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प्रापर्टी डीलर की हत्या, दो थानों में भी बवाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:00 AM IST
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झूंसी इलाके में रहने वाले प्रापर्टी डीलर उमेश मिश्रा की अपहरण और गोली मारकर हत्या करने के बाद लाश बोरी में भर सरायइनायत इलाके में फेंक दी गई। बुधवार से लापता उमेश की बृहस्पतिवार सुबह सड़क किनारे बोरी में लाश मिलने पर घरवालों और रिश्तेदारों ने झूंसी तथा सरायइनायत थाने में हंगामा करते हुए सड़क पर पथराव कर कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दीं। पुलिसवालों से मारपीट भी कर डाली। एसएसपी ने खुद पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर स्थिति संभाली।
इस घटना में पूर्व प्रधान और उसके पिता-भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ अपहरण के बाद कत्ल और लाश छिपाने का नामजद मुकदमा लिखा गया है। पुलिस ने छापेमारी की मगर आरोपी पकड़ में नहीं आए। मारा गया प्रापर्टी डीलर ज्ञानपुर के सपा विधायक विजय मिश्र के गांव का रहने वाला था। चाका के ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्र से भी उसकी रिश्तेदारी थी, इस वजह से पुलिस अधिकारी इस हत्याकांड को खासी गंभीरता से लेते हुए कत्ल का जल्द खुलासा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सैदाबाद के निकट भभयापुर खपटिहा गांव में रहने वाले बनारसी लाल मिश्रा के तीन पुत्रों में मंझला उमेश मिश्रा (35) करीब चार साल से झूंसी में कटका स्थित रूद्र कॉलोनी में रहकर जमीन के धंधे से जुड़ा था। यहां वह पत्नी निशा और बेटों आदित्य, ओम, बेटी अदिति के साथ रहता था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार दोपहर उमेश घर में भोजन करने जा रहा था तभी उसे कटका गांव में रहने वाले रमेश यादव ने फोनकर बुलाया कि जल्दी आ जाओ। बड़ा फायदा होगा वरना पार्टी चली जाएगी। पत्नी के रोकने के बावजूद उमेश बाइक लेकर घर से निकल गया। वह शाम तक नहीं लौटा तो पत्नी निशा ने फोन किया लेकिन मोबाइल भी स्विच ऑफ बताने लगा। निशा ने ससुरालियों को बताया और झूंसी थाने में जाकर खबर दी। खोजबीन चल रही थी इसी बीच बृहस्पतिवार सुबह सरायइनायत इलाके में हनुमानगंज-सहसों मार्ग किनारे लोगों ने एक बोरी देखी जिसमें से पैर निकले हुए थे।
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बोरी में किसी आदमी की लाश होने की आशंका पर हल्ला मचा तो वहां भीड़ लग लग गई। पुलिस पहुंची। बोरी से निकालने पर पता चला कि वह किसी व्यक्ति का शव है। उसकी पीठ पर मारी गई गोली सीने से पार हो गई थी। उधर, दोपहर करीब बारह बजे लापता उमेश के रिश्तेदार झूंसी थाने में जुटे थे तभी उन्हें भी बोरी में शव मिलने की जानकारी मिली। किसी ने मौके से व्हाट्स एप पर तस्वीर भेजी तो उसे देखकर परिजन और रिश्तेदार रोने-चीखने लगे। शव लापता उमेश का ही था। आक्रोशित लोगों ने झूंसी थाने में कुर्सियां-मेज तोड़कर सिपाहियों से मारपीट कर दी। फिर तमाम लोग सरायइनायत थाने पहुंचे और पुलिस से उमेश का शव देने की मांग की।
उस वक्त थाने में एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है लेकिन उत्तेजित लोगों ने हंगामा करते हुए थाने के सामने चक्काजाम कर गाड़ियों पर पथराव कर दिया। एक टैंकर को तोड़कर उसमें आग लगाने की भी कोशिश की गई। राहगीरों पर ईंट-पत्थर चलाए। मारपीट भी की। हंडिया और फूलपुर के सीओ तथा एसडीएम ने कई थानों की फोर्स के साथ वहां आकर उपद्रव पर अंकुश किया। फिर एसएसपी केएस इमैनुएल भी रैपिड एक्शन फोर्स के साथ सरायइनायत आ गए।
तब करीब पौन घंटे बाद हंगामा कर रहे लोगों को सड़क से हटाया गया। उमेश के भाई योगेश की तहरीर पर सरायइनायत थाने में कटका के पूर्व प्रधान राजितराम यादव, उसके भाई रमेश यादव, नीरज यादव, पिता हीरालाल यादव, मनोज यादव, ड्राइवर हैदर तथा दो अज्ञात के खिलाफ फोनकर घर से बुलाने के बाद फॉरच्यूनर में बैठाकर अपहरण, गोली मारकर हत्या और बोरे में लाश भरकर फेंकने का केस लिखा गया।
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इस घटना में पूर्व प्रधान और उसके पिता-भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ अपहरण के बाद कत्ल और लाश छिपाने का नामजद मुकदमा लिखा गया है। पुलिस ने छापेमारी की मगर आरोपी पकड़ में नहीं आए। मारा गया प्रापर्टी डीलर ज्ञानपुर के सपा विधायक विजय मिश्र के गांव का रहने वाला था। चाका के ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्र से भी उसकी रिश्तेदारी थी, इस वजह से पुलिस अधिकारी इस हत्याकांड को खासी गंभीरता से लेते हुए कत्ल का जल्द खुलासा करने की कोशिश कर रहे हैं।
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सैदाबाद के निकट भभयापुर खपटिहा गांव में रहने वाले बनारसी लाल मिश्रा के तीन पुत्रों में मंझला उमेश मिश्रा (35) करीब चार साल से झूंसी में कटका स्थित रूद्र कॉलोनी में रहकर जमीन के धंधे से जुड़ा था। यहां वह पत्नी निशा और बेटों आदित्य, ओम, बेटी अदिति के साथ रहता था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार दोपहर उमेश घर में भोजन करने जा रहा था तभी उसे कटका गांव में रहने वाले रमेश यादव ने फोनकर बुलाया कि जल्दी आ जाओ। बड़ा फायदा होगा वरना पार्टी चली जाएगी। पत्नी के रोकने के बावजूद उमेश बाइक लेकर घर से निकल गया। वह शाम तक नहीं लौटा तो पत्नी निशा ने फोन किया लेकिन मोबाइल भी स्विच ऑफ बताने लगा। निशा ने ससुरालियों को बताया और झूंसी थाने में जाकर खबर दी। खोजबीन चल रही थी इसी बीच बृहस्पतिवार सुबह सरायइनायत इलाके में हनुमानगंज-सहसों मार्ग किनारे लोगों ने एक बोरी देखी जिसमें से पैर निकले हुए थे।
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बोरी में किसी आदमी की लाश होने की आशंका पर हल्ला मचा तो वहां भीड़ लग लग गई। पुलिस पहुंची। बोरी से निकालने पर पता चला कि वह किसी व्यक्ति का शव है। उसकी पीठ पर मारी गई गोली सीने से पार हो गई थी। उधर, दोपहर करीब बारह बजे लापता उमेश के रिश्तेदार झूंसी थाने में जुटे थे तभी उन्हें भी बोरी में शव मिलने की जानकारी मिली। किसी ने मौके से व्हाट्स एप पर तस्वीर भेजी तो उसे देखकर परिजन और रिश्तेदार रोने-चीखने लगे। शव लापता उमेश का ही था। आक्रोशित लोगों ने झूंसी थाने में कुर्सियां-मेज तोड़कर सिपाहियों से मारपीट कर दी। फिर तमाम लोग सरायइनायत थाने पहुंचे और पुलिस से उमेश का शव देने की मांग की।
उस वक्त थाने में एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है लेकिन उत्तेजित लोगों ने हंगामा करते हुए थाने के सामने चक्काजाम कर गाड़ियों पर पथराव कर दिया। एक टैंकर को तोड़कर उसमें आग लगाने की भी कोशिश की गई। राहगीरों पर ईंट-पत्थर चलाए। मारपीट भी की। हंडिया और फूलपुर के सीओ तथा एसडीएम ने कई थानों की फोर्स के साथ वहां आकर उपद्रव पर अंकुश किया। फिर एसएसपी केएस इमैनुएल भी रैपिड एक्शन फोर्स के साथ सरायइनायत आ गए।
तब करीब पौन घंटे बाद हंगामा कर रहे लोगों को सड़क से हटाया गया। उमेश के भाई योगेश की तहरीर पर सरायइनायत थाने में कटका के पूर्व प्रधान राजितराम यादव, उसके भाई रमेश यादव, नीरज यादव, पिता हीरालाल यादव, मनोज यादव, ड्राइवर हैदर तथा दो अज्ञात के खिलाफ फोनकर घर से बुलाने के बाद फॉरच्यूनर में बैठाकर अपहरण, गोली मारकर हत्या और बोरे में लाश भरकर फेंकने का केस लिखा गया।