इविवि प्रशासन का बड़ा फैसला : ऑफलाइन मोड में ही होंगी वार्षिक परीक्षाएं, हंगामे के आसार
22 अप्रैल से प्रस्तावित स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की परीक्षाएं अब मई के पहले सप्ताह में शुरू कराई जाएंगी। वहीं, छात्रों ने ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने का विरोध किया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में सत्र 2021-22 की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में ही आयोजित की जाएंगी। उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिश पर कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने यह निर्णय लिया है। हालांकि 22 अप्रैल से प्रस्तावित स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की परीक्षाएं अब मई के पहले सप्ताह में शुरू कराई जाएंगी। वहीं, छात्रों ने ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने का विरोध किया है।
समिति की सिफारिश पर यह निर्णय भी लिया गया है कि प्रायोगिक परीक्षाएं असाइनमेंट आधारित मूल्यांकन के माध्यम से कराई जाएंगी। ऑफलाइन प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं होंगी। पाठ्यक्रम में कटौती और प्रश्नपत्रों के प्रारूप के संबंध में परीक्षा समिति के अन्य निर्णय पूर्व की भांति लागू रहेंगे।
हालांकि विश्वविद्यालय के इस निर्णय के बाद शुक्रवार को परिसर में हंगामा होने के आसार हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में छात्रों ने ऑनलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने की मांग की थी और इस मांग को देखते हुए इविवि प्रशासन ने उन छात्र-छात्राओं से आवेदन मांगे थे, जो ऑनलाइन मोड में परीक्षाएं देना चाहते थे। हजारों की संख्या में छात्रों ने आवेदन जमा किए थे, जिनमें से कई छात्र ऑफलाइन परीक्षाओं के पक्ष में भी थे।
इन आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद उच्च स्तरीय कमेटी ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपी। इस बारे में इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि समिति ने छात्रों के प्रत्यावेदनों की उनकी वरीयता के आधार पर समीक्षा की। साथ ही परीक्षा प्रणाली से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के हाल के निर्णयों पर भी विचार किया।
समिति ने सभी विकल्पों का विस्तार से विश्लेषण किया। समिति की राय थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन जो भी निर्णय ले, उसमें छात्रों का हित और भविष्य सर्वोपरि होना चाहिए। इसी आधार पर समिति ने सिफारिश की है कि लिखित परीक्षा ऑफलाइन मोड में ही आयोजित की जाएगी। वहीं, छात्रों की चिंता को देखते हुए प्रायोगिक परीक्षाएं असाइनमेंट आधारित मूल्यांकन के माध्यम से कराई जाएंगी।
छात्रों ने राष्ट्रपति को रक्त से लिखा पत्र
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में ऑनलाइन परीक्षाओं की मांग को लेकर बृस्पतिवार को भी कुलपति कार्यालय का घेराव और बेमियादी धरना जारी रहा। छात्रों ने अपने रक्त से राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई और और आरोप लगाया कि इविवि प्रशासन छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। इविवि प्रशासन के निर्णय से असंतुष्ट छात्र ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए तैयार नहीं हैं और आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं।
छात्रों का तर्क है कि जब साल भर कक्षाएं ऑफलाइन मोड में संचालित की गईं तो परीक्षाएं भी ऑफलाइन मोड में ही होनी चाहिए। हालांकि कोविड के बाद विश्वविद्यालय खुलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं कराने का निर्णय ले लिया था। छात्रों ने विरोध किया तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया।
कमेटी ने भी ऑफलाइन परीक्षाएं कराने की सिफारिश की है और छात्र इसका विरोध कर रहे हैं। इस मसले पर बृहस्पतिवार को भी कुलपति कार्यालय का घेराव और धरना जारी रहा। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना होगा, वरना आंदोलन तेज होगा। राष्ट्रपति को पत्र लिखने वालों में अजय यादव सम्राट, पूजा बिंद, शुभांगी यादव, स्वाति मिश्रा, प्रज्ञा सिंह, दीपांजलि, राहुल पटेल, मनजीत पटेल, अमित द्विवेदी, सुजीत, आयुष्मान चतुर्वेदी, विवेक सिंह आदि शामिल रहे।