{"_id":"9441ff23198c6af7d05224ca8e815244","slug":"allahabad-news-hindi-news-427","type":"story","status":"publish","title_hn":"कसारी-मसारी में अवैध रूप से बने चार मकान गिराए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कसारी-मसारी में अवैध रूप से बने चार मकान गिराए
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 19 Dec 2015 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) ने शुक्रवार को कालिंदीपुरम आवास योजना स्थित कसारी-मसारी में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ गए एडीए के अफसरों ने यहां अधिग्रहीत जमीन पर बने चार मकानों को जमीदोंज कराया। इस दौरान लोगों ने विरोध और अफसरों को घेरने का भी प्रयास किया लेकिन भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।
कसारी मसारी में आराजी संख्या 982 एवं 983 एडीए की अधिग्रहीत जमीन है। तकरीबन चार हजार वर्गमीटर इस जमीन पर शालू सिंह चंदेल, अनीता केसरवानी, रोहित गुप्ता ने एक मंजिला जबकि शना फराज ने दो मंजिल का मकान बनवा लिया। मौके पर चारों मकानों में निर्माण भी जारी था। एडीए के जोनल अधिकारी गुडाकेश शर्मा, ओएसडी आलोक पांडेय एसीएम सेकेंड बसंत कुमार, सीओ सिविल लाइंस राजबीर सिंह, धूमनगंज, खुल्दाबाद, शाहगंज थाना, कोतवाली पुलिस, महिला पुलिस, टियर गैस से लैस पीएसी के साथ कसारी-मसारी पहुंचे। एक निर्माणधीन भवन में कुछ लोग रह भी रहे थे। उन्हें बाहर निकला गया। इस बीच वहां बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई।
बवाल की आशंका से पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील करने के बाद जेसीबी लगाकर करीब ढाई घंटे में चारों मकानों को ध्वस्त करा दिया गया। कार्रवाई को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी रही। मकान मालिकों के साथ कुछ लोगों ने अफसरों को घेरकर कार्रवाई रोकने का भी प्रयास किया लेकिन पुलिस ने लाठियां पटक कर उन्हें दूर खदेड़ दिया। जेडओ शर्मा ने बताया कि किसी काश्तकार ने लोगों को यहां से करीब एक किलोमीटर दूर जमीन बेची और कब्जा एडीए की जमीन पर दे दिया। निर्माण शुरू होने पर एडीए ने नोटिस जारी किया लेकिन काम नहीं बंद हुआ। फिर ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर कार्रवाई की गई। इसी क्रम में जागृति चौराहा के पास प्लाट नंबर जी-न समेत आसपास के करीब आधा दर्जन प्लाटों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। लोगों ने प्लाट पर चहारदीवारी उठाकर कब्जा कर रखा था। कार्रवाई में बीआई प्रमेंद्र जायसवाल, सुपरवाइजर महेश यादव समेत एडीए का प्रवर्तन दल शामिल था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कसारी मसारी में आराजी संख्या 982 एवं 983 एडीए की अधिग्रहीत जमीन है। तकरीबन चार हजार वर्गमीटर इस जमीन पर शालू सिंह चंदेल, अनीता केसरवानी, रोहित गुप्ता ने एक मंजिला जबकि शना फराज ने दो मंजिल का मकान बनवा लिया। मौके पर चारों मकानों में निर्माण भी जारी था। एडीए के जोनल अधिकारी गुडाकेश शर्मा, ओएसडी आलोक पांडेय एसीएम सेकेंड बसंत कुमार, सीओ सिविल लाइंस राजबीर सिंह, धूमनगंज, खुल्दाबाद, शाहगंज थाना, कोतवाली पुलिस, महिला पुलिस, टियर गैस से लैस पीएसी के साथ कसारी-मसारी पहुंचे। एक निर्माणधीन भवन में कुछ लोग रह भी रहे थे। उन्हें बाहर निकला गया। इस बीच वहां बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई।
विज्ञापन
बवाल की आशंका से पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील करने के बाद जेसीबी लगाकर करीब ढाई घंटे में चारों मकानों को ध्वस्त करा दिया गया। कार्रवाई को लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी रही। मकान मालिकों के साथ कुछ लोगों ने अफसरों को घेरकर कार्रवाई रोकने का भी प्रयास किया लेकिन पुलिस ने लाठियां पटक कर उन्हें दूर खदेड़ दिया। जेडओ शर्मा ने बताया कि किसी काश्तकार ने लोगों को यहां से करीब एक किलोमीटर दूर जमीन बेची और कब्जा एडीए की जमीन पर दे दिया। निर्माण शुरू होने पर एडीए ने नोटिस जारी किया लेकिन काम नहीं बंद हुआ। फिर ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर कार्रवाई की गई। इसी क्रम में जागृति चौराहा के पास प्लाट नंबर जी-न समेत आसपास के करीब आधा दर्जन प्लाटों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। लोगों ने प्लाट पर चहारदीवारी उठाकर कब्जा कर रखा था। कार्रवाई में बीआई प्रमेंद्र जायसवाल, सुपरवाइजर महेश यादव समेत एडीए का प्रवर्तन दल शामिल था।
विज्ञापन