फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

सुरों के जादू से मुग्ध करती रहीं मालिनी

Sat, 27 Feb 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 27 Feb 2016 01:03 AM IST
विज्ञापन
त्रिवेणी महोत्सव की चौथी शाम लोकरंगों और शब्दों के नाम रही। बोट क्लब के मंच पर शुक्रवार को लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने लोकरंगों की मिठास और खास अंदाज के साथ श्रोताओं ने नाता जोड़ा। होली गीत खास रहे। उन्होंनेे ‘राम जी के हाथ कनक पिचकरी, लक्ष्मण हाथ अबीरा, अवध में होली खेलै रघुवीरा’ से समां बांधने के बाद  ‘कैसी धूम मचाई कन्हाई रे.’, ‘उड़त अबीर छाई रे, बरजोरी करो न मुझसे होरी पे...’ जैसे गीत सुनाकर सभी को रंगों से सराबोर किया। उनका होरी गीत, ‘कन्हैया घर चलो गुइयां आज खेलें होरी...’ सभी को मंत्रमुग्ध करता रहा। चर्चित गीत ‘सैंया मिले लरकइयां मैं का करूं’ भी खूब सराहा गया।
विज्ञापन


हमारी धड़कनों में बस इलाहाबाद रहता है
त्रिवेणी महोत्सव के दूसरे चरण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के तहत कवियों से विविध रस रंगों से जोड़ा। बतौर अध्यक्ष उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने ‘वो जिनके सरहदो पे सर गए, ये कहना गलत है कि मर गए’ सुनाकर श्रोताओं से संवाद किया। वरिष्ठ कवि बुद्धिसेन शर्मा ने व्यवस्था पर तंज कसा, मछली कीचड़ मे फंसी सोचे या अल्लाह, आखिर कैसे पी गये दरिया को मल्लाह।
विज्ञापन


आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जीवन दर्शन से जोड़ा, आना जाना खोना पाना, तंबू बंबू ताना बनाना/दुनिया एक तमाशा प्यारे, इस मेले मे खो ना जाना। सुपरिचित गीतकार यश मालवीय ने उम्मीद की रोशनी दिखाई, दबे पैरों से उजाला आ रहा है,फिर कथाओं को खंगाला जा रहा है। कवि जयकृष्ण राय तुषार ने सुनाया, नये घर मे पुराने एक दो आले तो रहने दो,वहीं से माँ दीया बनकर के तुमको रोशनी देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ.श्लेष गौतम ने सांस-सांस इलाहाबाद सुनाया, ‘चला जाऊँ कहीं भी दोस्तों दुनिया में मैं लेकिन,हमारी धड़कनों में बस इलाहाबाद रहता है।’ इसी क्रम में डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ.कमलेश द्विवेदी, डॉ.विष्णु सक्सेना,डा.सरिता शर्मा,मनवीर मधुर, अशोक सुन्दरानी, रामेन्द्र त्रिपाठी, सुमन दूबे, कमलेश राजहंस, गौरव कृष्ण बंसल, अखिलेश द्विवेदी,प्रो.स्मिता अग्रवाल, विनय बबुरंग आदि ने भी रचनापाठ कर तालियां बटोरीं। डॉ.रंजना त्रिपाठी ने कार्यक्रम और कवि सम्मेलन का संचालन डॉ.श्लेष गौतम ने किया।

मंच पर आज मुशायरा
त्रिवेणी महोत्सव के मंच पर शनिवार को ऑल इंडिया मुशायरा होगी जिसमें मुनव्वर राना, मंजर भोपाली, पापुलर मेरठी, अना देहलवी, सबा बलरामपुरी,कलीम कैसर आदि रचनापाठ करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed