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किराएदार और लॉज मालिकों की हुई बैठक, माहौल शांत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:58 PM IST
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सलोरी में किराए को लेकर छात्र और लॉज मालिक के बीच हुए विवाद ने भयानक रूप ले लिया था। बुधवार को सलोरी में इलाके में जमकर बवाल हुआ था। जिसके चलते इलाके में तनाव का माहौल था। बवाल के तीसरे दिन शुक्रवार को लॉज मालिक, छात्र, दुकानदार और इलाके लोगों ने सलोरी के काटजू बाग दुर्गा पूजा पार्क में बैठक किया। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई इस बुधवार को हुई घटना दोबारा न हो। इसके लिए ठोस कदम उठाया जाए। चूंकि बवाल से न तो छात्रों का हित है और न ही स्थानीय लोगों का।
बैठक में निर्णय हुआ कि लॉज मालिक अपने किराएदारों का विवरण एक निश्चित प्रोफार्मा पर भरकर 15 दिन के अंदर कर्नलगंज थाने में देंगे। जिन लॉजों में केयरटेकर या मकान मालिक नहीं है। उन मालिकों को निर्देश दिया गया कि तीन दिन के अंदर वह केयरटेकर को नियुक्त करें। ऐसा न करने वाले लॉज मालिकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। दुकानदारों और लॉज मालिकों की नौ सदस्यीय एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति मकान मालिकों की समस्या को सुनकर सीधे पुलिस को देगी।
ऐसी ही एक समिति प्रतियोगी छात्रों की दस सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। समिति ऐसे छात्रों को शामिल किया जाएगा। जो कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हो और उनका शैक्षिक रिकार्ड अच्छा हो। मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा पाएंगे। महंगाई के मुताबिक ही किराया बढ़ेगा। बैठक में शामिल लोगों ने इन मुद्दों पर अपनी सहमति जताई। बैठक में एसपी सिटी राजेश कुमार, एसीएम प्रथम हरिओम , सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी, पार्षद राजीव कुमार उर्फ राजू शुक्ला, अधिवक्ता देवेश शुक्ला समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।
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सलोरी में हुए बवाल के बाद 62 छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेजने से छात्र संगठनों में पुलिस के प्रति खासा आक्रोश है। छात्रों का कहना है कि जेल में बंद छात्रों को तत्काल बिना शर्त जेल से रिहा कराया जाए। वरना छात्र संगठन सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। उनका आरोप है कि पुलिस छात्रों के साथ गुंडों जैसा बर्ताव कर रही है।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष गौरव त्रिपाठी ने कहा कि सलोरी में हुए बवाल में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। पुलिस छात्रों का उत्पीड़न कर रही है।
पीड़ितों की आवाज सुनने के बजाय पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। जबकि छात्र अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने उनपर गालीगलौज कर भगाया और फिर लाठीचार्ज कर दिया। भारतीय जनता युवा मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. श्याम प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि सलोरी में हुए बवाल के लिए प्रशासन जिम्मेदार है। पढ़ने के लिए आने वाले छात्र इतने सक्षम नहीं होते की वे इतना किराया दे सकें। समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव ने कहा कि मकान मालिक किराया बढ़ाने वाले पहले छात्र को नोटिस दें। साथ ही साल में एक बार ही किराया बढ़े।
उन्होंने एसपी सिटी से छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। एसएफआई के जय प्रकाश ने कहा कि आए दिन छात्रों और मकान मालिक के बीच विवाद होता है। लेकिन प्रशासन की लापरवाही से यह दोबारा होता है। पुलिस अपनी कमी छिपाने के लिए छात्रों के खिलाफ मुकदमा लिखकर उत्पीड़न करती है। वहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह शुक्रवार को नैनी जेल में छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने छात्रों के बिना शर्त रिहाई की मांग की। पूर्व छात्रनेता अजीत कुमार यादव ने कहा कि गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो सड़क पर उतरकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। दिशा छात्र संगठन अमित पाठक ने भी घटना की निंदा की है।
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बैठक में निर्णय हुआ कि लॉज मालिक अपने किराएदारों का विवरण एक निश्चित प्रोफार्मा पर भरकर 15 दिन के अंदर कर्नलगंज थाने में देंगे। जिन लॉजों में केयरटेकर या मकान मालिक नहीं है। उन मालिकों को निर्देश दिया गया कि तीन दिन के अंदर वह केयरटेकर को नियुक्त करें। ऐसा न करने वाले लॉज मालिकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। दुकानदारों और लॉज मालिकों की नौ सदस्यीय एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति मकान मालिकों की समस्या को सुनकर सीधे पुलिस को देगी।
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ऐसी ही एक समिति प्रतियोगी छात्रों की दस सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। समिति ऐसे छात्रों को शामिल किया जाएगा। जो कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हो और उनका शैक्षिक रिकार्ड अच्छा हो। मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा पाएंगे। महंगाई के मुताबिक ही किराया बढ़ेगा। बैठक में शामिल लोगों ने इन मुद्दों पर अपनी सहमति जताई। बैठक में एसपी सिटी राजेश कुमार, एसीएम प्रथम हरिओम , सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी, पार्षद राजीव कुमार उर्फ राजू शुक्ला, अधिवक्ता देवेश शुक्ला समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।
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सलोरी में हुए बवाल के बाद 62 छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेजने से छात्र संगठनों में पुलिस के प्रति खासा आक्रोश है। छात्रों का कहना है कि जेल में बंद छात्रों को तत्काल बिना शर्त जेल से रिहा कराया जाए। वरना छात्र संगठन सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। उनका आरोप है कि पुलिस छात्रों के साथ गुंडों जैसा बर्ताव कर रही है।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष गौरव त्रिपाठी ने कहा कि सलोरी में हुए बवाल में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। पुलिस छात्रों का उत्पीड़न कर रही है।
पीड़ितों की आवाज सुनने के बजाय पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। जबकि छात्र अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने उनपर गालीगलौज कर भगाया और फिर लाठीचार्ज कर दिया। भारतीय जनता युवा मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. श्याम प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि सलोरी में हुए बवाल के लिए प्रशासन जिम्मेदार है। पढ़ने के लिए आने वाले छात्र इतने सक्षम नहीं होते की वे इतना किराया दे सकें। समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव ने कहा कि मकान मालिक किराया बढ़ाने वाले पहले छात्र को नोटिस दें। साथ ही साल में एक बार ही किराया बढ़े।
उन्होंने एसपी सिटी से छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। एसएफआई के जय प्रकाश ने कहा कि आए दिन छात्रों और मकान मालिक के बीच विवाद होता है। लेकिन प्रशासन की लापरवाही से यह दोबारा होता है। पुलिस अपनी कमी छिपाने के लिए छात्रों के खिलाफ मुकदमा लिखकर उत्पीड़न करती है। वहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह शुक्रवार को नैनी जेल में छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने छात्रों के बिना शर्त रिहाई की मांग की। पूर्व छात्रनेता अजीत कुमार यादव ने कहा कि गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो सड़क पर उतरकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। दिशा छात्र संगठन अमित पाठक ने भी घटना की निंदा की है।