूली भी की जा रही है। 

सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों लूकरगंज स्थित एक वाहन एजेंसी में पैसे के लेनदेन के विवाद में हुई तोड़फोड़ का मुख्य आरोपी वर्ष 2012 में विश्वविद्यालय छोड़ चुका है, इसके बावजूद हॉस्टल के कई कमरों पर उसका कब्जा है और उन कमरों से आपराधिक गतिविधियों को लगातार अंजाम दिया जा रहा है। यही वजह है कि हॉस्टल के वैध अंत:वासी भी आए दिन हो रहे बवाल से त्रस्त होकर हॉस्टल छोड़कर जाने लगे हैं। 


‘विश्वविद्यालय को एसएसपी का कोई पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। अगर विश्वविद्यालय के किसी छात्र के बारे में किसी भी प्रकार की शिकायत आती है तो विश्वविद्यालय की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।’ डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि

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