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सख्ती का असर, नहीं मिली कोई गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 16 Aug 2015 11:07 PM IST
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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से रविवार को संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) टीयर-एक की दूसरे चरण की परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के पूरी हो गई। एसएससी मध्य क्षेत्र की ओर से उत्तर प्रदेश एवं बिहार के नौ शहरों में 3.4 लाख परीक्षार्थियों के लिए कुल 347 केन्द्रों पर परीक्षा कराई गई। आयोग की ओर से केन्द्रों पर बरती गई सख्ती एवं कक्ष के अंदर परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था में किए गए परिवर्तन का असर रहा कि किसी भी केन्द्र पर नकल की कोई शिकायत नहीं मिली। परीक्षा में 59.61 फीसदी अभ्यर्थी मौजूद रहे। इलाहाबाद में रिकार्ड एक लाख 700 परीक्षार्थियों के लिए कुल 76 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा केन्द्रों पर बाहर से नकल रोकने के लिए एसएससी की ओर से सीजीएल परीक्षा में यूनिक पेपर सेट करने की व्यवस्था की गई थी। पहले चरण में इस व्यवस्था को लागू करने के कारण मोबाइल के जरिए नकल करके परीक्षा पास करने वालों के मंसूबे सफल नहीं हो सके थे। दूसरे चरण में भी परीक्षा केन्द्रों पर पूरी तरह से चौकासी होने के कारण नकलची सफल नहीं हो सके। एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि सीजीएल 2015 में परीक्षा कक्ष के अंदर परीक्षार्थियों बैठने का क्रम कक्ष निरीक्षक एवं केन्द्र व्यवस्थापक को दे देने के बाद नकलची एक साथ नहीं बैठ पाए। इसके साथ ओएमआर पर बायें हाथ का अंगूठा लगाए जाने के नियम के बाद फर्जी परीक्षार्थियों को भी रोका जा सका है।
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परीक्षा केन्द्रों पर बाहर से नकल रोकने के लिए एसएससी की ओर से सीजीएल परीक्षा में यूनिक पेपर सेट करने की व्यवस्था की गई थी। पहले चरण में इस व्यवस्था को लागू करने के कारण मोबाइल के जरिए नकल करके परीक्षा पास करने वालों के मंसूबे सफल नहीं हो सके थे। दूसरे चरण में भी परीक्षा केन्द्रों पर पूरी तरह से चौकासी होने के कारण नकलची सफल नहीं हो सके। एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि सीजीएल 2015 में परीक्षा कक्ष के अंदर परीक्षार्थियों बैठने का क्रम कक्ष निरीक्षक एवं केन्द्र व्यवस्थापक को दे देने के बाद नकलची एक साथ नहीं बैठ पाए। इसके साथ ओएमआर पर बायें हाथ का अंगूठा लगाए जाने के नियम के बाद फर्जी परीक्षार्थियों को भी रोका जा सका है।
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