{"_id":"00b18effccb90e59f57e664e28485495","slug":"allahabad-news-hindi-news-914","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगम की रेती पर एक और गंगा आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगम की रेती पर एक और गंगा आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेद, पुराण, उपनिषद, श्रीमद्भागवत, रामचरित मानस सहित सनातन धर्म से जुड़ी धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशक गोरखपुर के गीता प्रेस की ओर से अब अविरल-निर्मल गंगा के लिए आंदोलन की शुरुआत की गई है। गीता प्रेस की कल्याण पत्रिका के ‘गंगा विशेषांक’ के माध्यम से पीएम मोदी सहित देशवासियों को गंगा की दशा-दिशा से अवगत कराया जाएगा। रविवार को संगम की रेती के संगम लोअर मार्ग स्थित गीता प्रेस के शिविर में गंगा अंक का विमोचन किया गया।
बतौर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष ने गीता प्रेस के कार्यों की सराहना की। कहा, धार्मिक पुस्तकों को प्रकाशित कर गीताप्रेस ने उन्हें जनजन के लिए सुलभ कराया है। बतौर अध्यक्ष पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि वर्तमान और पूर्व दोनों ही सरकारों की कथनी और करनी में अंतर है। विकास के नाम पर जगह-जगह गंगा को बांधा जा रहा है जिसका खामियाजा सभी भुगत रहे हैं।
अध्यक्ष राधेश्याम खेमका ने कहा, गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली कल्याण पत्रिका का 90वां अंक मां गंगा को समर्पित है। पिछले माघ मेले के दौरान ही करोड़ों की आस्था का केंद्र गंगा की अविरलता-निर्मलता को लेकर अंक निकालने की योजना बनी थी, वर्ष भर के अथक परिश्रम के बाद अब गंगा अंक सामने है। इसमें गंगा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के साथ आरोग्य प्राप्ति में गंगाजल की उपयोगिता, वैशिष्ट्य, आख्यान, उपासना के स्वरूप, इतिहास, वर्तमान स्थिति आदि को पांच सौ पृष्ठों में संकलित किया गया है। महंत नृत्य गोपाल दास ने गंगा रक्षा का संकल्प दोहराया। कृष्ण कुमार खेमका ने अतिथियों का स्वागत और रोहित कुमार सिंह ने संचालन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बतौर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष ने गीता प्रेस के कार्यों की सराहना की। कहा, धार्मिक पुस्तकों को प्रकाशित कर गीताप्रेस ने उन्हें जनजन के लिए सुलभ कराया है। बतौर अध्यक्ष पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि वर्तमान और पूर्व दोनों ही सरकारों की कथनी और करनी में अंतर है। विकास के नाम पर जगह-जगह गंगा को बांधा जा रहा है जिसका खामियाजा सभी भुगत रहे हैं।
विज्ञापन
अध्यक्ष राधेश्याम खेमका ने कहा, गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली कल्याण पत्रिका का 90वां अंक मां गंगा को समर्पित है। पिछले माघ मेले के दौरान ही करोड़ों की आस्था का केंद्र गंगा की अविरलता-निर्मलता को लेकर अंक निकालने की योजना बनी थी, वर्ष भर के अथक परिश्रम के बाद अब गंगा अंक सामने है। इसमें गंगा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के साथ आरोग्य प्राप्ति में गंगाजल की उपयोगिता, वैशिष्ट्य, आख्यान, उपासना के स्वरूप, इतिहास, वर्तमान स्थिति आदि को पांच सौ पृष्ठों में संकलित किया गया है। महंत नृत्य गोपाल दास ने गंगा रक्षा का संकल्प दोहराया। कृष्ण कुमार खेमका ने अतिथियों का स्वागत और रोहित कुमार सिंह ने संचालन किया।
विज्ञापन