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छात्र के अपहरण और फिरौती मांगने के आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 02 Dec 2015 12:00 AM IST
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सरायममरेज के हरीपुर में मामा बनकर पांच साल के छात्र हार्दिक तिवारी का अपहरण कर छह लाख की फिरौती मांगने वाले दो आरोपियों आनंद तिवारी और सोनू उर्फ बलवंत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घटना सितंबर महीने की है। पुलिस का दबाव पड़ने पर बदमाश छात्र को नैनी स्टेशन पर छोड़कर भाग निकले थे।
पकड़ा गया आनंद तिवारी सरायममरेज के हरीपुर का रहने वाला है। वह अगवा छात्र हार्दिक तिवारी का पड़ोसी है। जबकि सोनू उर्फ बलवंत कानपुर के बाबूपुरवा का रहने वाला है। दोनों मुंबई में साथ रहते थे। आनंद तिवारी ने बताया कि हार्दिक के पिता रत्नेश तिवारी उसकी मां और भाई को अक्सर प्रताड़ित करते थे। अपहरण के कुछ दिन पहले भी रत्नेश के परिवार के लोगों ने उसके भाई को पीटा था। इसका बदला लेने के लिए उसने अपहरण की साजिश रची थी। अपहरण के बाद बदमाश हार्दिक को लेकर विंध्याचल चले गए।
पुलिस उनकी तलाश करते हुए पहुंची तो वे नैनी स्टेशन आ गए। पुलिस का दबाव बढ़ते देख बदमाशों ने बच्चे को नैनी स्टेशन छोड़ हार्दिक के पिता को फोन कर बता दिया। छात्र की बरामदगी के बाद पुलिस जिस नंबर से फिरौती मांगी जा रही थी, उसका सीडीआर निकालकर ट्रेस कर रही थी लेकिन तब मोबाइल बंद हो गया था। कुछ दिन मामला ठंडा पड़ गया तो पुलिस ने दोबारा नंबर को सर्विलांस पर लगाया, उनकी लोकेशन मिलने लगी। एसओ सरायममरेज राजकुमार शर्मा ने बताया कि दोनों बदमाशों को सिरसा चौराहे से पकड़ा गया है।
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पकड़ा गया आनंद तिवारी सरायममरेज के हरीपुर का रहने वाला है। वह अगवा छात्र हार्दिक तिवारी का पड़ोसी है। जबकि सोनू उर्फ बलवंत कानपुर के बाबूपुरवा का रहने वाला है। दोनों मुंबई में साथ रहते थे। आनंद तिवारी ने बताया कि हार्दिक के पिता रत्नेश तिवारी उसकी मां और भाई को अक्सर प्रताड़ित करते थे। अपहरण के कुछ दिन पहले भी रत्नेश के परिवार के लोगों ने उसके भाई को पीटा था। इसका बदला लेने के लिए उसने अपहरण की साजिश रची थी। अपहरण के बाद बदमाश हार्दिक को लेकर विंध्याचल चले गए।
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पुलिस उनकी तलाश करते हुए पहुंची तो वे नैनी स्टेशन आ गए। पुलिस का दबाव बढ़ते देख बदमाशों ने बच्चे को नैनी स्टेशन छोड़ हार्दिक के पिता को फोन कर बता दिया। छात्र की बरामदगी के बाद पुलिस जिस नंबर से फिरौती मांगी जा रही थी, उसका सीडीआर निकालकर ट्रेस कर रही थी लेकिन तब मोबाइल बंद हो गया था। कुछ दिन मामला ठंडा पड़ गया तो पुलिस ने दोबारा नंबर को सर्विलांस पर लगाया, उनकी लोकेशन मिलने लगी। एसओ सरायममरेज राजकुमार शर्मा ने बताया कि दोनों बदमाशों को सिरसा चौराहे से पकड़ा गया है।
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