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चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू को दिया मानहानि नोटिस
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ऋचा ने हॉस्टल में कब्जे की गलत सूचना देने का लगाया आरोप
हॉल ऑफ रेसिडेंस हॉस्टल की अधीक्षक को भी दिया नोटिस
प्रयागराज। इविवि छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह ने अपने वकील के माध्यम से इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार और हॉल ऑफ रेसिडेंस की अधीक्षक दीपशिखा सोनकर को मानहानि का नोटिस दिया है। ऋचा का आरोप है कि उनके हॉस्टल छोड़ने के बावजूद इविवि प्रशासन के अफसरों की ओर से हॉस्टल में कब्जे की गलत सूचना फैलाई गई।
नोटिस में कहा गया कि चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू और हॉस्टल की अधीक्षक 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा इनके विरुद्ध मानहानि की कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऋचा का कहना है कि आठ दिसंबर 2019 को उन्होंने महिला छात्रावास परिसर स्थित हॉल ऑफ रेसिडेंस हॉस्टल का कमरा नंबर 301 खाली कर दिया था। फिर भी दुर्भावना से प्रेरित होकर मानहानि करने के इरादे से जिला एवं पुलिस प्रशासन, यह तक के प्रदेश के डीजीपी को गलत सूचना दी गई कि ऋचा का छात्रावास में अवैध कब्जा है, जबकि छात्रावास अधीक्षक समेत तीनों अफसरों को यह मालूम था कि वह कमरा खाली किया जा चुका है और अधीक्षक ने कमरा किसी दूसरी छात्रा को आवंटित भी कर दिया था।
छात्रों की मांग, एफओ दफ्तर की बढ़ाई जाए निगरानी
इविवि के छात्रनेताओं को आशंका है कि विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी कार्यालय में फिर से आग लग सकती है। निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र का कहना है कि पूर्व में भी एफओ कार्यालय में दो बार आग लग चुकी है और एक बार कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जल गए थे। अगर इस तरह की घटना फिर से होती है तो इससे पूर्व कुलपति प्रो. हांगलू के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कार्यवाहक कुलपति से मांग की है कि एफओ दफ्तर की निगरानी बढ़ाई जाए और एफओ को पदमुक्त किया जाए।
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ऑक्टा ने की अराजकता पैदा करने वालों की निंदा
कुछ छात्रनेताओं और कुछ अध्यापकों की ओर से इविवि के रजिस्ट्रार एवं वित्त अधिकारी को पदमुक्त किए जाने की मांग की ऑक्टा ने निंदा की है। ऑक्टा महसचिव उमेश प्रताप सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि प्रो. हांगलू के इस्तीफे के बाद जो लोग विश्वविद्यालय में अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं, वे सफल नहीं हो पाएंगे। ऑक्टा ने छात्रावासों के अधीक्षकों को हटाए जाने की मांग की भी निंदा की है। पदाधिकारियों का कहना है कि ऑक्टा महाविद्यालयों के कार्यों में रुकवाट पैदा करने वाले किस भी व्यक्ति या संगठन का डटकर विरोध करेगा।
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हॉल ऑफ रेसिडेंस हॉस्टल की अधीक्षक को भी दिया नोटिस
प्रयागराज। इविवि छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह ने अपने वकील के माध्यम से इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार और हॉल ऑफ रेसिडेंस की अधीक्षक दीपशिखा सोनकर को मानहानि का नोटिस दिया है। ऋचा का आरोप है कि उनके हॉस्टल छोड़ने के बावजूद इविवि प्रशासन के अफसरों की ओर से हॉस्टल में कब्जे की गलत सूचना फैलाई गई।
नोटिस में कहा गया कि चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू और हॉस्टल की अधीक्षक 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा इनके विरुद्ध मानहानि की कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऋचा का कहना है कि आठ दिसंबर 2019 को उन्होंने महिला छात्रावास परिसर स्थित हॉल ऑफ रेसिडेंस हॉस्टल का कमरा नंबर 301 खाली कर दिया था। फिर भी दुर्भावना से प्रेरित होकर मानहानि करने के इरादे से जिला एवं पुलिस प्रशासन, यह तक के प्रदेश के डीजीपी को गलत सूचना दी गई कि ऋचा का छात्रावास में अवैध कब्जा है, जबकि छात्रावास अधीक्षक समेत तीनों अफसरों को यह मालूम था कि वह कमरा खाली किया जा चुका है और अधीक्षक ने कमरा किसी दूसरी छात्रा को आवंटित भी कर दिया था।
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छात्रों की मांग, एफओ दफ्तर की बढ़ाई जाए निगरानी
इविवि के छात्रनेताओं को आशंका है कि विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी कार्यालय में फिर से आग लग सकती है। निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र का कहना है कि पूर्व में भी एफओ कार्यालय में दो बार आग लग चुकी है और एक बार कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जल गए थे। अगर इस तरह की घटना फिर से होती है तो इससे पूर्व कुलपति प्रो. हांगलू के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कार्यवाहक कुलपति से मांग की है कि एफओ दफ्तर की निगरानी बढ़ाई जाए और एफओ को पदमुक्त किया जाए।
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ऑक्टा ने की अराजकता पैदा करने वालों की निंदा
कुछ छात्रनेताओं और कुछ अध्यापकों की ओर से इविवि के रजिस्ट्रार एवं वित्त अधिकारी को पदमुक्त किए जाने की मांग की ऑक्टा ने निंदा की है। ऑक्टा महसचिव उमेश प्रताप सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि प्रो. हांगलू के इस्तीफे के बाद जो लोग विश्वविद्यालय में अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं, वे सफल नहीं हो पाएंगे। ऑक्टा ने छात्रावासों के अधीक्षकों को हटाए जाने की मांग की भी निंदा की है। पदाधिकारियों का कहना है कि ऑक्टा महाविद्यालयों के कार्यों में रुकवाट पैदा करने वाले किस भी व्यक्ति या संगठन का डटकर विरोध करेगा।