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उपाध्यक्ष की तबीयत भी बिगड़ी, इविवि परिसर में बढ़ा तनाव
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Allahabad University
- फोटो : CITY DESK
देर तक छात्रों को मनाने में जुटे रहे जिला एवं पुलिस प्रशासन के अफसर
अनशनकारियों छात्र नेताओं को छात्रसंघ बहाली से कम कुछ भी मंजूर नहीं
प्रयागराज, 26 सितंबर। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली के लिए छात्रों का आमरण अनशन छात्रसंघ भवन पर बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। छात्रों को मनाने के लिए मौके पर देर रात तक जिला और पुलिस प्रशासन के अफसर वहां जुटे रहे। आमरण अनशन में शामिल दो छात्रों की तबीयत खराब होने पर उन्हें पहले ही अस्पताल भेजा चुका है। वहीं, बृहस्पतिवार को छात्रसंघ के उपाध्यक्ष अखिलेश यादव को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। छात्रों के इस आंदोलन से इविवि परिसर में तनाव बढ़ गया है।
आमरण अनशन के दौरान संयुक्त संघर्ष समिति ने कुलपति से मिलने के लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गठन किया। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मिलने के लिए समय भी मांगा है। इसके अलावा इविवि प्रशासन की ओर से आमरण अनशन समाप्त किए जाने के लिए भेजे गए अनुरोध पत्र का जवाब देने हुए छात्रों ने कहा कि अगर कुलपति छात्रों के आमरण अनशन को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें कुछ सवालों का जवाब देना होगा। छात्रों ने पूछा है कि अगर उनका हिंसा से संबंध होता तो क्या 48 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना देते। कुलपति से छात्रों से पूछा है कि उन्हें छात्रसंघ से परहेज और छात्र परिषद से इतना प्रेम क्यों है?
छात्रसंघ भवन में आमरण अनशन कर रहे छात्रों की जांच के लिए शाम को चिकित्सकों की एक टीम भी पहुंची। छात्रसंघ उपाध्यक्ष को जहां सांस लेने में तकनीफ हो रही है। वहीं, छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव समेत अन्य अनशकारियों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है। देर रात मौके पर पहुंची एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने छात्रों से आमरण अनशन समाप्त करने की अपील की लेकिन छात्र इसके लिए तैयार नहीं हुए। छात्रों ने कहा कि जब तक छात्रसंघ की बहाली पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, उनका अनशन जारी रहेगा। इससे पूर्व सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह एवं वरिष्ठ नेता रविंद्र यादव ने अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रसंघ बहली को समर्थन दिया।
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पुरा छात्रों ने भी कसी कमर
छात्रसंघ बहाली के लिए पुरा छात्रों ने भी कमर कसी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय संयुक्त संघर्ष समिति की बृहस्पतिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आंदोलन की भावी रूपरेखा तैयार की गई।झ तय किया किया पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिलेगा। साथ ही समिति की ओर से स्थानीय सांसदों, मानव सांसधन विकास मंत्री एवं राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इविवि में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से अवगत कराया जाएगा। मांग की जाएगी कि एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन करें और जांच पूरी होने तक कुलपति को लंबी छुट्टी पर भेज कर अध्यापकों की चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। निर्णय लिया गया कि गांधी जयंती पर बालसन चौराहे से छात्रसंघ भवन तक रैली निकाली जाएएगी। बैठक में प्रो. राम किशोर शास्त्री, प्रो. एसके श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र पांडेय, विनोद चंद्र दुबे, सतीश अग्रवाल, रोहित मिश्र आदि मौजूद रहे।
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अनशनकारियों छात्र नेताओं को छात्रसंघ बहाली से कम कुछ भी मंजूर नहीं
प्रयागराज, 26 सितंबर। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली के लिए छात्रों का आमरण अनशन छात्रसंघ भवन पर बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। छात्रों को मनाने के लिए मौके पर देर रात तक जिला और पुलिस प्रशासन के अफसर वहां जुटे रहे। आमरण अनशन में शामिल दो छात्रों की तबीयत खराब होने पर उन्हें पहले ही अस्पताल भेजा चुका है। वहीं, बृहस्पतिवार को छात्रसंघ के उपाध्यक्ष अखिलेश यादव को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। छात्रों के इस आंदोलन से इविवि परिसर में तनाव बढ़ गया है।
आमरण अनशन के दौरान संयुक्त संघर्ष समिति ने कुलपति से मिलने के लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गठन किया। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मिलने के लिए समय भी मांगा है। इसके अलावा इविवि प्रशासन की ओर से आमरण अनशन समाप्त किए जाने के लिए भेजे गए अनुरोध पत्र का जवाब देने हुए छात्रों ने कहा कि अगर कुलपति छात्रों के आमरण अनशन को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें कुछ सवालों का जवाब देना होगा। छात्रों ने पूछा है कि अगर उनका हिंसा से संबंध होता तो क्या 48 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना देते। कुलपति से छात्रों से पूछा है कि उन्हें छात्रसंघ से परहेज और छात्र परिषद से इतना प्रेम क्यों है?
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छात्रसंघ भवन में आमरण अनशन कर रहे छात्रों की जांच के लिए शाम को चिकित्सकों की एक टीम भी पहुंची। छात्रसंघ उपाध्यक्ष को जहां सांस लेने में तकनीफ हो रही है। वहीं, छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव समेत अन्य अनशकारियों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है। देर रात मौके पर पहुंची एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने छात्रों से आमरण अनशन समाप्त करने की अपील की लेकिन छात्र इसके लिए तैयार नहीं हुए। छात्रों ने कहा कि जब तक छात्रसंघ की बहाली पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, उनका अनशन जारी रहेगा। इससे पूर्व सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह एवं वरिष्ठ नेता रविंद्र यादव ने अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रसंघ बहली को समर्थन दिया।
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पुरा छात्रों ने भी कसी कमर
छात्रसंघ बहाली के लिए पुरा छात्रों ने भी कमर कसी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय संयुक्त संघर्ष समिति की बृहस्पतिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आंदोलन की भावी रूपरेखा तैयार की गई।झ तय किया किया पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिलेगा। साथ ही समिति की ओर से स्थानीय सांसदों, मानव सांसधन विकास मंत्री एवं राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इविवि में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से अवगत कराया जाएगा। मांग की जाएगी कि एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन करें और जांच पूरी होने तक कुलपति को लंबी छुट्टी पर भेज कर अध्यापकों की चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। निर्णय लिया गया कि गांधी जयंती पर बालसन चौराहे से छात्रसंघ भवन तक रैली निकाली जाएएगी। बैठक में प्रो. राम किशोर शास्त्री, प्रो. एसके श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र पांडेय, विनोद चंद्र दुबे, सतीश अग्रवाल, रोहित मिश्र आदि मौजूद रहे।