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गौ, गंगा, राष्ट्र रक्षा सर्वोपरि
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:45 AM IST
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अखिल भारतीय दंडी सन्यासी प्रबंधन समिति के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम की पहल पर माघ मेला के दंडीस्वामी नगर स्थित उनके नागेश्वर धाम स्थित शिविर में बुधवार को धर्मसंसद में संतों ने गौ, गंगा, राष्ट्र रक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इनकी रक्षा का संकल्प लिया। धर्म संसद में गौ को राष्ट्र माता मानने और गौ मंत्रालय बनाने की मांग की। इस दौरान निर्मल गंगा, आतंकवाद के खिलाफ जनजागरण, मठ मंदिरों के अधिग्रहण के विरोध का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
बतौर अध्यक्ष काशी सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, नस्ल सुधारने के नाम देसी गौ को समाप्त किया जा रहा है। गंगा को सीवर में मिलाने का कुचक्र जारी है। उन्होंने मंच से राष्ट्रद्रोहियों की लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण करते हुए उन्हें दंडित किए जाने और भगवान राम के नाम पर मुकदमा दर्ज कराने वाले वकील की सदस्यता निरस्त करने की मांग की।
स्वामी महेशाश्रम ने कहा, मठ मंदिरों के अधिग्रहण पर रोक लगे। आतंकवाद के खिलाफ संत जनजागरण करेंगे, इसकी शुरुआत माघ मेला के बाद होगी। टीकरमाफी के स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा, धर्म सम्राट स्वामी करपात्री की अगुवाई में हुए गो रक्षा आंदोलन की तरह एक बार फिर आंदोलन की जरूरत है। बूचड़ खाने भी बंद हों। धर्म संसद में अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमल देव आश्रम, महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, शंकराश्रम, सच्चा बाबा आश्रम के गोपाल जी आदि ने भी अपनी बात रखी। सच्चा बाबा आश्रम के चंद्रदेव मिश्र ने संचालन किया।
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बतौर अध्यक्ष काशी सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, नस्ल सुधारने के नाम देसी गौ को समाप्त किया जा रहा है। गंगा को सीवर में मिलाने का कुचक्र जारी है। उन्होंने मंच से राष्ट्रद्रोहियों की लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण करते हुए उन्हें दंडित किए जाने और भगवान राम के नाम पर मुकदमा दर्ज कराने वाले वकील की सदस्यता निरस्त करने की मांग की।
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स्वामी महेशाश्रम ने कहा, मठ मंदिरों के अधिग्रहण पर रोक लगे। आतंकवाद के खिलाफ संत जनजागरण करेंगे, इसकी शुरुआत माघ मेला के बाद होगी। टीकरमाफी के स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा, धर्म सम्राट स्वामी करपात्री की अगुवाई में हुए गो रक्षा आंदोलन की तरह एक बार फिर आंदोलन की जरूरत है। बूचड़ खाने भी बंद हों। धर्म संसद में अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमल देव आश्रम, महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, शंकराश्रम, सच्चा बाबा आश्रम के गोपाल जी आदि ने भी अपनी बात रखी। सच्चा बाबा आश्रम के चंद्रदेव मिश्र ने संचालन किया।
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