इलाहाबाद विवि : पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर हिंसा के लिए उकसाने का आरोप, इविवि प्रशासन ने थाने में दी तहरीर
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह ने कर्नलगंज थाने में तहरीर देकर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के अलावा सात छात्रनेताओं समेत 250 छात्रों के खिलाफ छात्रों को उकसाने और विवि में पठन पाठन बाधित करनेका आरोप लगाया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर पर इविवि में जारी आंदोलन में शामिल छात्रों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अमिताभ ठाकुर सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है।
अमिताभ ठाकुर बृहस्पतिवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय आए थे और उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्र आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में आने जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए, जिससे विधि की परीक्षाएं बाधित हुईं और कर्मचारी एवं शिक्षकों की बंधक जैसी स्थिति हो गई।
इविवि के एमए के छात्र अभिषेक गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए तकरीबन दो सप्ताह से लाइब्रेरी गेट पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर, सात छात्र नेताओं और 250 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कर्नलगंज पुलिस को तहरीर दी है। इनमें सत्यम कुशवाहा, अजय सिह सम्राट, शिवम सिंह, अजय कुमार पांडेय, अमित कुमार पांडेय, आयुष प्रियदर्शी, रितेश रजवाड़ा शामिल हैं।
राजकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप
प्रॉक्टर की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने बृहस्पतिवार को अपने लगभग 250 समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय के सीनेट परिसर के तीनों दरवाजों को बंद कर दिया। इससे विधि विभाग की परीक्षाएं, परीक्षा सामाग्री नहीं पहुंच पाने के कारण बाधित हो गईं।
परिसर में आवागमन पूर्णतया अवरुद्ध हो गया और अमिताभ ठाकुर की ओर से छात्रों को विवि के विरोध में नारेबाजी और हिंसा के लिए उकसाया गया। उपद्रव के कारण विश्वविद्यालय के राजकीय कार्यों में व्यवधान पैदा हुआ। वहीं, दूसरी तहरीर इविवि का मुख्य गेट तोड़ने के प्रयास के खिलाफ दी गई है।