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लंबे समय बाद आयोग के रिजल्ट पर विवाद नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:01 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के किसी रिजल्ट पर लंबे समय बाद फिलहाल कोई विवाद सामने नहीं आया है। विगत कई वर्षों से आयोग के रिजल्ट और विवादों का गहरा नाता रहा, लेकिन लोअर सबऑर्डिनेट-2013 का अंतिम परिणाम घोषित होने के 24 घंटे बाद भी किसी तरह की आपत्ति नहीं हुई है।
अनिल यादव के अध्यक्ष बनने के बाद आयोग की भर्तियों में खास जाति के लोगों को बढ़ावा देने समेत अनियमितता के लगातार आरोप लगते रहे। अनिल ने दो अप्रैल 2013 को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने पिछले साल अक्तूबर में उनकी नियुक्ति रद्द कर दी। तकरीबन ढाई साल के इस कार्यकाल के दौरान कई विवादित फैसलों की वजह से अनियमितता की आशंकाओं को और बल मिला। इसके खिलाफ प्रतियोगी लगातार आंदोलनरत रहे। इसके अलावा प्रतियोगियों ने उनके समय में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की है।
आपत्तियाें की वजह से कई भर्तियां अब भी फंसी हैं, लेकिन अनिल यादव के जाने के बाद आयोग की ओर से घोषित पहली बड़ी भर्ती के रिजल्ट को लेकर फिलहाल कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई है। आयोग ने सोमवार को लोअर सबऑर्डिनेट-2013 के अंतर्गत 1545 पदों के लिए रिजल्ट घोषित किया। फिलहाल इसमें किसी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई है। इससे प्रतियोगियों में भी नाउम्मीदी और निराशा की जगह उम्मीद की किरण जगी है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार जैन का कहना है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया। किसी तरह के पक्षपात या गड़बड़ी की शिकायत नहीं है।
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अनिल यादव के अध्यक्ष बनने के बाद आयोग की भर्तियों में खास जाति के लोगों को बढ़ावा देने समेत अनियमितता के लगातार आरोप लगते रहे। अनिल ने दो अप्रैल 2013 को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने पिछले साल अक्तूबर में उनकी नियुक्ति रद्द कर दी। तकरीबन ढाई साल के इस कार्यकाल के दौरान कई विवादित फैसलों की वजह से अनियमितता की आशंकाओं को और बल मिला। इसके खिलाफ प्रतियोगी लगातार आंदोलनरत रहे। इसके अलावा प्रतियोगियों ने उनके समय में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की है।
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आपत्तियाें की वजह से कई भर्तियां अब भी फंसी हैं, लेकिन अनिल यादव के जाने के बाद आयोग की ओर से घोषित पहली बड़ी भर्ती के रिजल्ट को लेकर फिलहाल कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई है। आयोग ने सोमवार को लोअर सबऑर्डिनेट-2013 के अंतर्गत 1545 पदों के लिए रिजल्ट घोषित किया। फिलहाल इसमें किसी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई है। इससे प्रतियोगियों में भी नाउम्मीदी और निराशा की जगह उम्मीद की किरण जगी है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार जैन का कहना है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया। किसी तरह के पक्षपात या गड़बड़ी की शिकायत नहीं है।
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