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यंगस्टर, देर से शादी करना महिलाओं को पड़ रहा भारी
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 04 Feb 2016 01:21 AM IST
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तमाम कोशिशों के बावजूद युवाओं और महिलाओं में कैंसर का खतरा कम नहीं हो रहा है। कॅरियर की चक्कर में देर से शादी करने वाली महिलाओं और धूम्रपान लगातार करने से युवाओं में कैंसर के मामले बढ़ गए हैं। कमला नेहरू अस्पताल के साथ शहर के निजी अस्पतालों में स्तन कैंसर के साल भर में दो हजार मामले आने लगे हैं जबकि धूम्रपान करने वालों की कैंसर के कुल मरीजों की संख्या में सबसे अधिक है।
कमला नेहरू स्मारक अस्पताल, कृति कैंसर सेंटर निदान केंद्र सहित शहर के निजी नर्सिंग होम की रिपोर्ट के मुताबिक साल भर में कुल 10 हजार मामले सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मामले धूम्रपान से होने वाले कैंसर के ही आ रहे हैं। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके मिश्र कहते हैं कि कैंसर के साल भर में आने वाले कुल मामलों में पचास फीसदी मामले तंबाकू से होने वाले कैंसर के ही हैं। इसके बाद स्तन कैंसर के हैं। गंगेटिक बेल्ट होेने से पित्त की थैली के कैंसर के मामले भी कम नहीं हुए हैं। इसके अलावा गर्भाशय, फेफड़ा और ब्लड कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं।
कमला नेहरू स्मारक अस्पताल के डॉ. बी पॉल कहते हैं कि स्मोकिंग और स्तन ये दो मामले पहले के मुकाबले अब ज्यादा आ रहे हैं। इलाहाबाद और उसके आसपास के जिलों में लगातार बढ़ रहे कैंसर के मामलों के बावजूद सरकार व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। मंडल के सबसे बड़े स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में उपचार की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। कैंसर यूनिट के लिए भवन बनाया गया लेकिन वह सालों से ऐसे ही पड़ा हुआ है।
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कमला नेहरू स्मारक अस्पताल, कृति कैंसर सेंटर निदान केंद्र सहित शहर के निजी नर्सिंग होम की रिपोर्ट के मुताबिक साल भर में कुल 10 हजार मामले सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मामले धूम्रपान से होने वाले कैंसर के ही आ रहे हैं। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके मिश्र कहते हैं कि कैंसर के साल भर में आने वाले कुल मामलों में पचास फीसदी मामले तंबाकू से होने वाले कैंसर के ही हैं। इसके बाद स्तन कैंसर के हैं। गंगेटिक बेल्ट होेने से पित्त की थैली के कैंसर के मामले भी कम नहीं हुए हैं। इसके अलावा गर्भाशय, फेफड़ा और ब्लड कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं।
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कमला नेहरू स्मारक अस्पताल के डॉ. बी पॉल कहते हैं कि स्मोकिंग और स्तन ये दो मामले पहले के मुकाबले अब ज्यादा आ रहे हैं। इलाहाबाद और उसके आसपास के जिलों में लगातार बढ़ रहे कैंसर के मामलों के बावजूद सरकार व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। मंडल के सबसे बड़े स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में उपचार की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। कैंसर यूनिट के लिए भवन बनाया गया लेकिन वह सालों से ऐसे ही पड़ा हुआ है।
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