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Allahabad university: स्नातक के छात्रों ने प्रमोशन के लिए घेरा परीक्षा नियंत्रक दफ्तर
Fri, 08 Jul 2022 12:47 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Jul 2022 12:47 AM IST
सार
- परीक्षा नियंत्रक ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए छात्रों से मांगा तीन दिन का समय
- इविवि एवं संघटक कॉलेजों के छात्रों की शिकायत, मानक से कम चलीं कक्षाएं
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इविवि में बृहस्पतिवार को पठन-पाठन के बाद परिसर से वापस लौटती छात्राएं। अमर उजाला।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालय के स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार को इविवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया और ज्ञापन सौंपा। सत्र 2021-22 की स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं पांच अगस्त से प्रस्तावित हैं।
छात्रों का कहना है कि न तो कक्षाएं पूरी हुईं और न ही प्रैक्टिकल। ऐसे में आधी-अधूरी तैयारी के साथ छात्र परीक्षा में कैसे शामिल होेंगे। इसी वजह से उन्हें प्रमोशन चाहिए। परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों से कहा है कि इस बारे में तीन दिन बार ही स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे।
स्नातक प्रथम वर्ष के सैकड़ों छात्र बृहस्पतिवार सुबह से ही परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर जुट गए और घेराव शुरू कर दिया। दो घंटे तक चले घेराव के बा परीक्षा नियंत्रक छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिले। उन्होंने छात्रों से कहा कि संघटक कॉलेजों से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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रिपोर्ट आने के बाद इसकी समीक्षा होगी और इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी। वहीं, छात्रों का कहना है कि यूजीसी के मानक के अनुसार 180 दिन की कक्षाएं होनी चाहिए। सीएमपी डिग्री कॉलेज में तो 23 अप्रैल तक प्रवेश होते रहे। पाठ्यक्रम में 20 फीसदी की कटौती तो कर दी गई, लेकिन यह नाकाफी रही।
बीएससी प्रथम वर्ष में एक या दो प्रैक्टिकल हुए हैं, जबकि छह प्रैक्टिकल होने चाहिए। छात्रों ने कहा कि जून का पूरा महीना गर्मी की छुट्टियों में बीत गया। जुलाई में भी साप्ताहिक अवकाश होंगे। मई में पीजी की परीक्षाएं थीं, सो यूजी की कक्षाएं प्रभावित रहीं। ऐसे में छात्र बिना तैयारी और आधी-अधूरी कक्षाओं के साथ छात्र परीक्षा कैसे देंगे। छात्रों ने कहा कि वे तीन दिन तक परीक्षा नियंत्रक के जवाब का इंतजार करेंगे और इसके बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।
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छात्रों का कहना है कि न तो कक्षाएं पूरी हुईं और न ही प्रैक्टिकल। ऐसे में आधी-अधूरी तैयारी के साथ छात्र परीक्षा में कैसे शामिल होेंगे। इसी वजह से उन्हें प्रमोशन चाहिए। परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों से कहा है कि इस बारे में तीन दिन बार ही स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे।
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स्नातक प्रथम वर्ष के सैकड़ों छात्र बृहस्पतिवार सुबह से ही परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर जुट गए और घेराव शुरू कर दिया। दो घंटे तक चले घेराव के बा परीक्षा नियंत्रक छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिले। उन्होंने छात्रों से कहा कि संघटक कॉलेजों से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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रिपोर्ट आने के बाद इसकी समीक्षा होगी और इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी। वहीं, छात्रों का कहना है कि यूजीसी के मानक के अनुसार 180 दिन की कक्षाएं होनी चाहिए। सीएमपी डिग्री कॉलेज में तो 23 अप्रैल तक प्रवेश होते रहे। पाठ्यक्रम में 20 फीसदी की कटौती तो कर दी गई, लेकिन यह नाकाफी रही।
बीएससी प्रथम वर्ष में एक या दो प्रैक्टिकल हुए हैं, जबकि छह प्रैक्टिकल होने चाहिए। छात्रों ने कहा कि जून का पूरा महीना गर्मी की छुट्टियों में बीत गया। जुलाई में भी साप्ताहिक अवकाश होंगे। मई में पीजी की परीक्षाएं थीं, सो यूजी की कक्षाएं प्रभावित रहीं। ऐसे में छात्र बिना तैयारी और आधी-अधूरी कक्षाओं के साथ छात्र परीक्षा कैसे देंगे। छात्रों ने कहा कि वे तीन दिन तक परीक्षा नियंत्रक के जवाब का इंतजार करेंगे और इसके बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।