इलाहाबाद विश्वविद्यालय : रैगिंग के बाद दहशत में दिव्यांग छात्र ने छोड़ा हॉस्टल, माघ मेले के शिविर में बिताई रात, सुबह घर के लिए निकला
छात्र से हुई रैगिंग के मामले में कर्नलगंज थाने में पांच छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामला सामने आते ही चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार ने मंगलवार को बीएएलएलबी चतुर्थ वर्ष के छात्र गौतम आनंद को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय एवं हॉस्टल से निष्कासित और बीएएलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र संस्कार आर्यन को निलंबित कर दिया था।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल में रैगिंग के शिकार दिव्यांग छात्र ने दहशत में हॉस्टल ही छोड़ दिया। मंगलवार को पूरी रात संगम तट पर एक शिविर में बिताने के बाद छात्र बुधवार को मिर्जापुर स्थित अपने घर लौट गया। लाठियों और लात-घूसों से पीटे जाने के बाद छात्र अपनी सुरक्षा को लेकर डरा हुआ है।
छात्र से हुई रैगिंग के मामले में कर्नलगंज थाने में पांच छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामला सामने आते ही चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार ने मंगलवार को बीएएलएलबी चतुर्थ वर्ष के छात्र गौतम आनंद को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय एवं हॉस्टल से निष्कासित और बीएएलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र संस्कार आर्यन को निलंबित कर दिया था।
सोमवार को आधी रात के बाद हॉस्टल में दिव्यांग छात्र को निर्वस्त्र कर जमकर पीटा और गले में बेल्ट बांधकर कमरे से बाहर घसीटा गया था। घटना के तुरंत बाद छात्र उसी हालत में ठिठुरते हुए कर्नलगंज थाने पहुंचा था और पुलिस ने मंगलवार सुबह उसका मेडिकल कराया। इस घटना के बाद छात्र हॉस्टल नहीं लौटा।
मिर्जापुर के एक अस्पताल में चल रहा है उपचार
थाने में तहरीर देने के बाद छात्र सीधे चीफ प्रॉक्टर के कार्यालय पहुंचा था, जहां उसने अपने साथ हुई रैगिंग की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद छात्र दहशत में हॉस्टल नहीं लौटा। छात्र ने पूरी रात माघ मेला क्षेत्र स्थित एक शिविर में बिताई और बुधवार सुबह वह मिर्जापुर स्थित अपने घर लौट गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार ने बताया कि मंगलवार को छात्र के पिता आए थे। वह छात्र को अपने साथ ले गए। उनके पिता से कहा गया है कि छात्र जब भी हॉस्टल में लौटे तो चीफ प्रॉक्टर को पहले सूचित करे, ताकि हॉस्टल में सुरक्षा के इंतजाम कराए जा सकें।
हॉस्टल में प्रवेश प्रतिबंधित, पर कमरे पर कब्जा
रैगिंग के आरोप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से निष्कासित किए गए गौतम आनंद के खिलाफ दो साल पहले भी रैगिंग के आरोप में कार्रवाई की गई थी। उस वक्त एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में 10 छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया था। साथ ही शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल में उनके प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाते हुए यह निर्णय भी लिया गया था कि दोषी छात्रों को भविष्य में विश्वविद्यालय का कोई भी हॉस्टल आवंटित नहीं किया जाएगा।
इसके बावजूद गौतम शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल में लगातार रह रहा था और एक बार फिर रैगिंग के मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर हॉस्टल में उसके प्रवेश पर प्रतिबंध था तो वह हॉस्टल में कैसे रह रहा था और हॉस्टल के अधीक्षक ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
हॉस्टलों में खाली पड़े हैं अधीक्षक आवास
इविवि के ज्यादातर हॉस्टलों में बनाए गए अधीक्षक आवास खाली पड़े हैं। आवास आवंटित होने के बावजूद अधीक्षक वहां नहीं रहते हैं। ऐसे में हॉस्टलों की नियमित रूप से निगरानी भी नहीं हो पा रही है। नतीजा कि हॉस्टल में एक बार फिर रैगिंग की घटना हो गई।
रैगिंंग का एक आरोपी भेजा गया जेल, अन्य की तलाश
इविवि में छात्र से रैगिंग के आरोप में गिरफ्तार संस्कार बुधवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां मजिस्ट्रेट की अनुमति से उसे नैनी जेल में दाखिल करा दिया गया। मामले में नामजद चार अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी संस्कार ने बताया कि वह बिहार का रहने वाला है और उसके पिता व्यवसायी हैं। उसका यह कहना था कि रैगिंग की बात गलत है और उसका केवल झगड़ा हुआ था। इसके बाद से उसका अपने साथियों से संपर्क नहीं हो सका।