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सचिव के आश्वासन के बाद अनशन खत्म
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:27 AM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रतियोगी छात्रों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को देर रात सचिव चयन बोर्ड के आश्वासन के बाद खत्म हो गया। चयन बोर्ड के सचिव जितेंद्र कुमार ने प्रमुख सचिव माध्यमिक से वार्ता के बाद अनशन पर बैठे प्रतियोगियों को आश्वस्त किया कि फरवरी माह के अंत तक सरकार चयन बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के साथ इसका पूर्ण गठन कर देगी। सचिव के आश्वासन के बाद टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगी मोर्चा के छात्र अपना अनशन खत्म कर दिए।
इससे पूर्व प्रतियोगी छात्र मांगों को लेकर बारिश के बीच दिनभर अनशन पर बैठे रहे। प्रतियोगियों ने शाम को मशाल जुलूस निकाल अपनी ताकत भी दिखाई। अनशन के सातवें दिन आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल हुईं। अनशन पर बैठने वालों में पीएन वर्मा, अभिषेक सिंह शामिल रहे। प्रतियोगियों ने अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। इससे पहले टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगी मोर्चा के अध्यक्ष रिंकू सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार चयन बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति में आ रही बाधा दूर करके नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं कर रही है। नियुक्ति प्रक्रिया 2010 के बाद से ठप पड़ी है।
चयन बोर्ड की ओर से 2011, 2013 में दो बार टीजीटी-पीजीटी की भर्ती की घोषणा के बाद भी एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं हो सकी है। प्रदेश सरकार की ओर से गलत तरीके से अयोग्य अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट ने चयन बोर्ड पर कड़ी कार्रवाई करके भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने सरकार से मानक के अनुसार अध्यक्ष-सदस्य की नियुक्ति करने को कहा है।
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इससे पूर्व प्रतियोगी छात्र मांगों को लेकर बारिश के बीच दिनभर अनशन पर बैठे रहे। प्रतियोगियों ने शाम को मशाल जुलूस निकाल अपनी ताकत भी दिखाई। अनशन के सातवें दिन आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल हुईं। अनशन पर बैठने वालों में पीएन वर्मा, अभिषेक सिंह शामिल रहे। प्रतियोगियों ने अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। इससे पहले टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगी मोर्चा के अध्यक्ष रिंकू सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार चयन बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति में आ रही बाधा दूर करके नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं कर रही है। नियुक्ति प्रक्रिया 2010 के बाद से ठप पड़ी है।
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चयन बोर्ड की ओर से 2011, 2013 में दो बार टीजीटी-पीजीटी की भर्ती की घोषणा के बाद भी एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं हो सकी है। प्रदेश सरकार की ओर से गलत तरीके से अयोग्य अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट ने चयन बोर्ड पर कड़ी कार्रवाई करके भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने सरकार से मानक के अनुसार अध्यक्ष-सदस्य की नियुक्ति करने को कहा है।
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