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किराया पूरा लेते हैं फिर भी भूसे की तरह भरे जाते हैं बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:49 PM IST
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यमुनापार के औद्योगिक क्षेत्र इलाके में हादसे के बाद एक बार फिर स्कूली वाहन चालकों की मनमानी सामने आई है। वाहन चालक किराया पूरा वसूल करते हैं। इसके बाद वाहन में भूसे की तरह बच्चों को ठूस कर बैठाते हैं। प्रशासन की लापरवाही का ही नतीजा है कि ऐसे वाहनों चालकों की मनमानी थम नहीं रही है। हादसे के बाद प्रशासन खाना पूर्ति के नाम पर कार्रवाई करता है और भूल जाता है। जिसके चलते ऐसे हादसे होते हैं।
मैजिक में बच्चों की बैठने की क्षमता दस से बारह की होती है। लेकिन प्राइवेट स्कूली वैन चालक 18 से 20 बच्चों को बैठाते हैं। शुक्रवार सुबह हुए हादसे के पीछे यही वजह सामने आई हैं। बताया जाता है कि चालक ने कई बच्चों को आगे की सीट पर बैठाया था। जिसके चलते उसे सीट पर ठीक से बैठने की जगह नहीं ऊपर से वाहन की रफ्तार भी अधिक थी। इस वजह से मैजिक अनियंत्रित होकर डीसीएम से टकरा गई।
घटना होने का कारण वैन चालक ही नहीं बल्कि विद्यालय के प्रबंधतन्त्र भी हैं। प्रबंधतंत्र कभी भी वाहन को चेक नहीं करते कि वैन में कितने बच्चे बैठे हुए हैं। उनकी अनदेखी के कारण वैन चालक कई स्कूलों से सांठ-गांठ कर लेते हैं और दो गुने फायदे के लिये अधिक बच्चों को वैन में बैठाते हैं। हालांकि कई बार हुई ऐसी घटनाओं का अभिभावकों ने विरोध भी किया जिसमें कुछ दिनों के लिए सख्ती बरती गई लेकिन फिर वही शुरू हो गया।
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मैजिक में बच्चों की बैठने की क्षमता दस से बारह की होती है। लेकिन प्राइवेट स्कूली वैन चालक 18 से 20 बच्चों को बैठाते हैं। शुक्रवार सुबह हुए हादसे के पीछे यही वजह सामने आई हैं। बताया जाता है कि चालक ने कई बच्चों को आगे की सीट पर बैठाया था। जिसके चलते उसे सीट पर ठीक से बैठने की जगह नहीं ऊपर से वाहन की रफ्तार भी अधिक थी। इस वजह से मैजिक अनियंत्रित होकर डीसीएम से टकरा गई।
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घटना होने का कारण वैन चालक ही नहीं बल्कि विद्यालय के प्रबंधतन्त्र भी हैं। प्रबंधतंत्र कभी भी वाहन को चेक नहीं करते कि वैन में कितने बच्चे बैठे हुए हैं। उनकी अनदेखी के कारण वैन चालक कई स्कूलों से सांठ-गांठ कर लेते हैं और दो गुने फायदे के लिये अधिक बच्चों को वैन में बैठाते हैं। हालांकि कई बार हुई ऐसी घटनाओं का अभिभावकों ने विरोध भी किया जिसमें कुछ दिनों के लिए सख्ती बरती गई लेकिन फिर वही शुरू हो गया।
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