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आवेदन की अंतिम तिथि से डेढ़ माह पहले ही सेंटर निर्धारित
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allahabad state university
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पीआरएसयू की केंद्र निर्धारण प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल
अपने ही जारी पत्रों की लिखा पढ़ी में घिरा विवि प्रशासन
नैनी। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) के सेंटर निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालयों के संचालकों में ऊहापोह की स्थिति है। सेंटर संचालकों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इसके पीछे क्या राज है। पहले सेंटर निर्धारण के लिए आवेदन मांगे गए और बाद में एक पत्र जारी कर कहा गया है कि सेंटर का निर्धारण पहले ही हो चुका है। अब आपत्तियां ली जाएंगी।
विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनीता यादव की ओर से पिछले साल 27 दिसंबर को जारी पत्र में सेंटर निर्धारण के लिए सभी महाविद्यालयों से 10 जनवरी तक आवेदन मांगे गए थे। पत्र के जरिए बताया गया था कि सेंटर निर्धारण मार्च 2020 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए किया जा रहा है। महाविद्यालयों की ओर से आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई लेकिन 17 जनवरी को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी पत्र ने नया विवाद पैदा कर दिया।
इस पत्र में कहा गया कि कुलपति के आदेश तत्कालीन कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक प्रभाष द्विवेदी ने वार्षिक परीक्षा 2020 की समय सारिणी एवं परीक्षा केंद्रों का निर्धारण 29 नवंबर 2019 को ही कर दिया गया है। इसे कुलपति ने अनुमोदित भी कर दिया है। रजिस्ट्रार के इस पत्र के बाद अब सेंटर निर्धारण के लिए आवेदनों को कोई मतलब नहीं रह गया। रजिस्ट्रार का कहना है कि कुलपति के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है। 15 फरवरी तक केंद्रों की सूची ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी और इसके बाद जल्द ही आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा।
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अपने ही जारी पत्रों की लिखा पढ़ी में घिरा विवि प्रशासन
नैनी। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) के सेंटर निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालयों के संचालकों में ऊहापोह की स्थिति है। सेंटर संचालकों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इसके पीछे क्या राज है। पहले सेंटर निर्धारण के लिए आवेदन मांगे गए और बाद में एक पत्र जारी कर कहा गया है कि सेंटर का निर्धारण पहले ही हो चुका है। अब आपत्तियां ली जाएंगी।
विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनीता यादव की ओर से पिछले साल 27 दिसंबर को जारी पत्र में सेंटर निर्धारण के लिए सभी महाविद्यालयों से 10 जनवरी तक आवेदन मांगे गए थे। पत्र के जरिए बताया गया था कि सेंटर निर्धारण मार्च 2020 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए किया जा रहा है। महाविद्यालयों की ओर से आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई लेकिन 17 जनवरी को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी पत्र ने नया विवाद पैदा कर दिया।
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इस पत्र में कहा गया कि कुलपति के आदेश तत्कालीन कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक प्रभाष द्विवेदी ने वार्षिक परीक्षा 2020 की समय सारिणी एवं परीक्षा केंद्रों का निर्धारण 29 नवंबर 2019 को ही कर दिया गया है। इसे कुलपति ने अनुमोदित भी कर दिया है। रजिस्ट्रार के इस पत्र के बाद अब सेंटर निर्धारण के लिए आवेदनों को कोई मतलब नहीं रह गया। रजिस्ट्रार का कहना है कि कुलपति के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है। 15 फरवरी तक केंद्रों की सूची ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी और इसके बाद जल्द ही आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा।
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