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राष्ट्रपति के संबोधन पर भी अराजकता का ग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 11 Aug 2015 12:01 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का संबोधन भी अराजकता की भेंट चढ़ गया। बिजली-पानी की मांग को लेकर केपीयूसी हॉस्टल के छात्रों ने सोमवार को डीएसडब्ल्यू को सीनेट हाल में ही बंधक बना लिया। उस समय राष्ट्रपति के संबोधन के लाइव प्रसारण की तैयारी चल रही थी। छात्रों ने इसके लिए आए प्रोजेक्टर आदि भी हटवा दिए। वहां मौजूद शिक्षक और अफसर लाचार होकर सबकुछ देखते रहे। आश्वासन देकर उन्हें किसी तरह से हटाया गया और प्रसारण की औपचारिकता निभाई गई, लेकिन यहां की अराजकता राष्ट्रपति तथा अन्य संस्थान के लोग न देख लें इसलिए विश्वविद्यालय को मेन सर्वर से नहीं जोड़ा गया। हां, अंतिम समय में इतनी व्यवस्था जरूर कर दी गई कि छात्र-छात्रा राष्ट्रपति के संबोधन तथा कार्यक्रम को देख और सुन सकें। इस गतिरोध का यह भी नतीजा रहा कि राष्ट्रपति के संबोधन का प्रसारण तो हुआ लेकिन उनकी आवाज स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। इसके लिए ठीक से कनेक्टिविटी न होने को कारण बताया जा रहा है।
राष्ट्रपति बनने के बाद प्रणव मुखर्जी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करने की परंपरा शुरू की है। वह सत्र के शुरुआत तथा नए साल के मौके पर यानी, वर्ष में दो बार विद्यार्थियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबोधित करते हैं। इस दौरान वे चुनिंदा छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का जवाब भी देते हैं। इसी कार्यक्रम के तहत सोमवार को दिन में 12.30 बजे उन्होंने देश भर के केंद्रीय संस्थानों के शिक्षकों और विद्यार्थियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह रहा और पूरा सीनेट हाल भरा रहा, लेकिन विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान भी अराजकता हावी रही। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर जेए अंसारी की निगरानी में कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी कि केपीयूसी हॉस्टल के छात्र वहां पहुंच गए।
उन्होंने डीएसडब्ल्यू को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। वे विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की तरह ट्रस्ट के छात्रावासों में भी 24 घंटे बिजली की व्यवस्था, वाटर कूलर आदि की मांग कर रहे थे। उन्होंने प्रोजेक्टर आदि भी हटवा दिए। उनका कहना था कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो राष्ट्रपति के संबोधन का प्रसारण भी नहीं होने देंगे। प्रोफेसर आरके सिंह आदि शिक्षकों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि विरोध प्रदर्शन के लिए यह उचित मौका नहीं है, लेकिन छात्र नहीं माने। एक घंटे से अधिक समय तक गतिरोध बना रहा तथा डीएसडब्ल्यू छात्रों से घिरे रहे। हालांकि, ठीक 12.30 बजे डीएसडब्ल्यू ने मांग माने जाने का आश्वासन दिया और छात्रों को लेकर बाहर चले गए। इसके बाद आननफानन में प्रसारण की व्यवस्था की गई। फिर हंगामा शुरू न हो जाए, इसलिए विश्वविद्यालय को मेन सर्वर से नहीं जोड़ा गया। विद्यार्थियों को सिर्फ प्रसारण दिखाया गया। संबोधन के दौरान कुलपति प्रोफेसर एनआर फारूकी, डीन सीडीसी प्रोफेसर असीम मुखर्जी, प्रोफेसर एनबी सिंह, डॉ. एनके शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रपति बनने के बाद प्रणव मुखर्जी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करने की परंपरा शुरू की है। वह सत्र के शुरुआत तथा नए साल के मौके पर यानी, वर्ष में दो बार विद्यार्थियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबोधित करते हैं। इस दौरान वे चुनिंदा छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का जवाब भी देते हैं। इसी कार्यक्रम के तहत सोमवार को दिन में 12.30 बजे उन्होंने देश भर के केंद्रीय संस्थानों के शिक्षकों और विद्यार्थियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह रहा और पूरा सीनेट हाल भरा रहा, लेकिन विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान भी अराजकता हावी रही। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर जेए अंसारी की निगरानी में कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी कि केपीयूसी हॉस्टल के छात्र वहां पहुंच गए।
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उन्होंने डीएसडब्ल्यू को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। वे विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की तरह ट्रस्ट के छात्रावासों में भी 24 घंटे बिजली की व्यवस्था, वाटर कूलर आदि की मांग कर रहे थे। उन्होंने प्रोजेक्टर आदि भी हटवा दिए। उनका कहना था कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो राष्ट्रपति के संबोधन का प्रसारण भी नहीं होने देंगे। प्रोफेसर आरके सिंह आदि शिक्षकों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि विरोध प्रदर्शन के लिए यह उचित मौका नहीं है, लेकिन छात्र नहीं माने। एक घंटे से अधिक समय तक गतिरोध बना रहा तथा डीएसडब्ल्यू छात्रों से घिरे रहे। हालांकि, ठीक 12.30 बजे डीएसडब्ल्यू ने मांग माने जाने का आश्वासन दिया और छात्रों को लेकर बाहर चले गए। इसके बाद आननफानन में प्रसारण की व्यवस्था की गई। फिर हंगामा शुरू न हो जाए, इसलिए विश्वविद्यालय को मेन सर्वर से नहीं जोड़ा गया। विद्यार्थियों को सिर्फ प्रसारण दिखाया गया। संबोधन के दौरान कुलपति प्रोफेसर एनआर फारूकी, डीन सीडीसी प्रोफेसर असीम मुखर्जी, प्रोफेसर एनबी सिंह, डॉ. एनके शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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