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मोबाइल से दोस्ती बन गई मधुबाला के लिए काल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 28 Dec 2015 11:53 PM IST
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यमुनापार के कोरांव इलाके में शनिवार दोपहर सहायक अध्यापिका मधुबाला के कत्ल की छानबीन कर रही पुलिस को शक है कि महिला के कत्ल के पीछे मोबाइल फोन पर अजबनी युवक से दोस्ती है। कोरांव थाने की पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल हासिलकर छानबीन की तो खासे सुराग मिल गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कातिलों का भी पता चल गया है जिन्हें दबोचने के लिए छापेमारी की जा रही है।
कोरांव के गोबरी गांव में शनिवार शाम मिली स्कूटी और महिला की लाश ने पुलिस को उलझा दिया था। रविवार को पता चला कि मारी गई महिला मधुबाला का मायका कोरांव के ही कोलरिया गांव में है मगर वह मिर्जापुर के तिलांव में त्रिलोकीनाथ से ब्याही थी। वह सूरत में रहकर नौकरी करता है। मधुबाला के दो बच्चे हैं। वह मिर्जापुर के ही प्राथमिक पाठशाला में सहायक अध्यापिका थी। जांच में पुलिस को पता चला कि मधुबाला शनिवार दोपहर खुद स्कूटी पर कोरांव के गोबरी गांव पहुंची और लोगों से रास्ता पूछकर जंगल के निकट स्थित शिव मंदिर की ओर गई थी।
वहां उसे दो युवकों के साथ देखा गया था। शक है कि वही युवक उसे मारकर भाग गए। पहले माना गया था कि उसे गला घोंटकर मारा गया मगर पोस्टमार्टम में पता चला कि उसकी मौत का कारण जहर था। यानी युवकों ने उसे किसी चीज में मिलाकर जहर खिला दिया था। सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे के मुताबिक, परिजनों से बातचीत में कोई सुराग नहीं मिला तो मधुबाला के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल हासिल की गई।
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उसका मोबाइल फोन गायब था। अब तक की जांच के बाद अनुमान है कि उन युवकों से मधुबाला की मोबाइल फोन के जरिए दोस्ती हो गई थी। वह उनसे मिलने गई तो वहीं उसे मार डाला गया। युवकों के बारे में पता चल गया है। उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। उनके बयान से ही साफ होगा कि मधुबाला के कत्ल का कारण क्या था।
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कोरांव के गोबरी गांव में शनिवार शाम मिली स्कूटी और महिला की लाश ने पुलिस को उलझा दिया था। रविवार को पता चला कि मारी गई महिला मधुबाला का मायका कोरांव के ही कोलरिया गांव में है मगर वह मिर्जापुर के तिलांव में त्रिलोकीनाथ से ब्याही थी। वह सूरत में रहकर नौकरी करता है। मधुबाला के दो बच्चे हैं। वह मिर्जापुर के ही प्राथमिक पाठशाला में सहायक अध्यापिका थी। जांच में पुलिस को पता चला कि मधुबाला शनिवार दोपहर खुद स्कूटी पर कोरांव के गोबरी गांव पहुंची और लोगों से रास्ता पूछकर जंगल के निकट स्थित शिव मंदिर की ओर गई थी।
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वहां उसे दो युवकों के साथ देखा गया था। शक है कि वही युवक उसे मारकर भाग गए। पहले माना गया था कि उसे गला घोंटकर मारा गया मगर पोस्टमार्टम में पता चला कि उसकी मौत का कारण जहर था। यानी युवकों ने उसे किसी चीज में मिलाकर जहर खिला दिया था। सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे के मुताबिक, परिजनों से बातचीत में कोई सुराग नहीं मिला तो मधुबाला के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल हासिल की गई।
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उसका मोबाइल फोन गायब था। अब तक की जांच के बाद अनुमान है कि उन युवकों से मधुबाला की मोबाइल फोन के जरिए दोस्ती हो गई थी। वह उनसे मिलने गई तो वहीं उसे मार डाला गया। युवकों के बारे में पता चल गया है। उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। उनके बयान से ही साफ होगा कि मधुबाला के कत्ल का कारण क्या था।