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लोक सेवा आयोग का कर्मचारी निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:34 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों में धांधली की सीबीआई जांच की मांग के बीच भ्रष्टाचार का एक और मुद्दा सामने आया है। घूस लेने के आरोप में एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। लखनऊ से हुई लिखित शिकायत पर प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई। कर्मचारी ने साक्षात्कार में सफल कराने के लिए कई अभ्यर्थियों से पैसे लिए थे। इस पूरे खेल में किसी बड़े नेटवर्क के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। अध्यक्ष के निर्देश पर संयुक्त सचिव सोमदत्त मौर्या के नेतृत्व में जांच बैठा दी गई है।
आयोग में वर्षों बाद किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में इस तरह की कार्रवाई की गई है।
लखनऊ से किसी ने लिखित शिकायत की थी कि आयोग में अनुसेवक पद पर तैनात कर्मचारी सूरज रामसागर ने प्राविधिक कृषि सहायक भर्ती के साक्षात्कार में शामिल एक अभ्यर्थी से पांच लाख रुपये की मांग की थी। दो लाख रुपये ले भी लिए थे। यह भी आरोप है कि एक व्यक्ति के माध्यम से उसने कई अन्य लोगों से पैसे लिए थे। वह खुद को आयोग में समीक्षा अधिकारी बताकर लोगों से पैसा लेता था।
उनमें से दो का चयन भी हुआ है। इस पर पैसा वापसी को लेकर शुरू विवाद के बाद इस खेल का खुलासा हुआ। आशंका जताई जा रही है कि इस तरह का खेल लंबे समय से चल रहा है, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप के पक्ष में कई दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाने जाने के बाद कर्मचारी को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। अध्यक्ष डॉ.सुनील कुमार जैन का कहना है कि आरोप काफी गंभीर हैं। कर्मचारी को निलंबित करने के साथ जांच कराने का आदेश दिया गया है। सचिव सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमदत्त मौर्या को जांच अधिकारी नामित किया गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आयोग में वर्षों बाद किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में इस तरह की कार्रवाई की गई है।
लखनऊ से किसी ने लिखित शिकायत की थी कि आयोग में अनुसेवक पद पर तैनात कर्मचारी सूरज रामसागर ने प्राविधिक कृषि सहायक भर्ती के साक्षात्कार में शामिल एक अभ्यर्थी से पांच लाख रुपये की मांग की थी। दो लाख रुपये ले भी लिए थे। यह भी आरोप है कि एक व्यक्ति के माध्यम से उसने कई अन्य लोगों से पैसे लिए थे। वह खुद को आयोग में समीक्षा अधिकारी बताकर लोगों से पैसा लेता था।
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उनमें से दो का चयन भी हुआ है। इस पर पैसा वापसी को लेकर शुरू विवाद के बाद इस खेल का खुलासा हुआ। आशंका जताई जा रही है कि इस तरह का खेल लंबे समय से चल रहा है, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप के पक्ष में कई दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाने जाने के बाद कर्मचारी को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। अध्यक्ष डॉ.सुनील कुमार जैन का कहना है कि आरोप काफी गंभीर हैं। कर्मचारी को निलंबित करने के साथ जांच कराने का आदेश दिया गया है। सचिव सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमदत्त मौर्या को जांच अधिकारी नामित किया गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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