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क्रेट में देनी होगी सिर्फ एक पेपर की परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:14 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट-2016) में अभ्यर्थियाें को अब सिर्फ एक पेपर में शामिल होना होगा। वह भी संबंधित विषय की परीक्षा में। इस बार से वस्तुनिष्ट आधारित प्रश्नपत्र तैयार करने का निर्णय लिया गया है। इसमें सामान्य अध्ययन की परीक्षा नहीं होगी। जेआरएफ क्वालीफाइड अभ्यर्थियों को इस परीक्षा से छूट मिलेगी।
अभी तक क्रेट के अभ्यर्थियाें को लिखित परीक्षा में दो पेपर में शामिल होना होता था। पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन तथा दूसरा संबंधित सब्जेक्ट का होता था। दूसरा पेपर विस्तृत उत्तरीय होता था। नेट क्वालीफाइड अभ्यर्थियों को पहले तथा जेआरएफ वालों को दोनों पेपर से छूट मिलती थी, लेकिन अब परीक्षा के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रारूप के अंतर्गत वस्तुनिष्ट आधारित एक ही पेपर की परीक्षा होगी। 90 मिनट के पेपर में संबंधित विषय के 125 प्रश्न होंगे। परीक्षा ऑनलाइन होगी। सही जवाब पर चार अंक मिलेंगे। गलत जवाब पर एक अंक कट जाएगा।
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर जगदम्बा सिंह ने बताया कि स्नातक के अलावा अन्य सभी प्रवेश परीक्षाएं सिर्फ ऑनलाइन होंगी। परास्नातक प्रवेश परीक्षा में भी 90 मिनट में 125 प्रश्न हल करने होंगे। परास्नातक के अभ्यर्थियों को दो पेपर की परीक्षा देनी होगी। उन्हाेंने बताया कि यह भी निर्णय लिया गया है कि सभी पाठ्यक्रमों में अब एक प्रश्न के सही जवाब पर चार अंक दिए जाएंगे। गलत पर एक अंक काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार नया सत्र शुरू होने से पहले स्नातक, परास्नातक, विधि के अलावा क्रेट का रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।
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अभी तक क्रेट के अभ्यर्थियाें को लिखित परीक्षा में दो पेपर में शामिल होना होता था। पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन तथा दूसरा संबंधित सब्जेक्ट का होता था। दूसरा पेपर विस्तृत उत्तरीय होता था। नेट क्वालीफाइड अभ्यर्थियों को पहले तथा जेआरएफ वालों को दोनों पेपर से छूट मिलती थी, लेकिन अब परीक्षा के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रारूप के अंतर्गत वस्तुनिष्ट आधारित एक ही पेपर की परीक्षा होगी। 90 मिनट के पेपर में संबंधित विषय के 125 प्रश्न होंगे। परीक्षा ऑनलाइन होगी। सही जवाब पर चार अंक मिलेंगे। गलत जवाब पर एक अंक कट जाएगा।
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प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर जगदम्बा सिंह ने बताया कि स्नातक के अलावा अन्य सभी प्रवेश परीक्षाएं सिर्फ ऑनलाइन होंगी। परास्नातक प्रवेश परीक्षा में भी 90 मिनट में 125 प्रश्न हल करने होंगे। परास्नातक के अभ्यर्थियों को दो पेपर की परीक्षा देनी होगी। उन्हाेंने बताया कि यह भी निर्णय लिया गया है कि सभी पाठ्यक्रमों में अब एक प्रश्न के सही जवाब पर चार अंक दिए जाएंगे। गलत पर एक अंक काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार नया सत्र शुरू होने से पहले स्नातक, परास्नातक, विधि के अलावा क्रेट का रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।
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