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कचरी में और बिगड़ा माहौल, दो किसान गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 29 Feb 2016 12:56 AM IST
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प्रस्तावित करछना पावर प्लांट के लिए अधिग्रहीत जमीन पर चहारदीवारी के निर्माण से कचरी और उसके आसपास में माहौल बिगड़ता जा रहा है। बवाल होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दिसंबर में हुई घटना के मामले में दो किसानों को गिरफ्तार कर लिया। इससे किसानों के बीच और अशांति बढ़ती जा रही है। उधर, प्रशासन ने बवाल की आशंका से पूरे इलाके पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। पुलिस की सख्ती और चहलकदमी को देखते हुए करछना क्षेत्र के कई गांवों में दहशत का माहौल है और महिलाएं और बच्चेे सहमे हैं। शनिवार की तरह रविवार को भी कई परिवार अपने घरों में ताला लगाकर दूसरे गांव चले गए। प्रशासन की गतिविधियों को देखते हुए जन संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
कचरी में प्रशासन की कार्रवाइयों से किसानों में अंदर ही अंदर गुस्सा पनप रहा है। प्रशासन वहां पुलिस बल की तैनाती कर चहारदीवारी का निर्माण करा रही है। कई किसानों का कहना है कि जहां पर चहारदीवार बनाई जा रही है, वहां की जमीन का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिल पाया है। किसानों को यह तक नहीं बताया गया है कि उन्हें कहां विस्थापित किया जाएगा।
कई किसानों ने यह भी बताया कि प्रशासन ने किसानों को पूरी तरह से नजरबंद कर दिया है। इससे उनमें आक्रोश भी है। यह आक्रोश भड़क गया तो कचरी फिर से सुलग जाएगा। उधर, प्रशासन इस आग को दबाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। उसने रविवार को कुछ महीने पहले हुई घटना के मामले में किसान संतोष पटेल और राजेंद्र पटेल की को गिरफ्तार कर लिया। दानों को करछना थाने ले जाया गया है। गिरफ्तारी से किसानों में और उबाल आ गया है।
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कचरी मामले को लेकर रविवार को कई जनसंगठन भी सामने आ गए हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की अगुवाई में रविवार को बैठक की और किसानों के समर्थन में प्रस्ताव पास किया। बैठक में कर्मचारी संगठन संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति, प्रलेस, स्वराज अभियान, लोहिया विचार मंच, भाकपा (माले), न्यू डेमोक्रेसी, जनसंस्कृति मंच, पुनर्वास किसान कल्याण एवं सहायता समिति, ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, स्त्री मुक्ति संगठन, शहरी गरीब संघर्ष मोर्चा, घरेलू कामगार महिला संगठन, सीपीआई और प्रोग्रेसिव एडवोकेट फोरम सहित कई जन संगठनों ने हिस्सा लिया।
जन संगठनों ने संयुक्त रूप से हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए प्रशासन की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया। बैठक में सैय्यद इम्तियाज अली, उर्मिला जैन, अविनाश कुमार मिश्र, विनय कुमार, डॉ. आशीष मित्तल, संजय पांडेय, केके पांडेय, खुर्शीद नकवी, नरेश सहगल, संतोष कुमार, राजेंद्र प्रसाद, सरिता, अनुराधा, राजेश सचान, अंशुमान सहित कई लोग मौजूद रहे।
कचरी मामले को लेकर बीएसपी विधायक दीपक पटेल ने रविवार को डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। विधायक ने कहा कि कचरी में हो रहे किसानों के साथ अत्याचार से स्थानीय लोगों में रोष एवं आक्रोश है। उन्होंने पुलिस बल की तैनाती पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि लोगों को नजरबंद एवं कैद करके कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए गए हैं। ऐसा तो अंग्रेजों के शासन में ही होता था। उन्होंने नए भूमि अधिग्रहण कानून का हवाला दिया। कहा कि सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मुआवजा किसानों को दिया जाए।
उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों का भी हवाला दिया। कहा कि किसान अपनी जमीन मांग रहे हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई को न्यायालय की अवमानना बताई। कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई जनाक्रोश भड़क सकता है। उन्होंने मामले को फिर विधान सभा में उठाने की बात कही। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य समीर यादव, राजेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान राम लाल पटेल, रामतौल पटेल, रावेंद्र पटेल, गुलाब, राजेंद्र पथिक आदि मौजूद रहे।
करछना के कचरी में पुलिस-प्रशासन के कड़े पहरे में बन रहे पॉवर प्लांट की चहारदीवारी को लेकर उपजी नाराजगी को लेकर किसानों की मदद करने के लिए चर्चित दीनानाथ क्रांतिकारी किसी समय भी आ सकता है। उधर, लाल सलाम के कार्यकर्ता भी पल-पल की सूचना ले रहे हैं। दीनानाथ क्रांतिकारी के आने की सूचना को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। उधर, सर्विलांस के माध्यम से पता चला है कि वर्ष 2011 में हुए कचरी बवाल से पुलिस की हिट लिस्ट में आया राजबहादुर पटेल भी बीस किलोमीटर के ईर्द-गिर्द ही घूम रहा है। तमाम प्रयास के बाद भी पुलिस राजबहादुर तक नहीं पहुंच पा रही है। इसे किसानों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
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कचरी में प्रशासन की कार्रवाइयों से किसानों में अंदर ही अंदर गुस्सा पनप रहा है। प्रशासन वहां पुलिस बल की तैनाती कर चहारदीवारी का निर्माण करा रही है। कई किसानों का कहना है कि जहां पर चहारदीवार बनाई जा रही है, वहां की जमीन का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिल पाया है। किसानों को यह तक नहीं बताया गया है कि उन्हें कहां विस्थापित किया जाएगा।
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कई किसानों ने यह भी बताया कि प्रशासन ने किसानों को पूरी तरह से नजरबंद कर दिया है। इससे उनमें आक्रोश भी है। यह आक्रोश भड़क गया तो कचरी फिर से सुलग जाएगा। उधर, प्रशासन इस आग को दबाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। उसने रविवार को कुछ महीने पहले हुई घटना के मामले में किसान संतोष पटेल और राजेंद्र पटेल की को गिरफ्तार कर लिया। दानों को करछना थाने ले जाया गया है। गिरफ्तारी से किसानों में और उबाल आ गया है।
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कचरी मामले को लेकर रविवार को कई जनसंगठन भी सामने आ गए हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की अगुवाई में रविवार को बैठक की और किसानों के समर्थन में प्रस्ताव पास किया। बैठक में कर्मचारी संगठन संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति, प्रलेस, स्वराज अभियान, लोहिया विचार मंच, भाकपा (माले), न्यू डेमोक्रेसी, जनसंस्कृति मंच, पुनर्वास किसान कल्याण एवं सहायता समिति, ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, स्त्री मुक्ति संगठन, शहरी गरीब संघर्ष मोर्चा, घरेलू कामगार महिला संगठन, सीपीआई और प्रोग्रेसिव एडवोकेट फोरम सहित कई जन संगठनों ने हिस्सा लिया।
जन संगठनों ने संयुक्त रूप से हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए प्रशासन की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया। बैठक में सैय्यद इम्तियाज अली, उर्मिला जैन, अविनाश कुमार मिश्र, विनय कुमार, डॉ. आशीष मित्तल, संजय पांडेय, केके पांडेय, खुर्शीद नकवी, नरेश सहगल, संतोष कुमार, राजेंद्र प्रसाद, सरिता, अनुराधा, राजेश सचान, अंशुमान सहित कई लोग मौजूद रहे।
कचरी मामले को लेकर बीएसपी विधायक दीपक पटेल ने रविवार को डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। विधायक ने कहा कि कचरी में हो रहे किसानों के साथ अत्याचार से स्थानीय लोगों में रोष एवं आक्रोश है। उन्होंने पुलिस बल की तैनाती पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि लोगों को नजरबंद एवं कैद करके कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए गए हैं। ऐसा तो अंग्रेजों के शासन में ही होता था। उन्होंने नए भूमि अधिग्रहण कानून का हवाला दिया। कहा कि सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मुआवजा किसानों को दिया जाए।
उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों का भी हवाला दिया। कहा कि किसान अपनी जमीन मांग रहे हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई को न्यायालय की अवमानना बताई। कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई जनाक्रोश भड़क सकता है। उन्होंने मामले को फिर विधान सभा में उठाने की बात कही। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य समीर यादव, राजेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान राम लाल पटेल, रामतौल पटेल, रावेंद्र पटेल, गुलाब, राजेंद्र पथिक आदि मौजूद रहे।
करछना के कचरी में पुलिस-प्रशासन के कड़े पहरे में बन रहे पॉवर प्लांट की चहारदीवारी को लेकर उपजी नाराजगी को लेकर किसानों की मदद करने के लिए चर्चित दीनानाथ क्रांतिकारी किसी समय भी आ सकता है। उधर, लाल सलाम के कार्यकर्ता भी पल-पल की सूचना ले रहे हैं। दीनानाथ क्रांतिकारी के आने की सूचना को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। उधर, सर्विलांस के माध्यम से पता चला है कि वर्ष 2011 में हुए कचरी बवाल से पुलिस की हिट लिस्ट में आया राजबहादुर पटेल भी बीस किलोमीटर के ईर्द-गिर्द ही घूम रहा है। तमाम प्रयास के बाद भी पुलिस राजबहादुर तक नहीं पहुंच पा रही है। इसे किसानों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।