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दिन भर चला मेला प्रशासन की ओर से मानमनौव्व्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:53 PM IST
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पांटून पुल या मोरी मार्ग पर भूमि आवंटित किए जाने की मांग पर अड़े दंडी संन्यासियों को मनाने के लिए मंगलवार को मेला प्रशासन की ओर से देर रात तक मान मनौव्वल किया जाता रहा। दंडी संन्यासियों की ओर से अपने तर्क दिए जाते रहे तो वहीं प्रशासन अपनी मजबूरी गिनाता रहा। दंडी संन्यासियों ने मनमुताबिक भूमि आवंटित न किए जाने पर मेला बहिष्कार करने का फैसला किया है। मेला प्रशासन बुधवार को दंडी संन्यासी नगर के लिए भूमि आवंटित करेगा।
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम की अगुवाई में दंडी संन्यासियों ने मेला क्षेत्र में सभा की और मेला प्रशासन की ओर से मनमुताबिक भूमि आवंटित न होने पर मेला बहिष्कार करने का निर्णय पर कायम रहने का संकल्प दोहराया। उसके बाद मेलाधिकारी हरिओम शर्मा के साथ बातचीत शुरू हुई।
मेलाधिकारी ने गंगोली शिवाला पर बनने वाले पुल को मोरी की ओर लेने जाने के लिए गंगा में होने वाली कटान वजह बताई। उन्होंने मोरी मार्ग पर त्रिवेणी मार्ग की विस्थापित संस्थाओं को बसाने की बात कही। दंडी संन्यासियों का कहना था कि बगैर पांटून पुल के उन्हें और उनके यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपने स्थान पहुंचने के लिए मीलों पैदल चलना होगा।
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स्वामी विमलदेव आश्रम ने स्पष्ट कहा कि हम पांटून पुल के बगैर मेले में शामिल नहीं होंगे। दंडी संन्यासी बहिष्कार करेंगे। मेलाधिकारी से होने वाली वार्ता में महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, स्वामी शंकराश्रम, प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि आदि शामिल रहे।
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अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम की अगुवाई में दंडी संन्यासियों ने मेला क्षेत्र में सभा की और मेला प्रशासन की ओर से मनमुताबिक भूमि आवंटित न होने पर मेला बहिष्कार करने का निर्णय पर कायम रहने का संकल्प दोहराया। उसके बाद मेलाधिकारी हरिओम शर्मा के साथ बातचीत शुरू हुई।
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मेलाधिकारी ने गंगोली शिवाला पर बनने वाले पुल को मोरी की ओर लेने जाने के लिए गंगा में होने वाली कटान वजह बताई। उन्होंने मोरी मार्ग पर त्रिवेणी मार्ग की विस्थापित संस्थाओं को बसाने की बात कही। दंडी संन्यासियों का कहना था कि बगैर पांटून पुल के उन्हें और उनके यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपने स्थान पहुंचने के लिए मीलों पैदल चलना होगा।
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स्वामी विमलदेव आश्रम ने स्पष्ट कहा कि हम पांटून पुल के बगैर मेले में शामिल नहीं होंगे। दंडी संन्यासी बहिष्कार करेंगे। मेलाधिकारी से होने वाली वार्ता में महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, स्वामी शंकराश्रम, प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि आदि शामिल रहे।