फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

चौक में अतिक्रमण का झाम, यहां आने वाला हर शख्स परेशान

Mon, 25 Jan 2016 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Mon, 25 Jan 2016 01:30 AM IST
विज्ञापन

शहर के प्रमुख बाजार चौक का अतिक्रमण से बुरा हाल है। ऐसा नहीं है कि यहां नगर निगम अभियान नहीं चलाता है लेकिन अभियान चलाने के चंद घंटों बाद यहां रोड पटरी पर एक बार फिर से दुकानदार कब्जा कर लेते हैं। यहां घंटाघर, कोतवाली, जानसेनगंज, जवाहर स्क्वायर, ठठेरी बाजार आदि की यही स्थिति है। आम लोग का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से यहां वाहन क्या पैदल चलना भी मुश्किल है।

विज्ञापन

चौक बाजार शहर के पुराने इलाकों में शामिल है। शहर का एक बड़ा तबका आम जरूरत की सभी चीजों की खरीददारी के लिए चौक आना ही पसंद करता है, लेकिन बीते कुछ सालों से यहां बढ़ रहे अतिक्रमण से अब लोग परेशान होने लगे हैं। चौक का शायद ही ऐसा कोई इलाका बचा होगा जहां स्थानीय व्यापारियों ने अतिक्रमण न कर रखा हो। अब कोतवाली के पास नीम के पेड़ वाले इलाके को ही देखे। चौक स्थित नीम का पेड़ देश की आजादी के आंदोलन का गवाह है। इस पेड़ के पास तमाम लोगों ने खासा अतिक्रमण कर रखा है। 

विज्ञापन

कुछ लोगों ने यहां कई-कई फीट तक अतिक्रमण कर रखा है। यही स्थिति जवाहर स्क्वायर और चौक स्थित बरामदे के बाहर वाली सड़क की भी है। कुछ वर्ष पूर्व यहां नगर निगम और पुलिस ने साझा अभियान चलाकर यह सड़क काफी चौड़ी कर दी थी। पुलिस ने यहां कई दिन सख्ती भी दिखाई। इस वजह से यहां काफी दिन तक लोगों को सहूलियत हुई, लेकिन पुलिस सख्ती कम होते ही एक बार फिर से अतिक्रमण बढ़ गया। शाम के वक्त इस सड़क की स्थिति कुछ ज्यादा ही विकट हो जाती है। आलम ये है कि शाम के वक्त यहां वाहन क्या लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल है। चौक क्षेत्र के ठठेरी बाजार, मीरगंज, गुड़मंडी आदि का भी यही हाल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उधर घंटाघर और जानसेनगंज की बात करें तो यहां अतिक्रमण के चलते हर पल जाम की स्थिति रहती है। बीच सड़क पर वाहन पार्किंग वाले स्थान पर ठेले, खोमचे वालों की वजह से बीते कुछ समय से यहां अतिक्रमण कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। नगर निगम भी यहां अभियान लंबे समय से नहीं चला सका है। बीच मेें एक बार अभियान चला भी था लेकिन तोड़ू दस्ते के जाते ही रोड पटरी पर एक बार फिर से अवैध कब्जा हो गया। नगर निगम के अफसरों का कहना है कि अगर किसी इलाके में अतिक्रमण अभियान चलता है तो संबंधित थाने की जिम्मेदारी है कि दुबारा वहां अतिक्रमण न हो। लेकिन ऐसा कहीं भी नहीं होता कि नगर निगम अभियान चलाये और वहां दोबारा कब्जा न हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed