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भारी अव्यवस्था के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:07 AM IST
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यूपी बोर्ड की ओर से बृहस्पतिवार को शुरू हुई परीक्षा के पहले दिन अव्यवस्था का बोलबाला रहा। हिंदी की परीक्षा में भी कई केंद्रों पर छात्रों को प्रश्नपत्र बोलकर हल कराया जाता रहा। परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी एवं दूसरी पाली में इंटरमीडिएट हिंदी का प्रश्नपत्र था। पर्चा आसान होने के बाद भी केंद्रों पर नकल सामग्री पहुंचाने वालों का बोलबाला रहा। हाईस्कूल में हिंदी काफी अहम है। हिंदी में फेल छात्रों को अन्य सभी विषयों में पास होने के बाद भी फेल माना जाता है, जबकि किसी अन्य एक विषय में फेल होने पर पास होने की सुविधा मिलती है। हिंदी की इस अनिवार्यता के कारण इस परीक्षा में सख्ती भी काफी दिखी।
कोर्ट की ओर से यूपी बोर्ड परीक्षा में सख्त व्यवस्था के आदेश के बाद भी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षाकर्मी गायब रहे। अधिकांश केंद्रों पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ी। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस नहीं होने से नकल कराने वाले माफिया आसानी से केंद्रों के अंदर परीक्षार्थियों तक नकल सामग्री पहुंचा रहे थे। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ी। केंद्र व्यवस्थापक भी पुलिस नहीं होने की शिकायत करते मिले।
केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती के आदेश के बाद भी अधिकांश केंद्रों पर पहले दिन स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे। केंद्र पर कोई निगरानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण नकल माफिया एवं प्रबंधन के लोग मनमाने तरीके से केन्द्रों तक नकल सामग्री पहुंचाते रहे।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल की हाईटेक व्यवस्था अपनाने के बाद नकल माफिया ने अब अपनी जाल बोर्ड परीक्षा को भी जकड़ लिया है। परीक्षा कक्ष में अपने मोबाइल के साथ पहुंचे छात्रों ने पर्चा बंटते ही उसकी फोटो अपने मोबाइल में खींचकर तत्काल खिड़की के रास्ते उसे बाहर अपने साथियों को भेज दिया। बाहर पर्चा पहुंचते ही सॉल्वर के जरिए पर्चा हल करके उसे अंदर पहुंचाते रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा में हिंदी के प्रश्नपत्र में भी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट की व्यवस्था होने के बाद भी कक्ष निरीक्षक छात्रों को पर्चा बोलकर लिखाते मिले। गंगापार एवं यमुनापार के कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक बोलकर प्रश्नपत्र को हल कराते रहे। इस बात का प्रमाण एक कक्ष के परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान के बाद मिला।
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कोर्ट की ओर से यूपी बोर्ड परीक्षा में सख्त व्यवस्था के आदेश के बाद भी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षाकर्मी गायब रहे। अधिकांश केंद्रों पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ी। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस नहीं होने से नकल कराने वाले माफिया आसानी से केंद्रों के अंदर परीक्षार्थियों तक नकल सामग्री पहुंचा रहे थे। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ी। केंद्र व्यवस्थापक भी पुलिस नहीं होने की शिकायत करते मिले।
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केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती के आदेश के बाद भी अधिकांश केंद्रों पर पहले दिन स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे। केंद्र पर कोई निगरानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण नकल माफिया एवं प्रबंधन के लोग मनमाने तरीके से केन्द्रों तक नकल सामग्री पहुंचाते रहे।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल की हाईटेक व्यवस्था अपनाने के बाद नकल माफिया ने अब अपनी जाल बोर्ड परीक्षा को भी जकड़ लिया है। परीक्षा कक्ष में अपने मोबाइल के साथ पहुंचे छात्रों ने पर्चा बंटते ही उसकी फोटो अपने मोबाइल में खींचकर तत्काल खिड़की के रास्ते उसे बाहर अपने साथियों को भेज दिया। बाहर पर्चा पहुंचते ही सॉल्वर के जरिए पर्चा हल करके उसे अंदर पहुंचाते रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा में हिंदी के प्रश्नपत्र में भी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट की व्यवस्था होने के बाद भी कक्ष निरीक्षक छात्रों को पर्चा बोलकर लिखाते मिले। गंगापार एवं यमुनापार के कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक बोलकर प्रश्नपत्र को हल कराते रहे। इस बात का प्रमाण एक कक्ष के परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान के बाद मिला।