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शिल्प मेले में विभिन्न प्रांतों की प्रस्तुति ने किया मंत्रमुग्ध
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 10 Dec 2015 12:39 AM IST
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राष्ट्रीय शिल्प मेले में बुधवार को विभिन्न प्रांतों के लोकनृत्यों, लोकगीतों से सांस्कृतिक संध्या सजी।
मेले में आए लोगों ने हाट बाजार से हस्त शिल्प की वस्तुएं खरीदने के साथ आंचलिक व्यंजनों का स्वाद लेने के साथ खरीददारी की।सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत देवी गीत से हुई।
राजेश गुप्ता ने ‘उड़ि जाओ रे सुगना गंगा पार’ ‘मनाई लाव देवी के’ सुनाने के बाद तोहरा से राजी ना हो बलम जी तोहरा से राजी ना, ‘चोरी न करिह पपिऊ चाहे खीचिह ठेला गाड़ी, जाने बतिया से कवने खफा हो रसिया’ सुनाकर उपस्थित लोगों को लोकगीतों के माधुर्य में सराबोर किया। लोगों ने तालियां बजाकर हौसला बढ़ाया।
लोकगीत के बाद अरुणाचल, मिजोरम, गोवा, पंजाब, कर्नाटक केरल, असम के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से लुभाया।
असम के कलाकारों ने प्रेम की अभिव्यक्ति करने वाला ‘बीहू’ केरल के कलाकारों ने शादी ब्याह के मौके पर किया जाने वाला ‘ओपन्ना’ अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने सुख समृद्धि की कामना से किया जाने वाला ‘होगम’ और ‘जुज जाजा’ पंजाब के कलाकारों ने गतका, भांगड़ा, मिजोरम के कलाकारों ने ‘चेरांव’ नृत्य प्रस्तुत किया। गोवा के कलाकारों ने लोकनृत्यों के माध्यम से गोवा की संस्कृति से परिचित कराया। केंद्र के निदेशक गौरव कृष्ण बंसल ने अतिथियों दर्शकों एवं कलाकारों का स्वागत किया। संचालन संजय पुरुषार्थी ने किया।
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मेले में आए लोगों ने हाट बाजार से हस्त शिल्प की वस्तुएं खरीदने के साथ आंचलिक व्यंजनों का स्वाद लेने के साथ खरीददारी की।सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत देवी गीत से हुई।
राजेश गुप्ता ने ‘उड़ि जाओ रे सुगना गंगा पार’ ‘मनाई लाव देवी के’ सुनाने के बाद तोहरा से राजी ना हो बलम जी तोहरा से राजी ना, ‘चोरी न करिह पपिऊ चाहे खीचिह ठेला गाड़ी, जाने बतिया से कवने खफा हो रसिया’ सुनाकर उपस्थित लोगों को लोकगीतों के माधुर्य में सराबोर किया। लोगों ने तालियां बजाकर हौसला बढ़ाया।
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लोकगीत के बाद अरुणाचल, मिजोरम, गोवा, पंजाब, कर्नाटक केरल, असम के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से लुभाया।
असम के कलाकारों ने प्रेम की अभिव्यक्ति करने वाला ‘बीहू’ केरल के कलाकारों ने शादी ब्याह के मौके पर किया जाने वाला ‘ओपन्ना’ अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने सुख समृद्धि की कामना से किया जाने वाला ‘होगम’ और ‘जुज जाजा’ पंजाब के कलाकारों ने गतका, भांगड़ा, मिजोरम के कलाकारों ने ‘चेरांव’ नृत्य प्रस्तुत किया। गोवा के कलाकारों ने लोकनृत्यों के माध्यम से गोवा की संस्कृति से परिचित कराया। केंद्र के निदेशक गौरव कृष्ण बंसल ने अतिथियों दर्शकों एवं कलाकारों का स्वागत किया। संचालन संजय पुरुषार्थी ने किया।
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