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स्मार्ट सिटी में बेहतर व्यवस्था के लिए होगा कमांड सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 18 Jul 2015 01:59 AM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की कड़ी में आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन) नगर निगम में कमांड सेंटर बनाने के पक्ष में है। पूरी तरह ऑनलाइन कमांड सेंटर नगर निगम से जुड़ी सभी व्यवस्था को सुधारने के लिए होगा। दो दिन के दौरे पर आए आईबीएम के विशेषज्ञों ने शुक्रवार को नगर निगम में महापौर, नगर आयुक्त सहित अन्य अफसरों से कमांड सेंटर सहित स्मार्ट सिटी के लिए अन्य पहलुओं पर चर्चा की। इसके पहले संगम का निरीक्षण किया।
आईबीएम की सीएसआर हेड ममता शर्मा एवं स्ट्रेटजिक कर्नल निरंजन पांडेय ने शुक्रवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता, नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय सहित अन्य अफसरों के साथ बैठक की। इसमें श्रीमती शर्मा ने पब्लिक ग्रीवांस, टैक्स, ई-टेंडर, जीआईएस डेटा आदि की व्यवस्था सुधारने के लिए कमांड सेंटर बनाने का सुझाव दिया। कहा कि इससे निगम से संबंधित अन्य विभाग जुड़ जाएंगे। नगर आयुक्त अपने कार्यालय में बैठकर कमांड सेंटर की निगरानी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कमांड सेंटर के लिए आईबीएम रिपोर्ट तैयार करेगा। यह भी बताया कि मौजूदा व्यवस्था के हिसाब से अध्ययन कर फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें व्यवस्था को बेहतर करने के साथ नया करने का समावेश होगा। कमांड सेंटर के लिए फंड की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने बताया कि इसके लिए यूएस ट्रेड डेवलपमेंट एजेंसी से बातचीत की जाएगी। इसके पहले सुबह दोनों विशेषज्ञों ने संगम क्षेत्र का निरीक्षण किया। साथ गए निगम कर्मी सुनील ने स्कीमर मशीन से पिछले दिनों हुई गंगा की सफाई के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने गंगा के किस हिस्से में सबसे ज्यादा गंदा पानी गिरने के बारे में पूछा। किले के बारे में भी जानकारी ली।
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स्मार्ट सिटी में अन्य कामों के साथ आईबीएम का मुख्य ध्यान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर होगा। इसके लिए आईबीएम के विशेषज्ञ यहां के अफसरों को दुनिया भर की आधुनिक तकनीक के बारे में बताएंगे ताकि उसके आधार पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम हो सके। आईबीएम के विशेषज्ञों की एक टीम 14 सितंबर को यहां आएगी, जो तीन सप्ताह तक यह रहकर स्मार्ट सिटी के हर पहलु का अध्ययन करेगी।
आईबीएम की सीएसआर हेड ममता शर्मा, स्ट्रेटजिक कर्नल निरंजन पांडेय, डीजीएम अशोक कुमार मिश्र एवं डीजीएम स्मार्ट सिटी नार्थ एंड ईस्ट हिमांशु शेखर बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त सहित निगम के अन्य अफसरों के साथ बैठक में बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए साफ पानी, पौष्टिक भोजन, आर्थिक विकास, सस्टनेबिल ट्रांजिट, व्यवहारिक प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा चुनौती है। इन्हीं विषयों पर योजना तैयार कर अफसरों को सलाह दी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर निवेशकों को रकम लगाने के लिए तैयार किया जाएगा।
बताया कि विशेषज्ञ निचले स्तर से काम करेंगे। अच्छे और खराब दोनों तरह के स्कूलों में भी जाकर बच्चों से बात करेंगे। इसके साथ विभिन्न सरकारी विभागों के अफसरों से भी राय मशविरा करेंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि विशेषज्ञों के सामने क्रिसल एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट रखी जाएगी। इसी में सिटी डेवलपमेंट प्लान बना है।
आईबीएम 2010 से 2014 के बीच देश के सौ शहरों को संवारने के संबंध में सलाह दे चुका है। वर्ष 2015 में देश के तीन शहर इलाहाबाद, विशाखापट्टनम और सूरत को चुना गया है। आईबीएम के विशेषज्ञ यहां हर पहलू का अध्ययन कर स्मार्ट सिटी का खाका तैयार करेंगे।
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आईबीएम की सीएसआर हेड ममता शर्मा एवं स्ट्रेटजिक कर्नल निरंजन पांडेय ने शुक्रवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता, नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय सहित अन्य अफसरों के साथ बैठक की। इसमें श्रीमती शर्मा ने पब्लिक ग्रीवांस, टैक्स, ई-टेंडर, जीआईएस डेटा आदि की व्यवस्था सुधारने के लिए कमांड सेंटर बनाने का सुझाव दिया। कहा कि इससे निगम से संबंधित अन्य विभाग जुड़ जाएंगे। नगर आयुक्त अपने कार्यालय में बैठकर कमांड सेंटर की निगरानी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कमांड सेंटर के लिए आईबीएम रिपोर्ट तैयार करेगा। यह भी बताया कि मौजूदा व्यवस्था के हिसाब से अध्ययन कर फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें व्यवस्था को बेहतर करने के साथ नया करने का समावेश होगा। कमांड सेंटर के लिए फंड की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
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विशेषज्ञों ने बताया कि इसके लिए यूएस ट्रेड डेवलपमेंट एजेंसी से बातचीत की जाएगी। इसके पहले सुबह दोनों विशेषज्ञों ने संगम क्षेत्र का निरीक्षण किया। साथ गए निगम कर्मी सुनील ने स्कीमर मशीन से पिछले दिनों हुई गंगा की सफाई के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने गंगा के किस हिस्से में सबसे ज्यादा गंदा पानी गिरने के बारे में पूछा। किले के बारे में भी जानकारी ली।
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स्मार्ट सिटी में अन्य कामों के साथ आईबीएम का मुख्य ध्यान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर होगा। इसके लिए आईबीएम के विशेषज्ञ यहां के अफसरों को दुनिया भर की आधुनिक तकनीक के बारे में बताएंगे ताकि उसके आधार पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम हो सके। आईबीएम के विशेषज्ञों की एक टीम 14 सितंबर को यहां आएगी, जो तीन सप्ताह तक यह रहकर स्मार्ट सिटी के हर पहलु का अध्ययन करेगी।
आईबीएम की सीएसआर हेड ममता शर्मा, स्ट्रेटजिक कर्नल निरंजन पांडेय, डीजीएम अशोक कुमार मिश्र एवं डीजीएम स्मार्ट सिटी नार्थ एंड ईस्ट हिमांशु शेखर बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त सहित निगम के अन्य अफसरों के साथ बैठक में बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए साफ पानी, पौष्टिक भोजन, आर्थिक विकास, सस्टनेबिल ट्रांजिट, व्यवहारिक प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा चुनौती है। इन्हीं विषयों पर योजना तैयार कर अफसरों को सलाह दी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर निवेशकों को रकम लगाने के लिए तैयार किया जाएगा।
बताया कि विशेषज्ञ निचले स्तर से काम करेंगे। अच्छे और खराब दोनों तरह के स्कूलों में भी जाकर बच्चों से बात करेंगे। इसके साथ विभिन्न सरकारी विभागों के अफसरों से भी राय मशविरा करेंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि विशेषज्ञों के सामने क्रिसल एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट रखी जाएगी। इसी में सिटी डेवलपमेंट प्लान बना है।
आईबीएम 2010 से 2014 के बीच देश के सौ शहरों को संवारने के संबंध में सलाह दे चुका है। वर्ष 2015 में देश के तीन शहर इलाहाबाद, विशाखापट्टनम और सूरत को चुना गया है। आईबीएम के विशेषज्ञ यहां हर पहलू का अध्ययन कर स्मार्ट सिटी का खाका तैयार करेंगे।